संघी सत्ता के नशे में पागल हो गये हैं।
ये RSS का विचारक संगीत रागी है, देश में म���दी राज है तो इसको लगता है जिसको जो चाहेगा बोलेगा देखिए कैसे RJD प्रवक्ता @priyanka2bharti को “दो टके” का बोल रहा है, हालाँकि प्रियंका ने तुरंत इसका इलाज किया।
करीब 300 सांसद शांतिपूर्ण धरना करना चाहते हैं, लेकिन पहले दिन हमें चुनाव आयोग के दफ्तर के पास रोका गया।
फिर दूसरे दिन हमें जंतर-मंतर जाने से रोका गया और हम��रे लोगों को मारा।
सच्चाई ये है कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने Criminal Conspiracy करके देश को हाईजैक किया है। संविधान को नष्ट किया और वोट चोरी की है।
They (Amit Shah, Narendra Modi, Mohan Bhagwat and Gyanesh Kumar) will be brought to justice. This is our guarantee, and you will see it happen.
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
📍 दिल्ली
👉अनशन कारी अभी भी अनशन पर है।
👉चार दिन से अन्न का एक दाना नहीं खाया है उन क्रांति कारियों ने। 😭
कोई शिक्षक मौज कर रहे हैं घर में बैठ कर हमलोग वैकुफ है 😡
@mkrtiwari_bjp
7वें वेतनमान के लिए 4 दिन से अनशन चल रहा है। कितने UP वाले शिक्षक अनशन पर बैठे हैं? या कितनी UP की रीलबाज शिक्षिकाएं अनशन स्थल पर पहुंची?
इनको बस पूर्ण वेतनमान चाहिए ��ेकिन आंदोलन में हिस्सादरी - नील बटे सन्नाटा!
कुछ दिन पहले खूब नारे लगे थे—
“मेरे सर में दर्द है, इसका कारण मर्द है…”
“एक सुत्ता, दो चाय, मर्द जात हाय-हाय…”
इन नारों पर बिहार की कई महिला शिक्षिकाओं ने खूब वीडियो बनाए, खूब शेयर भी किया।
तब नार��� लगाने में खूब मजा आ रहा था… है ना?
लेकिन आज जब वेतनमान के लिए असली लड़ाई सड़क पर लड़ी जा रही है, तो वही आवाजें अचानक शांत क्यों हो गईं?
अब सिर में दर्द नहीं हो रहा?
अब “मर्द जात हाय-हाय” वाला नारा याद नहीं आ रहा?
बहनों, यह लड़ाई सिर्फ पुरुष शिक्षकों की नहीं है।
वेतनमान का लाभ आपको भी मिलेगा, आपके परिवार को भी मिलेगा। फिर संघर्ष में आपकी हिस्सेदारी क्यों नहीं?
रील बनाने का समय है, वीडियो बनाने का समय है, नारे लगाने का समय है—
तो वेतनमान के नाम पर एक वीडियो बनाने और आंदोलन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का समय क्यों नहीं है?
आपको बुलाया जा रहा है।
आइए, अपनी आवाज खुद बनिए।
सिर्फ नारा लगाना है या अपने अधिकार के लिए लड़ाई भी लड़नी है?
