जयपुर (राजस्थान) → विदिशा (मध्य प्रदेश) → हमीरपुर (उत्तर प्रदेश) → ���खनऊ (उत्तर प्रदेश) → खटीमा (उत्तराखंड) → अलवर (राजस्थान) → चंडीगढ़ → उज्जैन (मध्य प्रदेश)।
देश के हर हिस्से से एक ही तस्वीर..
Gen G के बाद अब Gen Alpha भी सड़कों पर है।
कारण साफ़ है। बड़ों ने सवाल उठाने बंद कर दिए हैं, तो बच्चों ने मैदान संभाल लिया है।
पोल मैनेजमेंट और बूथ मैनेजमेंट में सिद्धहस्त, दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी के लिए शायद यह विषय out of syllabus है।
भोपाल - अनिल के नेत्रों से दो दृष्टिबाधित देखेंगे दुनिया
एमपी नगर निवासी स्वर्गीय अनिल जैन का निधन 15 अक्टूबर को हो गया। रिजुल जैन ने चाचा की अंतिम इच्छा पूरी करते ��ुए उनकी आंखें सेवा सदन नेत्र चिकित्सालय को दान कर दीं।
@CMMadhyaPradesh
@healthminmp
@JansamparkMP
#Bhopal
मप्र राज्य सूचना आयोग द्वारा वर्तमान पदस्थापना के बाद आयुक्तों द्वार�� निरंतर कानून के विपरीत निर्णय पारित किए जा रहे हैं हम सब इसकी भर्त्सना करते हैं। इस रविवार उसी पर चर्चा करेंगे...हालांकि यह चर्चा आगे भी जारी रहेगी। @rahulreports @shaileshgan @AnjaliB_ @DrMohanYadav51
कुछ जलनखोर लोग कहेंगे कि यह भ्रष्टाचार है। दरअसल यह नई टेक्नोलॉजी है। इसमें ऊपर सड़क होती है और नीचे पानी निकालने के लिए टनल। यानी 2 in 1 !
📍ग्वालियर मप्र
ग़रीबी..गाली और गोली !
17 साल का पंकज प्रजापति, 12वीं का टॉपर।ब���्चे का सपना था कि बड़े हो कर IAS बने। बचपन में मां के गुजर जाने के बाद उसकी ग़रीब कुम्हारन दादी ने पाल पोस कर बड़ा किया। राशन लेते समय गांव के दबंगों को गाली देने से रोका तो नेता जी ने पंकज को गोली मार दी।
मध्यप्रदेश के स्किल्ड यूथ के लिए स्वर्णिम अवसर
जर्मनी में करियर बनाने का मौका
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केवल न्यायपालिका ही क्यों? ब्यूरोक्रेट्स की संपत्ति का विवरण अब भी जनता के लिए उपलब्ध नहीं है और केवल आंतरिक रूप से सरकार के साथ साझा किया जाता है। जब पारदर्शिता सुशासन की नींव मानी जाती है, तो सभी सार्वजनिक पदों पर बैठे अधिकारियों पर एक समान नियम क्यों नहीं लागू होते?
जो अधिकारी और जज ये कहते है कि RTI से ब्लैकमेल किया जाता है उनसे मेरा एक सवाल है कि क्या किसी ईमानदार अधिकारी को ब्लैकमेल किया जा सकता है?
मांगी गई जानकारी को वेबसाइट पर डालकर ब्लैकमेलिंग से तो निपटा जा सकता है। पर जानकारी रोककर भ्रष्टाचार को संरक्षण देना समझ से परे है।
ये तस्वीरें याद है? खेत में हूटर लगी गाड़ी। 52 किलो सोना। 9 करोड़ कैश।
अब जो ये मान कर चल रहे है कि इस मामले में लोकायुक्त जाँच में कुछ खुलासा होने वाला है वे भ्रम में है।
3 महीने बाद भी पुलिस कह रही कि आरोपियों का CDR निकालने की तैयारी में हैं तो समझ जाइए जाँच के हाल बेहाल है!
कोर्ट का ये आदेश पढ़िए। बड़ा सवाल है कि थाने में लगे CCTV विवाद होने पर ही खराब क्यों होते हैं?
मुझे कई लोगों ने संपर्क करके CCTV को लेकर मेरे द्वारा जारी आदेश की कॉपी माँगी है जिसे में यहा दे रहा हूं। थाने में प्रताड़ना की स्थिति में यह आदेश आपके बेहद काम आ सकता है।
न्याय अभी बाकी है 🧵1
अतुल सुभाष की दुखद मौत भारत की चरमराती न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
उनकी वह दर्दनाक इच्छा—कि अगर उन्हें ��्याय नहीं मिला तो उनकी अस्थियां अदालत के बाहर गटर में बहा दी जाएं— इस व्यवस्था की सड़न को उजागर करती है।#JudicialReform #JusticeForAtul