आरक्षण और यूजीसी के मुद्दे पर अपने विचारों और तार्किक जबाबो से सरकार को घुटने पर ला देने वाले दोनों स्वर्ण समाज के सि��ाही और नायक एक साथ।
एक अजीत भारती जी और दूसरे आदित्य राज सिंह जी दोनो भाई बिहार से ही है।
अति सुंदर तस्वीर ❣️
@ajeetbharti
@adityarajmpy
एक जाति की चिंताओं का संरक्षण करते हुए समाज के दूसरे वर्गों के हितों की भी रक्षा की जा सकती है।
मैं जहां अनुसूचित जाति एवं जनजाति के अधिकारों और हितों का संरक्षण करूंगा तो वहीं सामान्य वर्ग एवं ऊंची जाति से आने वाले लोगों की आवाज को भी मजबूती से उठाऊंगा : @iChiragPaswan
इसको अब कैसा बारबरी चाहिए सवर्ण से शादी भी कर लिया। और बिना चुनाव जीते मंत्री भी बना दिये आरक्षण कोटा से अब इसको क्या चाहिए ।
@ajeetbharti@kalisenachief@ARanganathan72
आरक्षण के खिलाफ सवर्ण समाज एकजुट होकर गांव-गांव,गली-गली से निकलिए और राजधानी ( दिल्ली ) में कुंच की तैयारी कीजिये!!
📍जंतर मंतर, दिल्ली!✊🚩
@ajeetbharti@kalisenachief
जो वकील अपने चैंबर में जज बनाने के लिए कुख्यात है, वो भोंसड़ीवाला भी मर्यादा पर ज्ञान चोद रहा है। लाल जंघिए में आर्गुमेंट करने वाले लोग, जिनके इनकम टैक्स के पेपर दीमक चर जाते हैं, वो साले मोरेलिटी का हमें ज्ञान द���ंगे?
साले सही पैसे दूँ तो रिरियाता हुआ ‘जी सर’ बोल कर तू मुझे डिफेंड करने आ जाएगा।
पुनः कहूँगा, जिन हराम के पिल्लों को लगता है कि मेरी (या किसी भी व्यक्ति की) माँ-बहन किसी अनपढ़-गँवार-जातिवादी कीड़े के डिजिटल भोग की विषयवस्तु है, मैं उनकी पिछवाड़े में बाँस डाल कर खड़ा कर दूँगा।
मेरे लिए मेरे परिजनों का सम्मान सर्वोपरि है, और उस पर कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं। चाहे वो भारत का प्रधानमंत्री हो या अमेरिका का राष्ट्रपति, मुझे झाँट भर फर्क नहीं पड़ता तुम्हारी पहचान क्या है।
मैं अपने प्रत्युत्तर में तीक्ष्ण, तीव्र और डिस्प्रपॉर्शनेट ही रहूँगा।
जो लोग सवर्णों की बेटियाँ मांगते थे, जब अजीत भारती ने उसकी बहन बेटी मांग लिया तो चले गए SC/ST ACT में केस करने!!
अबे चादरमोद तुम्हारी बेटी, बेटी है और सवर्णों की बेटी, बेटी नहीं है?
हम अजीत भारती भैया का पूरा समर्थन करते हैं!!
@ajeetbharti
स्वर्ण में 8 लाख से कम कमाने वाले को ठीक है आरक्षण मिला और तुम खूब प्रचार भी कर रहे हो लेकिन जो दलित 8 लाख से जायदा कमाता है या करोड़ पति है उसको आरक्षण मिलना चाहिए ये बोला तुम और मिलना चाहिए तो वो गरीब दलित को कैसे मिलेगा । तुम सब पैसा और टिकट के लिए कितना गिर सकते हो पता नहीं ।