नियमितीकरण की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों सामुदायिक स्वास्थ���य अधिकारी (CHO)
राजस्थान में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) का आंदोलन तेज हो गया है। प्रदेशभर से करीब 3000 से अधिक CHO जयपुर में एकत्र होकर नियमितीकरण, स्क्रीनिंग प्रक्रिया शुरू करने और मूल जॉइनिंग तिथि 27 मार्�� 2022 मानने की मांग कर रहे हैं। धरने पर बैठे स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि वे पिछले चार वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और उप स्वास्थ्य केंद्रों पर लगातार सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज भी संविदा कर्मी के रूप में कार्य कर रहे हैं।
प्रदर्शन कर रहे CHO का आरोप है कि उनकी मूल जॉइनिंग तिथि 27 मार्च 2022 थी, लेकिन विभाग द्वारा इसे बदलकर जुलाई 2023 कर दिया गया, जिससे उनके करीब दो वर्षों ��ी सेवा अवधि प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि सरकार ने तीन वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर नियमितीकरण का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक न तो नियमितीकरण के लिए कोई प्रक्रिया शुरू की गई और न ही स्क्रीनिंग को लेकर कोई नोटिफिकेशन जारी हुआ।
राजस्थान एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (RACHO) ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मं��्री को ज्ञापन सौंपकर करीब 9700 संविदा CHO के हितों से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग की है। संगठन का कहना है कि कोरोना काल से लेकर आज तक CHO ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं और लाखों लोगों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचा रहे हैं।
CHO ने नियमितीकरण के साथ-साथ NHM नियमों के अनुसार लॉयल्टी बोनस और सेवा सुरक्षा की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाएं देने के बावजूद उन्हें स्थायित्व और कैरियर सुरक्षा नहीं मिल पाई है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेती है तो इससे न केवल हजारों स्वास्थ्यकर्मियों का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं भी और अधिक मजबूत होंगी। अब सभी की नजर राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के अगले कदम पर टिकी हुई है।
राजस्थान के मौजूदा चिकित्सा मंत्री @GajendraKhimsar ने बताया कि
CHO को उप स्वास्थ्य केंद्रों पर इसलिए लगाया गया है ताकि “हर गांव के पास गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा” उपलब्ध हो सके और लोगों को छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दूर अस्पताल न जाना पड़े।
#PermanentCHOs
#CHOs हर दिन OPD, NCD, आयुष्मान कार्ड, ई-संजीवनी, लैब सेवाओं से लेकर हर स्वास्थ्य सेवा की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
जब हर दायित्व स्थायी है तो सेवा सु��क्षा अस्थायी क्यों?
मांग:- कैडर निर्माण एवं नियमितीकरण।
#PermanentCHOs
@PMOIndia @JPNadda @BhajanlalBjp
@the_pankajyadav
माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी चिकित्सा मंत्री @GajendraKhimsar जी राजस्थान में कार्यरत CHOs की मांग है कि CSR नियम की 2 वर्ष की शिथिलता का गजट नोटिफिक���शन जल्दी जारी हो
और जल्दी से जल्दी परमानेंट पोस्ट पर स्क्रीनिंग होकर CHO का नियमितीकरण करो
#CSR_2Years_Relaxation_Gazette
माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, माननीय उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री @KumariDiya जी, माननीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री @GajendraKhimsar जी कृपया हमारी मांगों पर अमल करें:
✅ 2 वर्ष की शिथिलता का गजट नोटिफिकेशन जारी करो
✅ 4800 ग्रेड पे लागू करो
✅ CHO का नियमितीकरण करो
माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी,माननीय उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री @KumariDiya जी,माननीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री @GajendraKhimsarराजस्थानके9500+CHOका17दिवसीय आंदोलनकाशंखनादहोचुका है
प्रथमचरण:-काली पट्टी अभियान!
सेवा बंद नहीं करेंगे,पर हक भी मांगेंगे
@the_pankajyadav
वर्दी में साइकिल दौड़ाते हुए कोई और नहीं बल्कि राजस्थान के आईपीएस - आईजी ANTF विकास कुमार हैं - जिन्होंने गाड़ी से नहीं साइकिल से दफ्तर जाना शुरू कर दिया है —
@IPS_Association
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने जनता के साथ साथ मोदिजी को भी उल्लू बना दिया !!
उनके अनुसार वे मोदीजी की डीजल बचाने की अपील पर ट्रेन से यात्रा करके अजमेर पहुंची है ,लेकिन कुछ खुरापाती लोगों ने ��नकी गाड़ी को अजमेर हाईवे पर देख लिया !!
अब भला आप ट्रेन से आओ या पैदल ,आपकी गाड़ी तो
कितना दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी जो कि आयुष्मान भारत योजना के आधार है उनको संविदा पर नौकरी दी जाती है एवं परमानेंट का वायदा करके दर दर की ठोकरों के लिए छोड़ दिया जाता हैं।
हमारा सरकार से आग्रह है कि जल्द से जल्द #CHO_को_परमानेंट_करो#MLHP_CHO_4800_