पत्रकारिता ऐसी होना चाहिए कि पेपर चोर आ'त्म'हत्या करने पर मजबूर हो जाये...
बाकी सरकारी बस का नहीं पेपर चोरी रोकना
एक बार सुनना शुरू करेंगे, अंत तक सुनेंगे
राजस्थान में राज RSS वाले कर रहे, ये खाली मुखौटे हैं
जोधपुर में आज मीडिया से बातचीत की:
अशोक गहलोत का जवाब: देखिए राजनीति में जो है, झूठे आरोप नहीं लगाए जाते हैं। अगर आपके पास तथ्य है, तो उस पर बात करो। किरोड़ी मीणा जी जब सरकार में नहीं थे, तब भी वो लगातार आरोप लगाते थे। उनकी जो प्र���ृति में है कि वो, आंदोलन करते रहते हैं लगातार, आप देखते हो उनको 15-20 साल से। तो एक अलग किस्म का प्राणी हैं वो।
वो पहले भी आरोप लगाते थे अब भी लगा रहे हैं, अनावश्यक है। पार्टी के जो अध्यक्ष होते हैं उनकी एक अलग प्रतिष्ठा होती है। उस पे आप बार-बार चोट कर रहे हो। आरोप लगा रहे हो बिना तथ्यों के। तो आप बता��ए कि पार्टी में रिएक्शन होगा? हमारी पार्टी में रिएक्शन है। डोटासरा जी को खुद को लगता है भाई ये क्या आरोप लगा रहा है वो भी बिना तथ्यों के। हम सब को लगता है। ये किरोड़ी मीणा जी को खुद को सोचना चाहिए, वो क्या किस प्रकार की उनकी अप्रोच है काम करने की है। छापे डाल रहे हैं और छापे के साथ जो जाते हैं लोग उनके, वसूली करते हैं वो। ये तो प्रूव हो गया है। जब प्रूव हो गया है तो कहते हैं कि एसीबी भी दबाव में काम कर रही है।
तो भाई एसीबी तो दबाव में जब से डीजी साहब आए हैं, पहले मैंने कहा ये आदमी तो भला है डीजी। वो पूरी तरह सीएमओ के और सीएम के दबाव में है ये। और इनके जो नीचे अधिकारी है, वो भी इनकी बात नहीं मानते हैं। वो इनको उल्टा दबाते हैं। तो मुझे लगता है कि एसीबी का जो डीजी है, वो खुद परेशान होगा, मेरे ख्याल से जहां तक मैं समझता हूँ या जहाँ तक मेरे पास वहां से रिपोर्ट आती है। वहाँ के जो काम करने वाले अधिकारी कहते हैं ना कि भाई ��्या हो रहा है हमारे यहाँ? स्थिति एसीबी की बहुत भयानक खराब है। दबाव में काम हो रहे हैं। मुख्यमंत्री जी को ऑबलाइज करने के लिए फैसले हो रहे हैं। आईओ कह रहा भाई ये मुल्जिम नहीं बनता हमारा। और ऊपर से कहते हैं डीजी साहब और जो दबाव आता है उनके ऊपर, नहीं आप इनको अरेस्ट करो। ऐसा मैंने आज तक कभी देखा नहीं। तीन-तीन बार हम भी मुख्यमंत्री रहे हैं। एसीबी में कोई पंचायत नहीं करनी चाहिए किसी को भी। यहाँ पंचायते��� नहीं हो रही हैं। आईओ कह रहा भाई ये अरेस्ट नहीं हो सकता है क्योंकि इसमें कोई केस नहीं बनता। आप इसको अरेस्ट कीजिए। अरेस्ट हुए भी हैं, जिनमें महेश जोशी भी हैं।
आईओ ने मना किया। वो ऑलरेडी द्वारा वैसे ही केस में अरेस्ट हो चुके थे। यहाँ वापस अरेस्ट कर लिया, क्या मजाक बना रखी है? क्या मुख्यमंत्री को दिखता नहीं है कि ये क्या हो रहा है? उनका खुद का नाम आता है कि दबाव आता है। शायद आरएसएस वालों का आता होगा�� आरएसएस के दबाव होने के बाद में मुख्यमंत्री हथियार ��ाल देते हैं। राज आरएसएस कर रहा है ये तो मुखौटे हैं खाली। मुझे लगता है कि राजस्थान के अंदर आजकल जो ये लोग राज करते हैं ये मुखौटे बने हुए हैं। राज आरएसएस वाले कर रहे हैं। ट्रांसफर, पोस्टिंग, करप्शन सब वहीं से डायरेक्शन आते हैं। हालात बड़े गंभीर हैं राजस्थान के। ऐसी इनकी स्थिति बनेगी इस बार राजस्थान की, जनता जो है वो जागरूक है। ये कुछ भी कर लें, ये मुख्यमंत्री बदल देंगे ना, तब भी कुछ नहीं होने वाला ��ै, अगली बार सरकार बदल के रहेगी। थैंक यू।
