गर्दनीबाग धरनास्थल पर सातवें वेतनमान की म��ंग पर शिक्षकों की भारी भीड़।
आज रविवार है आप सभी 2 घंटे 4 घंटे का समय निकालकर धरना पर जरूर बैठे।
इतिहास याद रखेगा जब शिक्षकों के लिए सबसे बड़ी लड़ाई लड़ी जा रही थी, उस वक्त आप क्या कर रहे थे?
सातवां वेतनमान के लिए हो रहे संघर्ष में हमारा संघर्ष जारी है। रात्रि में भी अपनी मांगों को लेकर बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ लखीसराय जिला अध्यक्ष श्री गोविन्द कुमार एवं महासचिव श्री शुभम कुमार धरना स्थल पर यथावत बने हु��� हैं। जब तक सरकार लिखित आश्वासन नहीं देती है तब तक यह धरना समाप्त नहीं होगा।✌️✊️🇮🇳🙏
2 अक्टूबर (गांधी जयंती) से जारी हमारा अनिश्चितका��ीन सत्याग्रह तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार हमारी जायज़ मांगों को पूरा नहीं करती।
राष्ट्र निर्माताओं को फिक्स 'चाइनीज वेतनमान' नहीं, पूर्ण 7वां वेतनमान चाहिए!
#7thPayForBiharTeachers
@Team_BRVAS @btetctet
#BRVAS_Madhepura
पाँच शिक्षक… दो दिनों से भूखे हैं।
आखिर किसके लिए?
अपने परिवार के लिए?
अपने निजी स्वार्थ के लिए?
नहीं… हम सबके हक, सम्मान और भविष्य के लिए।
जब पाँच शिक्षक दो दिन से अन्न का एक दाना तक त्यागकर सड़क पर बैठे हैं, तब क्या हम अपने घरों में बैठकर सिर्फ सोशल मीडिया पर पोस्ट और कमेंट करके अपनी जिम्मेदारी पूरी कर सकते हैं?
आज वे पाँच हैं, कल यह लड़ाई हमारी भी हो सकती है।
वेतनमान केवल कुछ रुपये बढ़ने का सवाल नहीं है।
यह शिक्षक के सम्मान, अधिकार और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है।
साथियों, आंदोलन किसी एक संगठन का नहीं—शिक्षकों के हक की लड़ाई है।
जिसके पास समय है, वह आंदोलन स्थल पर पहुँचे।
जिसके पास आर्थिक सामर्थ्य है, वह सहयोग करे।
जिसके पास दोनों नहीं हैं, वह कम-से-कम अपनी आवाज बुलंद करे।
लेकिन चुप मत रहिए।
पाँच शिक्षक भूखे हैं…
क्या हमारी संवेदनाएँ भी भूखी हो गई हैं?
अब वक्त घर बैठकर तमाशा देखने का नहीं है।
वक्त है मैदान में उतरने का।
🔥 आइए, आंदोलन को मजबूत करें।
✊ आइए, अपने साथियों का हाथ थामें।
📢 आइए, वेतनमान की आवाज को बुलंद करें।
आज नहीं तो कब?
हम नहीं तो कौन?
बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ
शिक्षक कल्याण संघ
मेरी माँ की 2 महीने पहले मौत हो गई, मैं उन्हें नागपुर में हॉस्पिटल में लेकर था, यहाँ मेरे प्लॉट पर जाने के लिए दी गई सड़क को ही भू माफिया बेच दे रहे हैं…….और फफक-फफक कर रो पड़ा ये फौजी।
प्रीतम द्विवेदी सेना में हैं। लोन लेकर प्लॉट लिया। प्लॉट के लिए जो सड़क दी गई थी भू माफिया अब उसी क�� प्लॉटिंग कर रहे हैं।
भारत माँ का ये सेवक अपनी माँ की दवा करवा रहे थे, तब ये पाप किया गया। मामला MP के रीवा का। इन्हें न्याय कौन दिलवाएगा?