AC के रिमोट में इतने सारे Modes क्यों होते हैं और कौन सा Mode कब use करना है?
Cool Mode देगा झट से ठंडक और करेगा गर्मी को टाटा !
Dry Mode - बरसात और coastal area में हीरो! चलाते ही नमी गायब।
Fan Mode में AC का कंप्रेशर बंद हो जाता है, इसलिए बिजली तो बचेगी पर कमरा ठंडा नहीं होगा।
Auto Mode में AC दिन में चलाना स्मार्टनेस है, क्योंकि कंप्रेशर बाहरी Temperature के हिसाब से खुद बंद और शुरू होता है।
Sleep Mode है रात का राजा पर दिन में Useless !
Turbo Mode - 2 मिनट में कमरा antartica बन जायेगा
2011: Dhoni finishes off in style
2021: Toota hai Gabba ka ghamand
2026: And that's the ninth wicket gone. Uh...in fact it looks like it's the tenth. So that's it then.
Shastri bro, you had one job.
#Cricket
Indian Railways has a strange rule: RAC passengers get only half a seat, but are charged the full fare. Why?
If Railways can give only half a seat under RAC, then why isn’t the fare half as well? There is absolutely no negotiation when it comes to money passengers are forced to pay the full amount for incomplete service.
Either RAC should be abolished, or the fare system should be fair.
If two passengers are traveling on one seat, then the fare for that seat should be shared between them, not that both passengers pay full fare for half a seat each.
This is nothing but one-sided exploitation.
Passengers compromise on comfort, space, and dignity but Railways refuses to compromise on revenue.
This is not adjustment.
This is institutionalized loot.
Railways must choose:
👉 Full seat = full fare
👉 Half seat = half fare
Anything else is simply unfair. 🚆🔥 @RailMinIndia@AshwiniVaishnaw@narendramodi
देश के सबसे साफ शहर में गंदा पानी पीने से 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जिस शख्स पर लोगों को साफ पानी पिलाने का जिम्मा है वो सवालों को फोकट बता रहे हैं हमारे सवालों को "घंटे" में उड़ा रहे हैं @manishdekoder@GargiRawat@Abhinav_Pan@sanket
मेरे घर पर राजस्थान पत्रिका अख़बार आता है…
अभी सुबह सुबह मैंने अख़बार खोल के देखा…
सोचा विधायकों के भ्रष्टाचार वाल��� खबर पढ़ते है, क्या कुछ प्रगति हुई है मामले में….!!
लेकिन पूरा अख़बार छान लिया, विधायकों के भ्रष्टाचार वाली खबर का कहीं कोई नामोनिशान तक नहीं था…
माना कि दैनिक भास्कर ने ये स्टिंग ऑपरेशन किया था और खबर ब्रेक की थी…
लेकिन इसका ये मतलब तो नहीं है कि राजस्थान पत्रिका वाले ये खबर छापे ही ना…
आपके प्रतिस्पर्धी ने कोई अच्छा काम किया है तो बजाए द्वेष भावना रखने के आपको उसे प्रोत्साहित करना चाहिए���.!!
ऐसा तो है नहीं कि आपके खबर ना छापने से उस खबर की अहमियत कम हो जाएगी….!!!
@DainikBhaskar @rpbreakingnews @pantlp
आज पचपदरा गाँव में डांगरी रात में शामिल होना था, इसलिए जयपुर से जोधपुर जाने के लिए रोडवेज की बस पकड़ी। संयोग से मैं ड्राइवर के ठीक पीछे वाली सीट पर बैठा था। बर–जैतारण के बीच अचानक ड्राइवर के फोन की घंटी बजी। उन्होंने फोन उठाया, उधर से कुछ सुना और बस ��तना कहा “क्या…?”
अगले ही पल बस की रफ़्तार धीमी हो गई।
मैंने झुककर देखा तो ड्राइवर साहब की आँखों से आँसू बह रहे थे, होंठ काँप रहे थे। घबराकर पूछा
“अंकल, क्या हुआ?”
धीमे स्वर में उन्होंने टूटी हुई आवाज़ में कहा -
“मेरे बड़े भाई… हार्ट अटैक से… चले गए…”
क्षणभर के लिए मैं स्तब्ध रह गया। एक तरफ़ परिवार का अचानक उजड़ जाना… और दूसरी तरफ़ कई यात्रियों की जिंदगियों की ज़िम्मेदारी संभालते हुए स्टेयरिंग पर बैठे ये इंसान।
मैंने कंडक्टर को जगाया, हाल बताया और ड्राइवर साहब से कहा “गाड़ी रोक दीजिए, दस मिनट संभल लीजिए…”
पर उन्होंने आँसू पोंछते हुए सिर्फ इतना कहा—
“नहीं बेटा… सबको सुरक्षित जोधपुर छोड़ दूँ। फिर अंतिम बस से जयपुर लौटूँगा… सुबह दौसा पहुँचना है।”
रास्ते भर उनकी आँखों से आँसू चुपचाप टपकते रहे,
पर हाथ स्टेयरिंग पर डटकर, जिम्मेदारी निभाते रहे।
इतना बड़ा दुख… और इतनी भारी ड्यूटी…
और वे दोनों मोर्चे एक साथ लड़ते रहे बिना किसी शिकायत, बिना किसी हल्ले, बिना बाकी यात्रियों को बताए।
जोधपुर पहुँचने तक किसी को एहसास तक नहीं हुआ कि एक व्यक्ति भीतर से कितना टूटकर भी हम सबको सुरक्षित मंज़िल तक पहुँचा रहा था।
भग��ान दिवंगत आत्मा को शांति दें, परिवार को शक्ति दें।
और इस कर्तव्यनिष्ठा, धैर्य और मानवीय साहस को मेरा शत-शत नमन।
बस नंबर — RJ 14 PD 6758
राजस्थान रोडवेज के इस चालक के लिए सिर्फ सम्मान ही सम्मान है।
मंत्री जी, यदि संभव हो तो ऐसे कर्मयोगी का अवश्य सम्मान किया जाए।
@DrPremBairwa
#Rajasthan