जिसे शिक्षा का श नहीं आता.. वो शिक्षा मंत्री
जिसे उच्च शिक्षा का ज्ञान नहीं.. वो उच्च शिक्षा मंत्री
जो किसानों से धोखा करे.. वो कृषि मंत्री
और जिसे किसी विषय पर कुछ नहीं पता.. वो मुख्यमंत्री!
RSS के इस मॉडल ने राजस्थान का बेड़ागर्क कर दिया। आज़ादी के वक्त जब शस्त्र उठ���ने की बारी थी, तो ये लोग अंग्रेजों की मुखबिरी कर रहे थे और आज विश्वविद्यालयों में शिक्षा व शोध की जगह शस्त्र पूजन कर रहे हैं।
वोट BJP मांगती है.. लेकिन राज RSS का चलाता है। थर्ड ग्रेड का टीचर 'भाईसाब' के आशीर्वाद से प्रिंसिपल का ट्रांसफर कर रहा है, क्या हालात बन गए हैं।
मंडावा के नवीन को झुंझुनूं पुलिस द्वारा यह वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने के कारण गिरफ्तार कर लेना और उनका मोबाइल जब्त कर लेना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
जिस वीडियो को आधार बनाकर उन्हें गिरफ्तार किया गया, उसमें एक तरफ़ RSS की शाखा दिखाई दे रही है और दूसरी तरफ़ मेहनत करते बच्चे। क्या अब किसी सामाजिक वास्तविकता को दिखाना अपराध है? क्या किसी विचार या संग���न पर सवाल उठाने का अधिकार भी नागरिकों से छीन लिया ��ाएगा?
मंडावा के नवीन की तत्काल रिहाई होनी चाहिए, साथ ही प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर किस कानूनी आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
कोटा, आप कमाल थे।
यकीन मानिए, कल हमने मिलकर इतिहास की शुरुआत की।
हज़ारों छात्र मैदान में थे, लाखों लोगों ने ऑनलाइन देखा - और देश को पहली बार खुलकर पता चला कि शिक्षा के नाम पर कितनी बड़ी वसूली चल रही है।
लेकिन यह तो सिर्फ़ शुरुआत है। कोटा में जो लौ जली है, उसे अब पूरे देश में बदलाव की मशाल बनाना है। और इस सफ़र में आपकी जगह तय है।
अपने सुझाव भेजिए। Petition पर अभी Sign कीजिए।
#ChhatronKiGoonj
मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार के दबाव एवं सुनियोजित षड्यंत्र के तहत कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन ख़ारिज करने के विरोध में भोपाल में कांग्रेस परिवार द्वारा आयोजित उपवास में।
@INCIndia@kharge@RahulGandhi@kcvenugopalmp@INCMP
सुश्री मीनाक्षी नटराजन जी का राज्यसभा नामांकन खारिज किए जाने की मैं कड़ी निंदा करती हूँ। यह निर्णय न केवल कई गंभीर सवाल खड़े करता है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर भी चिंताएं बढ़ाता है।
जिस आधार पर उनका नामांकन रद्द किया गया, उससे जुड़े मामले में न तो कोई FIR दर्ज है और न ही कोई प्रकरण न्यायालय में लंबित है। केवल एक नोटिस जारी होने के आधार पर नामांकन खारिज कर देना न केवल असंगत प्रतीत होता है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है। जब नामांकन पत्र में ऐसी सूचना देने का कोई स्पष्ट प्रावधान ही नहीं है, तो फिर इस आधार पर उम्मीदवार को चुनावी मैदान से बाहर करना कैसे उचित ठहराया जा सकता है?
