आज मेरी बेरोज़गारी का अंतिम दिन है...
आज मैं अपने पिताजी के साथ एव��़ चराने आया हूं।
भेड़-बकरियाँ चराते हुए खड़ा एक व्यक्ति नहीं व्यवस्थाओं का विश्वास है। मिट्टी की सोंधी खुशबू, धूप की हल्की आँच और जीवन का सादा-सा सच सामने है।
जब सरकार पूर्ण पारदर्शिता के साथ, बिना किसी पेपर लीक के, निष्पक्ष परीक्षाओं का आयोजन करती है, तब उसकी रोशनी दूर-दराज़ की ढाणियों तक पहुँचती है। तब छांग चराते एक साधारण पशुपालक के घर भी सरकारी नौकरी की खुशियाँ दस्तक देती हैं।
यह केवल एक नियुक्ति नहीं, बल्कि टूटते विश्वास का फिर से जुड़ना है ईमानदारी की जीत और उम्मीदों की पुनः उद्घोषणा।
आज यह एहसास शब्दों से बड़ा है; यह बताता है कि मेहनत अब भी रंग लाती है, और सपने कठिन रास्तों के बाद भी पूरा होने का साहस रखते हैं।
आज इस भाई के बेरोजगारी का अंतिम दिन है कल यह राजस्थान पुलिस Join करेगा...
सलेक्शन के लिए यह मायने नही रखता की आप कौनसे परिवार से आते हो सलेक्शन केवल मेहनत मांगती है...
अब ना पेपर लीक ना फर्जीवाड़ा केवल मेहनत के दम पर सलेक्शन हो रहा है...मेहनत करो सलेक्शन लो।
अब बेटियों को विदा करने की कोई जरूरत नही हैं।कानून वाले दूल्हे आयेगें ओर घर से छीनकर ले जायेगे।
बेटी पढाओ बेटी भगाओ स्कीम चल रही है।
सबकी बेटिया पढ रही है कोई नीट की तैयारी कर रही है तो कोई कालेज जा रही है।वो दिनभर कालेज में स्कूल में कोचिंग सेंटर में किसके सम्पर्क में आती है मां बाप पता नहीं रख सकते है।
कोई उनको प्यार के न��म पर बहला फुसला के ले जाता है।मां बाप रोते रहते है पीछे कानून वाले लाड साहब आते है सुरक्षा देकर छपरियो के साथ भेज ��ेते है।
हाल ही एक घटना घटी लड़की को ससुराल भेजा पर वो उस लड़के के साथ नही रही।अपने छपरी बायफ्रेंड से अपने पति को कॉल करवाती है ओर वो धमकी देता है कि हाथ लगाया तो भरे बाजार में मार दूँगा।ये मेरी है
लड़का बहुत अच्छा ओर संस्कारी था डर गया किसी को नहीं बताया ओर शांत हो गया।
कुछ दिन बाद वो उस छपरी के साथ भाग गई जो स्मैक डोडा तस्करी करके झूठी शान दिखाकर स्कूल टाइम में लड़की को फांस ले गया।
असल में ���ो दोस्तों की कार मांग के लाता था छपरी स्टाइल में फोटो अपलोड करता ओर झूठा दिखावा करता।घर में उसके खाने के लाले थे।उम्र भी पूरी बालिग नही लड़के की।
जिससे शादी की थी लड़की के मां बाप ने वो बेहद सुंदर संस्कारी ओर पढाई करने वाला लड़का था अच्छा घर परिवार था पर छपरी के साथ भाग के ज़िं��गी खराब कर दी खुदकी ओर उस लड़के की भी जिससे शादी की
लड़कियों को समझ होती तो कम से कम ऐसे छपरी के साथ नही भागती।मां बाप बहुत अच्छा सोचते है तभी तो पैदा करके पालते पोछते है।
ये दिन देखना हर मां बाप के लिए मौत से बुरा होता है ।
सरकारो को ये देखना चाहिए कि या तो आप वेस्टर्न कल्चर को लागू कर दो पूरे देश में जहा कोई रोक टोक नही।धाप के फूहड़ता होने दो।परिवार ओर समाज का ताना बाना खत्म कर दो।
मां बाप को वृद्धाश्रमो में पालने को मजबूर कर दो जैसा इटली ओर अन्य यूरोपियन देशों में होता है।वहां कोई अपनो की देखभाल नहीं करता।
बहुत से लोग ये घटना देखकर अपनी बेटियो को पढाने से डर रहे है।
सरकार की क्या मंशा है इस बिलखतीं मां के लिये महिला आयोग क्या सुरक्षा देगी य ज़िंदगी पर तानों से ही मरना है घुट घुट कर।
लड़कियों का घर से भागकर शादी करना….
माँ बाप को पहचानने से इंकार करना…
परिजनों से जान का ख़तरा बताना…
घर पर पुलिस बुलाकर खुलेआम घर से चले जाना…
ये सब चीज़ें कैसे रुकेगी…..??
इन सब चीजों का क्या सटीक इलाज है…??
"मुझे आपत्ति है गोडसे का नाम लेने में, गोडसे RSS का विरोधी था, गोडसे RSS की अखबार में आलोचना करता था, क्या दुनिया को ये कहना चाहते है कि गांधी जी के हत्यारे सत्ता में आ रहे है : स० श्री अटल बिहारी"
#GandhiJayanti
शायद चयन बोर्ड को पहली बार ऐसा अध्यक्ष मिला है जो स्टूडेंट के साथ में बैठकर इस तरीके से बात करते हैं, और उनकी समस्या को जानकर उनका निपटारा करते हैं, साथ ही साथ सोशल मीडिया के माध्य�� से तमाम सूचनाएं समय पर देते हैं और इनके डायलॉग तो... ☺️😍
शानदार @alokrajRSSB जी
पूर्व मंत्री जी...
रतन देवासी जी को अकेला ना समझे, उनके साथ पूरी समाज व रानीवाड़ा की सतीश कॉम की जनता खड���ी है
जनता के चुने हुए विधायक की आवाज को आप दबा नहीं सकते
विरासत से तय नहीं होंगे सियासत के फैसले ,
उड़ान तय करेगी की आसमान किसका होगा!..
@RatanDevasiINC
#ratandewasi