जीवन में कोई न कोई कसक तो रह ही जाती है। इंसान अपने सबसे बुरे और सबसे अच्छे दिनों में अपने सबसे करीबी व्यक्ति को याद करता है।
वर्ल्ड कप जीते तो, विवाहित खिलाड़ियों में
रोहित शर्मा की पत्नी आईं उन्होंने रोहित को हग किया।
सूर्यकुमार यादव की पत्नी आईं उन्होंने सूर्या को हग किया।
विराट कोहली ने अपनी पत्नी को वीडियो कॉल किया।
रविंद्र जड़ेजा की पत्नी आईं उन्होंने जड़ेजा को हग किया
मगर
हार्दिक पांड्या जो अपने बुरे दिनों से निकलते हुए एक नए आसमान में प्रवेश किया, न तो इसके बुरे दिनों में कोई था जो उसे सांत्वना देता और न ही कल उसके पास कोई था जिसके गले लगकर वो खुशी में ज़ोर से रोता।
Hardik Pandya 🫂 💔
30 runs needed of 30 balls
If India 🇮🇳 wins will give $300 to any random winner 🏆
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Jay Shah, The man, the myth, the legend
अपनी काबिलियत के दम पर BCCI के सेक्रेटरी बने जय शाह जी ने राजकोट में एक कार्यक्रम में महीनों पहले ही एक कागज़ पर शुद्ध हिन्दी पढ़ते हुए कह दिया था कि
2023 में लगातार 10 मैच की जीत के बाद भले ही हमने वर्ल्ड कप नहीं जीता लेकिन हमने दिल जीता लेकिन
मैं आपको प्रोमिस करना चाहता हूं कि
रोहित शर्मा की कप्तानी में 2024 में बारबाडोस में हम ज़रूर भारत का झंडा गाढ़ेंगे।
समझ रहे हो न, इसे कहते हैं टैलेंट! जय शाह जी का दिमाग़ वक्त से पहले चलता है😃😃
आज 1 जुलाई से देशभर में तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनयम लागू हो जाएंगे।
भारतीय न्याय संहिता 2023 BNS 356 धाराए
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023
BNSS-533 धाराए
भारतीय साक्ष्य संहिता 2023 BSA-170 धाराए
पुलिस राज पुलिस होगी प्रभावशाली
90 दिन में चार्जशीट
90 दिन की पुलिस रिमांड
1100 दिन में सजा
कुछ छोटे अपराध में सामाजिक सार्वजनिक सेवा का सजा के रुप में प्रावधान
धारा 150 पुलिस राज जबरदस्त धारा अघोषित आपातकाल से भी अधिक खतरनाक है
नया कानून राजद्रोह के अपराध को पूरी तरह से निरस्त करता है। हालांकि, इसमें राज्य के विरुद्ध अपराध का प्रावधान है। इसकी धारा 150 भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्यों से सबंधित है।
भारत की संप्रभुता या अखंडता को खतरे में डालने वाले किसी भी व्यक्ति को अधिकतम आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। वहीं, मॉब लिंचिंग और नाबालिग से दुष्कर्म में शामिल लोगों को अधिकतम मौत की सजा दी जा सकती है। हत्या के जुर्म के लिए सजा-ए-मौत या आजीवन कारावास की सजा होगी। दुष्कर्म में शामिल लोगों को कम से कम 10 साल की जेल या आजीवन कारावास की सजा होगी और सामूहिक दुष्कर्म के लिए कम से कम 20 साल की कैद या उस व्यक्ति के शेष जीवन के लिए कारावास की सजा होगी।
बिल के अनुसार, यदि किसी महिला की बलात्कार के बाद मृत्यु हो जाती है या इसके कारण महिला लगातार बेहोश रहती है, तो दोषी को कठोर कारावास की सजा दी जाएगी, जिसकी अवधि 20 वर्ष से कम नहीं होगी, लेकिन जिसे आजीवन कारावास के लिए बढ़ाया जा सकता है।
बिल के अन्य खास प्रावधान