लोकतंत्र में राजनीतिक मुकाबला जनसमर्थन और मतों के आधार पर तय होना चाहिए, न कि ऐसी प्रक्रियाओं के माध्यम से जिनसे निष्���क्षता पर सवाल उठें। यदि विपक्षी उम्मीदवारों को चुनावी प्रक्रिया से बाहर करने के लिए इस प्रकार के कदम उठाए जाते हैं, तो यह लोकतांत्रिक संस्थाओं पर जनता के विश्वास को कमजोर करता है।
आज यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या भाजपा और चुनाव आयोग “वोट चोरी” के आरोपों से आगे बढ़कर अब “सीट चोरी” कर रहे हैं? लोकतंत्र के संरक्षकों का दायित्व लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना है, न कि ऐसे निर्णयों के जरिए उन्हें संदेह के घेरे में लाना।
सुश्री मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन खारिज किया जाना केवल एक व्यक��ति या एक सीट का मुद्दा नहीं है। यह लोकतंत्र, निष्पक्ष चुनाव और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का प्रश्न है। ऐसे निर्णयों की निष्पक्ष समीक्षा और पारदर्शी जवाबदेही आवश्यक है, ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास बना रहे।
@MNatarajanINC @RahulGandhi @INCIndia
हमारे सभी दस्तावेज पूरी तरह सही थे, लेकिन भाजपा और चुनाव आयोग पहले से ही यह तय करके आए थे कि साम, दाम, दंड, भेद अपनाकर कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन निरस्त करना है।
भाजपा सरकार ने पहले पूरी पटकथा लिखी और फिर च���नाव आयोग को उसी के अनुसार चलाकर नामांकन निरस्त करवा दिया।
पूरा देश देख रहा है कि किस प्रकार नरेंद्र मोदी और भाजपा लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं।
मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन खारिज किया जाना लोकतंत्र की आत्मा और संविधान की मर्यादा पर सीधा प���रहार है।
मीनाक्षी नटराजन जी के विरुद्ध कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। मात्र एक नोटिस को ��धार बनाकर, सत्ता के दबाव में इस प्रकार की कार्रवाई यह दर्शाती है कि भाजपा अब लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा से नहीं, बल्कि संस्थाओं के दुरुपयोग के सहारे राजनीतिक लड़ाई लड़ना चाहती है।
हम इस अन्याय के विरुद्ध हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे। यह केवल मीनाक्षी नटराजन जी या कांग्रेस पार्टी की लड़ाई नहीं है, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और देश के हर उस नागरिक की लड़ाई है जो निष्पक्ष चुनाव और स्वतंत्र संस्थाओं में विश्वास रखता है।
देश देख रहा है कि किस प्रकार सत्ता के अहंकार में लोकतांत्रिक परंपराओं को कुचला जा रहा है। लेकिन इतिहास गवाह है कि सत्ता के बल पर सच को दबाने की हर कोशिश अंततः जनता की अदालत में पराजित हुई है। संविधान से बड़ा कोई नहीं है, और लोकतंत्र की हत्या करने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।
500 करोड़ की उगाही, 2.44 करोड़ की रिश्वत में गिरफ्तारी!
क्या लूटा है राजस्थान को.. कृषि मंत्री किरोड़ी लाल जी के साथ कार्रवाई करने वाले रिश्वत लेते गिरफ्तार।
प्यादे जेल जा रहे हैं, लेकिन जनता जानना चाहती है कि इस खेल के असली खिलाड़ी कौन हैं?
