नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से हुई जनहानि की खबर अत्यंत दुखद है। इस त्रासदी में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं।
घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और प्रभावित परिवारों को इस कठिन समय से उबरने की शक्ति मिलने की प्रार्थना है।
इस संकट की घड़ी में भारत, प्रधानमंत्री श्री @NarendraModi जी के नेतृत्व में, नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है और हरसंभव मानवीय सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।
10 Years of UPI
10 Years of Digital Transformation!
From a vision of a Digital India to becoming a global leader in digital payments, UPI has transformed how India pays, transacts and does business.
A proud achievement of PM Sri @narendramodi Ji’s Government’s Digital India vision making payments faster, simpler and more accessible for every Indian.
#10YearsofUPI
Those like Rahul Gandhi. who talk about patriarchy keeps mum on
4 wives,
triple talaq, monly men can give Talaq,
Hizab is must,
Meharam &
Halala.
As far as Manu Smriti is concerned there is no original book available only the edition of William Jones who claimed to have translated in around 1785 from where , No original text he provided.
So the party established by A O Hume which had several British officers and MPs as its president in the initial 25 years like William wedderburn , George Yule Alfred webb who assumed power by taking oath from viceroys is now trying to play the same template now it is has changed from
‘Divide and rule’ to ‘divide and destroy’
Now see what Nehru , Gandhi even Dr. Ambedkar said about Manu Smriti and when it was published with support of Government.
Rahul is proving his elders wrong.
My interview on this issue with @IndiaToday TV.
मैं राजनीतिक और मनुस्मृति, दोनों की बात बताता हूं। राहुल गांधी सरासर झूठ बोलते हैं। हकीकत ये है। ये ‘Dismantling Global Hindutva’ के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।
मैं पूछना चाहता हूं राहुल गांधी से ये पितृसत्तात्मक संस्कृति जैसा संस्कृतनिष्ठ शब्द कहाँ से आया ?
पर कभी मर्दुम अजीम रवायत सुनी है?
चार बीवी क्या है ?
तलाक का अधिकार सिर्फ पुरुष को। चुप।
हलाला से महिला पवित्र हो जाती है। चुप।
मेहरम पता है क्या होता है? हमारी सरकार आने से पहले मेहरम वो होता था कि इस्लामी मान्यता के अनुसार घर से बाहर अगर महिला निकले तो किसी पुरुष की छत्रछाया में होना चाहिए। मेहरम हमने खत्म किया। मेहरम चुप।
इस व्यक्ति की हकीकत देखो। जो कहता है हिजाब होना बहुत अच्छा है, मगर हिंदू धर्म में महिलाओं को समानता नहीं है। मैं चैलेंज करके कहता हूं, दुनिया में जितने भी धर्म और मजहब हैं, उनमें भगवान सबको कुछ न कुछ इंट्यूशन देते हैं, भगवान की कृपा होती है। ये पुरुष पर ही क्यों होती है, महिला पर क्यों नहीं?
सिर्फ भारतीय संस्कृति ऐसी है, जहां वेदों में 22 ऋषिकाएं हैं अपाला, लोपामुद्रा, मैत्रेयी, संध्या।
फैक्ट:
मनु स्मृति पर महात्मा गांधी, नेहरू, डा। अंबेडकर ने क्या कहा और इंदिरा गांधी जी के जमाने में क्या छपा।
ये आदमी अपने पिता को, दादी को, नेहरू को, गांधी जी को गलत साबित करने में लगा है।
ये लोग समाज के अंदर भारत के विरुध्द वैश्विक षड्यंत्र ‘Dismantling Global Hindutva’, जो 2021 में अमेरिकन यूनिवर्सिटी में बना था, इसके बाद जब इन्होंने कास्ट पर लड़ाने का विषय शुरू किया, हेनरी लूसी फाउंडेशन, मार्च 2021, फिर उसके बाद 2022!से तमिलनाडु में कॉन्फ्रेंस शुरू हुई ‘Eradication of Sanatan Dharma’।
अब महिलाओं की बात आई है। अगर 4 करोड़ आवास मिले हैं प्रधानमंत्री जी के कार्यकाल में तो 3 करोड़ गरीब महिलाएं उसमें खुद मालिक बनकर बैठी हैं। 55 करोड़ जनधन अकाउंट में 60% महिलाएं हैं। ड्रोन दीदी, लखपति दीदी, कैबिनेट मंत्रिमंडल में महिलाएं और एयरफोर्स व डिफेंस सर्विसेज में परमानेंट कमीशन मिला है तो हमारे जमाने में मिला है।
आज तक जवाब दे दें। मैं चैलेंज करके कहता हूं राहुल गांधी कहो गांधी गलत थे, नेहरू गलत थे, डा अंबेडकर गलत थे, मेरी दादी गलत थी, सब गलत बोल रहे थे। मेरा आविर्भाव हुआ है अपने पूर्वजों व परिवार की बेइज़्ज़ती करे व भारत में अराजकता उत्पन्न करने के लिए।
@Shubhamshuklamp सब जानते हैं इस पर किसका वरदहस्त है, यहाँ तक यू पी कुछ अधिकारी इसकी फंडिंग करते हैं, वर्तमान राजनीति में बहुत गंदगी समा गई है केवल चुनाव जीतना एक मात्र साधन बन गया है !