नागरिक किसी भी पुलिस स्टेशन में जीरो एफआईआर दर्ज करा सकेंगे, चाहे उनका अधिकार क्षेत्र कुछ भी हो।
जीरो एफआईआर को क्षेत्राधिकार वाले पुलिस स्टेशन को अपराध पंजीकरण के बाद 15 दिनों के भीतर भेजा जाना अनिवार्य होगा।
जिरह अपील सहित पूरी सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से की जाएगी।
यौन अपराधों के पीड़ितों के बयान दर्ज करते समय वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी।
सभी प्रकार के सामूहिक बलात्कार के लिए सजा 20 साल या आजीवन कारावास।
नाबालिग से बलात्कार की सजा में मौत की सजा शामिल है।
एफआईआर के 90 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से चार्जशीट दाखिल की जाएगी। न्यायालय ऐसे समय को 90 दिनों के लिए और बढ़ा सकता है, जिससे जांच को समाप्त करने की कुल अधिकतम अवधि 180 दिन हो जाएगी।
आरोप पत्र प्राप्त होने के 60 दिन के भीतर अदालतों को आरोप तय करने का काम पूरा करना होगा।
सुनवाई के समापन के बाद 30 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से फैसला सुनाया जाएगा।
फैसला सुनाए जाने के सात दिन के भीतर अनिवार्य रूप से ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा।
तलाशी और जब्ती के दौरान वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी।
सात साल से अधिक की सजा वाले अपराधों के लिए फोरेंसिक टीमों को अनिवार्य रूप से अपराध स्थलों का दौरा करना होगा।
जिला स्तर पर मोबाइल एफएसएल की तैनाती होगी।
सात साल या उससे अधिक की सजा वाला कोई भी मामला पीड़ित को सुनवाई का अवसर दिए बिना वापस नहीं लिया जाएगा।
संगठित अपराधों के लिए अलग, कठोर सजा।
शादी, नौकरी आदि के झूठे बहाने के तहत महिला के बलात्कार को दंडित करने वाले अलग प्रावधान।
चेन / मोबाइल स्नैचिंग और इसी तरह की शरारती गतिविधियों के लिए अलग प्रावधान।
बच्चों के खिलाफ अपराध के लिए सजा को सात साल से बढ़ाकर 10 साल की जेल की अवधि तक।
मृत्युदंड की सजा को कम करके अधिकतम आजीवन कारावास में बदला जा सकता है, आजीवन कारावास की सजा को कम करके अधिकतम सात साल के कारावास में बदला जा सकता है और सात साल की सजा को तीन साल के कारावास में बदला जा सकता है और इससे कम नहीं।
किसी भी अपराध में शामिल होने के लिए जब्त किए गए वाहनों की वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी।
महत्वपूर्ण जानकारी :~
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अगर आप दो पहिया, चार पहिया या अन्य कमर्शियल वाहन के चालक हैं तो रोड पर वाहन चलाते समय अपने निम्नांकित अधिकारों की जानकारी आपको होनी चाहिए,
• कोई भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी न तो आपके साथ मारपीट कर सकता हैं एवं ना ही गाली दे सकता हैं। साथ ही आपको अनावश्यक रूप से परेशान भी नहीं कर सकता एवं न ही पैसे की मांग भी कर सकता हैं। अगर कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी ऐसा करता हैं तो इसकी शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, पुलिस हेल्पलाइन एवं क्षेत्रीय पुलिस थानें में लिखित रूप से अवश्य करें।
