Welcome to My World🔥
Proud to be Hindu 👑
Big Bhakt of Mahakal 🕉️
ॐ नमः शिवाय🙏🏻
खौफ⚔फैला देना मेरे नाम का,
कोई पुछे तो कह देना भक्त लौट आया है,
महाकाल का!
@TeamYouTube
"Hello YouTube Team, I just created a new channel named 'DevaTech Nexus' to share tech-related educational content. Right after creation, it was terminated immediately.
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क्या महिलाओं की सुरक्षा सिर्फ कागज़ों तक सीमित है..?
एक बहन का साहस और सिस्टम की चुप्पी...
एक लड़की ने साहस दिखाया..💪
एक मनचला कई दिनों से उसका पीछा कर रहा था, अ..श्ली..ल टिप्पणियाँ कर रहा था, धमका रहा था...
बहन ने डरने की बजाय डंडा उठाया और उ���े दौड़ा लिया..।
हैरानी की बात ये है कि...?
मौके पर तीन पुलिसकर्मी मौजूद थे...
लेकिन किसी ने कुछ नहीं किया..
लड़की ने ��ीडियो सबूत के साथ शिकायत की पर MP पुलिस ने पूछा, FIR क्यों नहीं करवाई..?
क्या यही है महिलाओं की सुरक्षा?
क्या हमें अपनी इज़्ज़त और सुरक्षा के लिए भी भीख मांगनी पड़ेगी..?
कब तक महिलाएं अकेली लड़ती रहेंगी..?
अब चुप रहना मतलब अन्याय का साथ देना है..।
अगर आपको भी लगता है कि बदलाव जरूरी है,
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आवाज़ उठाइए क्योंकि अगली बार कोई और बहन हो सकती है..🙏🙏
हम आज जो हैं, जितने भी बंधन खुले हैं, जो भी सामाजिक प्रगति हुई है, उसमें उन सामाजिक नायक नायिकाओं का योगदान है जिन्होंने अपने समाज़ की बेहतरी के उद्देश्यों को अपने व्यक्तिगत हितों और जीवन से ऊपर रखा, उनके लिये न सिर्फ़ संघर्ष किया बल्कि त्याग किये, कुर्बानी दी. ऐसे नायकों को अपने हित स्वार्थ में डूबे लोगों ने भुला भी दिया तो भी उनके योगदान की महत्ता कम नही होती. मगर उन्हें याद किया जाना उनके प्रति अपनी कृतज्ञता को दर्शना है.
जिस ��माज ने सदियों स्त्रियों को शिक्षा के लायक नही समझा, जो आज भी लड़कियों की शिक्षा को ज़रूरी नही समझता (girls drop out के आँकड़े देख लीजिए), जो आज भी मानता है कि लड़कियों की शिक्षा उनके दिमाग के बंधन खोल देती है, वो सोचने समझने लगती हैं, अपना भला बुरा पहचानने लगती हैं, फिर वो अच्छी अधीनस्थ बनने योग्य नही रहतीं, ऐसी लड़कियों के साथ गृहस्थी सम्भव नहीं, जिनके हिसाब से जो शिक्षा पुरुषों को बनाती है वही स्त्रियों को बिगाड़ देती है;
एक सदी बाद भी जो समाज स्त्रियों के शिक्षा अधिकारों को कहीं न कहीं ग़ैर ज़रूरी म���नता है, तो उस वक़्त उस बेहद जकड़े हुए समाज मे लड़कियों की शिक्षा के महत्व को समझना और उसके लिये प्रयास करना कितनी बड़ी और मुश्किल पहल रही होगी ये हम सोच नही पाते. फिर भी सावित्रीबाई फुले और फ़ातिमा शेख ने ये अलख जगाई.
आज अगर मैं शिक्षित हूँ तो इसमें उनका बहुत बड़ा योगदान है. हम उनके ऋणी हैं, कृतज्ञ हैं.🙏