आतंकियों और विरोधियों की भाषा अब कांग्रेस बोल रही है… ⚠️
लोकसभा में प्रियंका गांधी द्वारा IIT मद्रास के निदेशक और जाने-माने वैज्ञानिक प्रोफ़ेसर वी. कामकोटि को गौमूत्र एक्सपर्ट कहना केवल एक विद्वान का अपमान नहीं, बल्कि सनातन परंपराओं के प्रति कांग्रेस की नफरत को दर्शाता है। 2019 पुलवामा हमले का आतंकी आदिल डार हो या पाकिस्तान के मंत्री — सबने हिंदुओं और सनातन आस्था को नीचा दिखाने के लिए इसी शब्दावली का इस्तेमाल किया था। आज कांग्रेस नेता भी उसी राह पर चलते दिख रहे हैं।
देश की महान प्रतिभाओं का मज़ाक उड़ाना और हिंदू आस्था को आहत करना ही आज कांग्रेस का मुख्य एजेंडा बन चुका है।
@priyanshu__63 एक भी नहीं जीतेगा क्योंकि अब हरामखोर और देशद्रोहियों सनातन धर्म विरोधियों को विरोधी को वोट देना बंद कर दिया है भारत की जनता ने जगदीश शास्त्री बच्चों के भविष्य की गारंटी लगा वोट उसको मिलेगा
@Nakulkumar12227@Ravinder_ASPK यह सब नौटंकी है तुम्हारा दोगलापन है सब निकाल देगी 2027 में उत्तर प्रदेश की पब्लिक सब देखते हैं और जानती है समझता है पढ़ी लिखी है तुम्हारी तरह जिहादी नहीं
@SavitaK74929291 जब तुम्हें इतनी गर्मी है भीख लेकर चल रहा है तो प्लेन की बात कर रही है और जो चलवा रहा है पैसे देकर वह ट्रेन को ही ना खड़ी कर देगा साइट में मार लेना फिर चला लेना क्या चलाओगे भीख मांगो
@NationalDastak तुम्हारी में खुजली हो रही है तो तुम भी चले जाओ मिटा देगी पुलिस फोर्स अभी तक तो 680 ही पकड़े गए हैं क्योंकि बाकी निकल गए हैं अभी क्योंकि 3000 से 3500 के बीच में ऊपर भी थे उन बच्चों के बीच
@CJP_for_India चुप बैठ गटर के कीड़े अपने इन विपक्षी पार्टियों के बाप को कहे कि बिल पास होने दें 10 करोड़ का जुर्माना और 10 वर्ष की जेल जो पेपर लीक कराए उसको कहेगा नहीं भोsड़ी के भौंकने आ जाता है बच्चों पर लाठी चलवा कर अपनी मां चदाने चला गया बहन के लोड़
@NewsSChaudhary बिल्कुल सहमत हैं जैसे आप हैं वैसे ही अंध भक्त हैं दोनों ही सुनने को तैयार नहीं होते तुम अपने बाप राहुल गांधी के बारे में सुनने को तैयार नहीं होते और वह मोदी जी के बारे में समझे गटर के कीड़े
@KarishmaAziz_ तुम तो ज्यादा ज्ञान नहीं मत दो काले टेंट में लपेटे हुए देखी हैं अपने समाज की औरतें जिहादन एक विवाह करके लाता है विवाह करके क्यों एग्रीमेंट करके पूरा घर चढ़ता है हलाला के नाम पर कहां जाती है तुम्हारा यह स्वच्छ विचार