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, केवल गिरफ्तारी नहीं, पूरी चेन का खुलासा होना चाहिए।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं भारतीय युवा कांग्रेस के पूर्व प्रभारी श्री सूरज हेगड़े जी के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुःखद और स्तब्ध करने वाला है।
सूरज जी ने संगठन के प्रति पूर्ण निष्ठा, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया। युवा कांग्रेस में उनकी भूमिका केवल एक संगठनात्मक जिम्मेदारी तक सीमित नहीं थी, बल्कि उन्होंने अनेक युवा कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन कर उनमें कांग्रेस की विचारधारा, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसेवा के प्रति समर्पण की भावना ���िकसित की।
उनका असमय जाना कांग्रेस परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों, मित्रों और उनके सभी शुभचिंतकों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति दें।
भावपूर्ण श्रद्धांजलि। 🙏🏻
Dear Prime Minister,
I am writing to request for a debate in Parliament on NEET tomorrow.
Our aim is to engage constructively in the interest of 24 lakh NEET aspirants who deserve answers.
I believe that it would be fitting if you were to lead this debate.
INDIA गठबंधन की बैठक में सभी दलों ने 5 बिंदुओं पर अपनी सहमति जताई है। हम इन मुद्दों पर डटकर काम करेंगे 👇🏼
1. ये सहमति बनी कि SIR और मतदाता सूची में हेरफेर तथा चुनाव की निष्पक्षता के संबंध में भारत के मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र भे��ा जाएगा।
ये पत्र उन्हें शीघ्र ही सौंपा जाएगा।
2. लाखों छात्रों को प्रभावित करने वाले अनेक गंभीर मुद्दों की स्थिति को देखते हुए ये सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शिक्षा मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
ऐसा इसलिए क्योंकि उनके कार्यकाल में NEET और CBSE परीक्षाओं में लाखों युवाओं के साथ विश्वासघात हुआ है। नतीजा है कि आज लाखों युवा सड़कों पर खड़े हैं।
3. वर्तमान में बढ़ती गंभीर आर्थिक स्थ��ति, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, अत्याचार और किसानों के मुद्दों को हम उठाते रहेंगे।
केंद्र सरकार को जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर एक सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए, जिसमें हम इन सारे मुद्दों को उनके सामने रखेंगे।
4. INDIA गठबंधन के सभी दल हर दो महीने में बैठक करेंगे। हमारी अगली बैठक अगस्त में हैदराबाद में होगी।
5. मानसून सत्र के दौरान संसदीय समन्व�� जारी रहेगा और हर सुबह नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय में समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी।
: कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge
📍 दिल्ली
सरकार पहले बीज ���म्पनियों पर जांच के नाम पर छापे मारती है और फिर अपने लोग भेजकर उनसे करोड़ों की वसूली करती है; भाजपा राज में इसे ही "जीरो टॉलरेंस" कहा जाता है!
आज ACB ने राजस्थान राज्य बीज निगम के डायरेक्टर जुगल किशोर विश्नोई और उसके रिश्तेदार को ₹2.43 करोड़ की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। ये वही लोग हैं जो कार्रवाई में उपस्थित रहे थे l
सरकार की छापेमारी भ्रष्टाचार रोकने के लिए हो रही थी या उगाही करने के लिए?
म��ख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी बताए कि इस भ्रष्टाचार और उगाही की डोर आखिर कहां तक जुड़ी है? और इसकी निष्पक्ष जाँच कार्रवाई जाए l @RajCMO
प्रदेश के कृषि विभाग व बीज निगम में करोड़ों रुपये के नकली बीज घूसकांड का ACB द्वारा भंडाफोड़ होना बेहद चिंताजनक है। जो अधिकारी कृषि मंत्री के साथ अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर 'छापेमारी' का नाटक कर रहे थे, वे ही बैकडोर से करोड़ों की वसूली व ब्लैकमेलिंग का सिंडिकेट चला रहे थे।
इस पूरे मामले की कड़ियां बहुत ऊपर तक जुड़ी हुई प्रतीत होती हैं। बिना उच्च स्तरीय संरक्षण के अधिकारियों में इतनी बड़ी उगाही का साहस नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री जी से मांग है कि किसानों के हितों से कुठाराघात करने वाले इस नेक्सस में स्वयं कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा जी तक की भूमिका की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए, जिससे सच प्रदेश की जनता के सामने आ सके।
भाजपा सरकार के संरक्षण में डकैती...