@yati_Official1 इस छछूंदर का मतलब साफ़ है कि इसको राजनीति करनी है, नेता बनना है केजरीवाल की तरह और ऐश करनी है महलों का आनंद लेना है ! स्कूलों पर असल में ध्यान देना है तो जहाँ पैदा हुआ उसके दस किलोमीटर के दायरे में जो स्कूल हों वहाँ जाकर सेवा कर !
@BharatX20 ये सब ड्रामा है जनता को दिखाने का,किसी भी अधिकारी के बारे में उनका ऑफिस उक्त अधिकारी की पसंद और नापसंद सब जानता है उसी अनुरूप सब कार्य होते हैं तौलिया डाल कर हटाना एक पीआर स्टंट है और कुछ नहीं !
स्कूलों के भवनों को लेकर हाए तौबा मचाये हुए हैं परंतु अस्सी करोड़ फ़्री राशन पर कोई सवाल नहीं, इस प्रकार अन्य योजनाएं फ़्री की चल रहीं है,जब सारा धन फ्री योजनाओं में चला जाएगा तब विकास योजनाएं कैसे चलेंगी ! शिक्षा,स्वास्थ्य के अलावा देश में कुछ भी फ्री नहीं होना चाहिये!
लाखों दर्शकों से कहता हूँ, जाकर कोई फैक्ट-चेक करे। 1896 के कोलकाता कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार वंदे मातरम् गाया गया, जिसकी अध्यक्षता मुस्लिम नेता रहमतुल्लाह अहमद सयानी ने की।
वहाँ से लेकर 1923 तक कभी कोई आपत्ति नहीं हुई। 1923 के अधिवेशन में तो उस समय मोहम्मद अली जौहर ने उसकी अध्यक्षता की थी उन्होंने आपत्ति की फिर भी पूरा गाया। झूठ बोलते हैं ये लोग।
मैं पूछना चाहता हूँ, 1896 से 1937 तक हर बार कांग्रेस पूरा गा रही थी, तो 1937 में क्या हुआ जो काट दिया?
मुस्लिम लीग और जिन्ना ने कहा कि आपको यह वंदे मातरम् काटना पड़ेगा, आप एक के बाद एक सरेंडर कर रहे थे। 1905 में बंग-भंग के बाद उस समय सारे हिंदू-मुसलमान एक होकर वंदे मातरम् गाते थे, मगर ये कट्टरपंथियों के आगे झुक गए।
1916 के लखनऊ कांग्रेस अधिवेशन में मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन क्षेत्र माँग लिया। फिर उनकी हिम्मत और बढ़ी।
फिर 1920 में इन्होंने कहा,
टर्की का खलीफा हट गया है, तो अब हम टर्की के खलीफा के लिए आंदोलन करेंगे और महात्मा गांधी ने अली का समर्थन किया।
उनकी हिम्मत और बढ़ गई। उसके बाद जिन्ना ने कहा, मैं महात्मा गांधी को महात्मा नहीं बोलूँगा। इसलिए हर फिल्म में मिस्टर गांधी बोलता है।
फिर उसने कहा, मैं वंदे मातरम् नहीं गाऊँगा और मैं इनको बताना चाहता हूँ, कोई दर्शक जाकर चेक करे।
6 अप्रैल 1938 को नेहरू को जिन्ना ने एक लेटर लिखा और Selected Works of Jawaharlal Nehru, Series One, Volume 22, Page Number 230 से 239 में लिखा है। क्या शर्मनाक लेटर लिखा है। लिखते हैं, हमने वंदे मातरम् हटा दिया है। पॉइंट नंबर नौ पर। फिर उसके बाद लिखते हैं, पॉइंट नंबर 12 पर, अगर आपको तिरंगे से आपत्ति है, तो हम मुस्लिम लीग के भी झंडे को बराबर सम्मान देने को तैयार हैं। और पॉइंट नंबर सात पर लिखते हैं, मुसलमानों को सरेआम गोहत्या करने का अधिकार होगा। क्या गजब का सरेंडर किया नेहरू ने।