• अगर सड़क पर ट्रैफिक पुलिस आपको रोककर कागजात दिखाने की मांग करती है तो आप साफ तौर पर मना कर सकते हैं। इतना ही नहीं आप उसकी शिकायत सीनियर अथॉरिटी से भी कर सकते हैं। ट्रैफिक कानून के मुताबिक, एक एसआई या उससे ऊंचे पद के अधिकारी को ही आपके कागजात मांगने का अधिकार है।
• किसी भी ट्रैफिक पुलिस को आपको गिरफ्तार करने या आपका वाहन जब्त करने का अधिकार नहीं है। बल्कि वह पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल पेपर्स (पीएसयू) की मांग नहीं कर सकता क्योंकि यह अधिकार केवल आरटीओ अधिकारियों का है। यदि आप किसी यातायात कानून का उल्लंघन करते हैं तो कांस्टेबल को आपके वाहन से चाबी छीनने का कोई अधिकार नहीं है।
• ट्रैफिक कानून का उल्लंघन करने पर केवल सब-इंस्पेक्टर (वन स्टार), सब-इंस्पेक्टर (टू-स्टार) और पुलिस इंस्पेक्टर (थ्री-स्टार) ही आपसे जुर्माना वसूल सकते हैं। (भारतीय मोटर-वाहन अधिनियम, धारा 132)
• अगर आपने सिग्नल तोड़ा है, सीट की छमता से ज्यादा लोग गाड़ी में बैठे हैं, माल ढोने वाली गाड़ी में सवारियां भर रखी हैं, शराब पीकर या नशे की हालत में गाड़ी चला रहें हैं, मोबाइल पर बात करते या फिर तेज रफ्तार में गाड़ी चलाते पकड़े जाने की स्थिति में ट्रैफिक पुलिस को आपका लाइसेंस जब्त करने का अधिकार है।
• अगर आप ट्रैफिक कानून का उल्लंघन करते हुए पकड़े जाते हैं तो आप पर जुर्माना लगाया जाता है। लेकिन इससे अधिक 100 रुपये आप पर लगाना केवल एक एसआई या एसआई का अधिकार है। हेड कांस्टेबल आप पर 100 रुपये से अधिक जुर्माना नहीं लगा सकता है और कांस्टेबल को आप पर जुर्माना लगाने का कोई अधिकार नहीं है।
• अगर कोई ट्रैफिक पुलिस बिना ड्रेस पहने आपका चालान काटती है तो उसे ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है। एक बात आपको जाननी चाहिए कि कांस्टेबल से लेकर एसआई तक सफेद रंग की पोशाक पहनते हैं, और ट्रैफिक इंस्पेक्टर और उच्च पद के अधिकारी खाकी पोशाक पहनते हैं।
• वाहन चलाते समय अपना वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी), बीमा प्रमाणपत्र और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीएसयू) और ड्राइविंग लाइसेंस हमेशा अपने पास रखें। एक बात आपको पता होनी चाहिए कि चेकिंग के दौरान डिजी लॉकर के डॉक्यूमेंट्स भी ऑरिजनल के तरह मान्य होंगे।
• किसी विशेष परिस्थित को छोड़कर ट्रैफिक पुलिस को आपको अरेस्ट करने या आपके वाहन को जब्त करने का अधिकार नहीं है।
• अगर आपने गर्दन से ऊपर यानी कान या किसी अन्य जगह पर सर्जरी कराई है या आप पगड़ी पहनने वाले सिख समुदाय से हैं तो आपके लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य नहीं है।
(नोट : संविधान एवं कानून द्वारा प्राप्त अपने अधिकरों के विस्तृत जानकारी हेतु आज ही एनसीआईबी मुख्यालय के अधिकारिक पेज हैंडल @NCIBHQ को फॉलो करें। धन्यवाद)
As a Crypto Trader you are attracting number of taxes.
30% Flat Tax, 4% Cess, 1% TDS, 18% GST, No set off loss, no deduction for cost of acquisition.
As a Crypto Trader we are taking all the risk but today GOI is making more than the Crypto Trader - that too risk free.