कल मैंने कहा था कि कृषि विभाग में छापेमारी की आड़ में कमीशनखोरी और उगाही का खेल चल रहा है। आज ACB ने राजस्थान राज्य बीज निगम के डायरेक्टर जुगल किशोर विश्नोई और उसके रिश्तेदार स्वतंत्र ज्याणी को 2.43 करोड़ की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया है।
चौंकाने वाली बात ये है कि ये रिश्वतखोर ब���कानेर व सीकर के अलावा जोधपुर, भीलवाड़ा और श्रीगंगानगर में भी छापेमारी के दौरान कृषि मंत्री किरोड़ी लाल जी के साथ थे। जोधपुर और सुजानगढ़ में भी कार्रवाई के नाम पर करोड़ों रुपए ऐंठने की बात सामने आ रही है।
अब स्पष्ट हो गया है कि कृषि मंत्री के साथ और उनका आदेश लेकर जो लोग कार्रवाई का चेहरा बनकर घूमते थे, वही करोड़ों की सौदेबाज़ी करते पकड़े गए हैं।
सीकर से बीकानेर और श्रीगंगानगर तक भ्रष्टाच��र के मामलों के उजागर होने के बाद ये भी साफ प्रतीत हो रहा है कि कृषि विभाग की छापेमारी का असल मकसद कार्रवाई का डर दिखाकर उगाही करना था। राजस्थान में कार्रवाई, डर और धमकी के नाम पर छापेमारी की आड़ में 500 करोड़ रुपए की उगाही किए जाने के गंभीर आरोप हैं।
कृषि मंत्री के साथ कार्रवाई करने वाले अधिकारी करोड़ों रुपये की रिश्वत लेने का साहस कर रहे थे, तो ये पैसा आखिर कहां तक पहुंच रहा था? क्या इसकी डोर ऊपर तक जुड़ी हुई है? या फिर मंत्री जी इस भारी भ्रष्टाचार से बेखबर थे?
तस्वीर साफ हो चुकी है… पहले मंत्री जी के साथ छापेमारी, फिर सेटिंग और उगाही! कृषि मंत्री @DrKirodilalBJP जी, आखिर भ्रष्टाचार का ये खेल किसके संरक्षण में चल रहा था?
किसानों को नकली खाद बा��टकर, व्यापारियों से सौदेबाज़ी करने वालों को राजस्थान कभी माफ़ नहीं करेगा। यह केवल भ्रष्टाचार का मामला नहीं, बल्कि अन्नदाता के विश्वास के साथ किया गया विश्वासघात है।
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराइए। जनता जानना चाहती है कि इस भ्रष्टाचार के इस खेल में और कौन-कौन शामिल है। @RajCMO
सार्थक 18 साल का है - पर सोच, साहस और सिद्धांत में किसी से कम नहीं।
उसने और उसके साथी निसर्ग ने वो कर दिखाया जो देश के बड़े मीडिया हाउस, खोजी पत्रकार नहीं कर पाए - CBSE और COEMPT की मिलीभगत को देश के सामने रख दिया।
मोदी जी चाहते हैं हमारे युवा reels बनाते रहें, पकौड़े तलते रहें, सवाल न पूछें, आँखे��� न खोलें। पर इन बच्चों ने सवाल भी पूछे। और जवाब भी ढूँढ निकाले।
देश का 18 साल का बच्चा CBI से तेज़ निकला - नौजवानों की ये जीत सही मायने में सरकार की हार है।
यही है भारत की असली युवा शक्ति - जिज्ञासु, जागरूक, जानकार। और याद रखिए, देश का भविष्य किसी बहकावे में नहीं आएगा।