माननीय @DhirendraGBN जी के नेतृत्व म���ं नेफ़ोवा प्रतिनिधिमंडल ने घर देने और रजिस्ट्री की मांग को लेकर माननीय @CMOfficeUP @myogiadityanath जी से मुलाक़ात की।
मुख्यमंत्रीजी ने कहा है कि उनकी पहली प्राथमिकता घर ख़रीदारों के अधिकारों को दिलाना है, उसके बाद अथॉरिटी और बिल्डर हैं।
#AmrapaliBuyers को लूटने वाला शातिर अनिल शर्मा जो फ़र्ज़ी मेडिकल रिपोर्ट से जमानत पर था आज सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल आधार पर मिली ��मानत को एक्सटेंड करने से मना कर दिया. खुद को ग्लूकोमा/लीवर का मरीज बताने वाला #अनारदाना बार में कई बार शराब पीते देखा गया था. @dir_ed @DelhiPolice
हम घर खरीददारों के साथ खड़े रहने के लिए धन्यवाद।
हमेशा की तरह एक बार फिर हमारी पीड़ा समझकर आज विधानसभा मे उठाने हेतु हम सभी कृतज्ञ हैं।
चौतरफा निराशा के दौर में हमारे लिए @DhirendraGBN जी लौ बनके खड़े हैं आपकी इस सहृदयता का आभार व्यक्त करने के लिए हमारे पास शब्द नहीं हैं।
सोसाइटी में सुविधा के बदले मानहानि के नोटिस से गुस्साए @Greens2society निवासियों ने @PanchsheelBuild के खिलाफ मोर्चा खोला और बिल्डर को चेताया कि निवासी उसके नोटिस से डरने वाले नहीं। लोकतान्त्रिक तरीके से सुविधाएँ ना मिली तो निवासी अपना फ्लैट @myogiadityanath जी को दान करेंगे।
घर खरीददारों के हक की आवाज उठाने वाले नेफोवा के @dipankar_18 को अपनी सोसाइटी में इंटरनेट सेवा एवं बेसिक सुविधाओं की मांग उठाने पर @PanchsheelBuild द्वारा नोटिस भेज कर डराने की कोशिश की गई.किसकी शह पर ये बिल्��र इतनी मनमानी करता है! वैसे हमारे सदस्य ऐसे नोटिस से रत्ती भर नहीं डरते.
घर खरीदारों को ठगने के साथ-साथ यह मेडिकल रिपोर्ट में भी जालसाजी किया है,इसकी तत्काल जांच होनी चाहिए.क्योंकि यह निर्लज्ज इतना खतरनाक आदमी है जो बाहर रहकर आम्रपाली के प्रोजेक्ट में चल रहे काम को भी प्रभावित करवा सकता है. @IndrishGupta@barandbench@amitguptaHR
जिस व्यक्ति को ग्लुकोमा एवं मेडिकल कॉम्प्लिकेशन के कारण सुप्रीम कोर्ट द्वा��ा जमानत दी गई वह पार्टी करता फिरे?सूचना के अनुसार कुछ दिन पहले लेजर वेली विला में ये मक्कार अपने चहेते के गृह प्रवेश में शामिल होने आया था.इसकी जमानत तत्काल खारिज होनी चाहिए. @Mihirlawyer @OfficialNBCC
आम्रपाली बायर्स के मुद्दे हों या फिर चाहे इनके क्षेत्र में बीते 8 सालों में घर खरीदार कितना भी परेशान हो, इनका पहला मकसद अस्पतालों की शृंखला खोलना ही रहा. फिर आज अचानक इनको घर खरीदारों की याद आ गई क्या ये अजीब सा नहीं लगता है?
फिर सवाल नन्दी जी से पूछा जाएगा तो उनका जवाब आएगा ब्याज ज्यादा है. तो कहानी का सार यही है की बिल्डर लॉबी के हित की रक्षा कैसे हो जिसके लिए माननीय जी को 8 वर्षों के बाद घर खरीददारों की चिंता शुरू हुई है.
क्रोनॉलॉजी समझिए,
सुप्रीम कोर्ट से विपरित ऑर्डर आने के बाद,बिल्डर interest के issue पर CEO और योगी जी से रियायत मांगने गए.दोनों में से कोई भी बिल्डर से नहीं मिले.फिर ये लोग पहुंचे माननीय जी के पास,जिन्होंने खरीदारों को ढाल बनाकर ये मुद्दा उठा दिया.
दिल्ली हाई कोर्ट के जज साहब का बहुत-बहुत आभार कि उन्होंने आम्रपाली के पूर्व प्रमोटर अनिल शर्मा की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया.क्योंकि ये धूर्त आम्रपाली के काम चल रहे प्रोजेक्ट पर अडंगा लगाने में कुछ ना कुछ तिकरम लगाएंगे ही. @dir_ed@EOWDelhi@PMOIndia@Mihirlawyer
अतः हम सभी आम्रपाली बायर आपसे करबद्ध निवेदन करते हैं कि हम पहले से पीड़ित हैं कृपया और ना सताएं तथा बार बार फ्लैट कैंसल की धमकी ना दें,क्योंकि अब उसका फर्क नहीं पड़ता है.इसलिए घर दिलवाने में हम लोगों की मदद करें. @PMOIndia@CMOfficeUP@FinMinIndia@noida_authority@narendramodi