- Crypto version 😂
->We pay tax on money we make
->We pay tax on money we spend
->We pay tax on things we own
->We pay tax on things which we use that was made from our taxes !
This person has spoken the thoughts of our heart... which Nirmala Sitharaman couldn't reply... When it comes to crypto.. it's like a GUNDA TAX... 30% flat tax without considering rich or poor, and no loss setoff... 1% TDS is an arrow that strikes traders xxxx, India Govt., mend your ways... if you truly want to eradicate poverty. 😖
The pain of a tax paying middle class 💔
Someone asked
“Govt is making more than the broker”
Watch Nirmala Sitaraman reaction on hearing those questions.
Even she knows “Banda bht sahi bol raha hai”
The ending is more hilarious 🤣
#Trading#Investing#Taxes#Middleclass
▶️ @chartians ने यह वीडियो शेयर किया है जहां पर एक ब्रोकर ने वित्तीय मंत्री से बोला कि सरकार ट्रेड पर इतने टैक्स ले रही है कि वह ब्रोकर से ज्यादा कमा रही है। सारे टैक्स देने के बाद उस पैसे से अगर घर लेने जाए तो फिर उसपर जीएसटी, स्टेम ड्यूटी दे कर फिर टैक्स?? वित्तीय मंत्री निरुत्तर साथ ही प्रसन्न भी क्योंकि वह जानते हैं कि सरकार क्या कर रही है? जोखिम पैसा लगाने वाले का और 30% टैक्स ले कर सरकार खुश क्योंकि इन्हें हमने चुना है 🙂🙂
IS THIS A DEMOCRACY?
❌ Varanasi: @ShyamRangeela not allowed to contest elections against Modi
❌ Gandhinagar: 3 Candidates threatened and not allowed to contest against Amit Shah
❌ Surat: 8 candidates withdrew and seat won by BJP without any elections
भारतीय क्रिप्टो समुदाय को न तो 5 किलो मुफ्त राशन चाहिए और न ही मुफ्त बिजली, हमें सही टैक्स और रेग्युलेशन चाहिए @narendramodi जी 🙏।
क्रिप्टो क्षेत्र भारतीय युवाओ को रोजगार के बड़े अवसर के साथ-साथ ब्लॉकचेन क्षेत्र में भी विश्व नेतृत्व में अग्रणी बना सकता है और सरकार के राजस्व को भी काफी मजबूती दे सकता है। जितना विदेशी निवेश भारत में क्रिप्टो और ब्लॉकचेन को मिल सकता है इतना शायद ही किसी और क्षेत्र को मिले। यह तभी सम्भव है जब भारत सरकार इस क्षेत्र को सही तरह से समझे और सही टैक्स व नियम लाए।
टैक्स कम करिए प्रधानमंत्री जी🙏 राशन और बिजली फ्री कब तक मिलेगी??
कोरोना के बाद हार्ट अटैक से होने वाली मौतों की हजारों वीडियो सामने आईं, लेकिन हमारे महान प्रधानमंत्री ने आज तक संज्ञान नहीं लिया. अब ब्रिटिश कोर्ट में कोविशील्ड वैक्सीन बनाने वाली कंपनी ने एक्सेप्ट किया है कि हाँ वैक्सीन से blood clots हो सकता है. मतलब इसके चलते व्यक्ति में ब्रेन स्ट्रोक, कार्डियक अरेस्ट होने की आशंकाएं बढ़ जाती हैं. भारत में कोविशील्ड बनाने वाले सीरम इंस्टिट्यूट ने भाजपा को 50 करोड़ का चुनावी चंदा भी दिया था, चंदा बुरी बात नहीं है, बुरी बात ये है कि हजारों लोगों की मौत के बाद भी सरकार ने एक कमिटी तक नहीं बनाई. लोग कीड़े मकोड़ों की तरह मारे जा रहे हैं और प्रधानमंत्री चुनावी रैलियों में मुगलों और मंगलसूत्र की बात कर रहे हैं.