क्योंकि इतिहास गवाह रहता है—
अधिकार मांगने वालों को भीड़ याद नहीं रखती, अधिकार के लिए सड़क पर उतरने वालों को याद रखती है।
वेतनमान की लड़ाई में आपकी भी हिस��सेदारी है।
अब नारा नहीं… मैदान में आइए।
— बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ (BRVAS)
🚨 सभी शिक्षक साथियों से विशेष अपील 🚨
📣📣📣📣📣📣
साथियों, कल का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। अब सिर्फ आंदोलन की खबर देखने, अपडेट पढ़ने या इंतजार करने का समय नहीं है। अब मैदान में उतरने का समय है।
सभी शिक्षक साथी कल का CL अवश्य अप्लाई करें और ज्यादा से ज्यादा संख्या में पटना, गर्दनीबाग पहुँचें।
एक दिन का CL हमारी इस लड़ाई में हौसले का काम करेगा, साथ ही आज का आपका साथ आने वाली पीढ़ियों के वेतन��ान का रास्ता जरूर मजबूत कर सकता है।
कुछ साथी कई दिनों से घर-परिवार छोड़कर, अपनी सुविधाएँ छोड़कर आंदोलन में डटे हुए हैं। यह संघर्ष केवल कुछ लोगों का नहीं, हर उस शिक्षक का संघर्ष है जिसे वेतनमान का अधिकार चाहिए।
इसलिए कल कोई बहाना नहीं—
एक CL वेतनमान के नाम लगाइए,
एक दिन संघर्ष के नाम दीजिए,
और अपनी उपस्थिति पटना में दर्ज कराइए।
🔥 कल संख्या बड़ी होनी चाहिए।
✊ कल शिक्षक शक्ति दिखनी चाहिए।
📍 क��� पटना पहुँचना है।
अभी नहीं तो फिर कभी नहीं।
वेतनमान के लिए संघर्ष जारी रहेगा—वेतनमान लेकर रहेंगे!
#BRVAS #वेतनमान #BiharTeachersNeed7thPay
@
*आज अनशन का चौथा दिन है...*
BRVAS आज भी धरना स्थल पर डटा हुआ है।
बहुत लोग आए, फोटो खिंचवाए और चले गए...
*लेकिन BRVAS शिक्षकों के सम्मान और उनके हक की लड़ाई के लिए आज भी मैदान में खड़ा है।*
अब बारी आपकी है...
जो लोग आपके हिस्से की लड़ाई लड़ रहे हैं, उन सभी संघर्षशील साथियों का हौसला बढ़ाते रहिए।
आपका एक कदम, एक संदेश और आपका समर्थन—
संघर्ष कर रहे साथियों के लिए बड़ी ताकत है।
*आवाज़ दो, हम एक हैं — BRVAS*
@Team_BRVAS@Anish97098@psthakur96@Bihartet19@btetctet@karankashyap90
*आज अनशन का चौथा दिन है...*
BRVAS आज भी धरना स्थल पर डटा हुआ है।
बहुत लोग आए, फोटो खिंचवाए और चले गए...
*लेकिन BRVAS शिक्षकों के सम्मान और उनके हक की लड़ाई के लिए आज भी मैदान में खड़ा है।*
अ�� बारी आपकी है...
जो लोग आपके हिस्से की लड़ाई लड़ रहे हैं, उन सभी संघर्षशील साथियों का हौसला बढ़ाते रहिए।
आपका एक कदम, एक संदेश और आपका समर्थन—
संघर्ष कर रहे साथियों के लिए बड़ी ताकत है।
*आवाज़ दो, हम एक हैं — BRVAS*
समान कार्य के लिए समान वेतन—यह हमारा अधिकार है, कोई कृपा नहीं।
सरकार वेतनमान की मांग पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेकर वर्षों से लंबित न्याय सुनिश्चित करे। @Anish97098@btetctet@samrat4bjp
क्रांतिकारी शिक्षक साथियों के नाम एक संघर्ष-पत्र
बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ के क्रांतिकारी साथियों,
लगातार हमारे BRVAS के साथी गर्दनीबाग में डटे हु�� हैं। कोई आता है, कुछ समय रुकता है और वापस चला जाता है, लेकिन BRVAS के साथी लगातार संघर्ष की जमीन पर ��मे हुए हैं।
जो साथी दिन-रात वहां मौजूद हैं, अपने घर-परिवार से दूर रहकर संघर्ष कर रहे हैं—आप सभी का हृदय से धन्यवाद। लेकिन साथियों, लड़ाई अभी बाकी है।
हमें सिर्फ समर्थन के शब्द नहीं चाहिए।
हमें संघर्ष की जमीन पर साथी चाहिए।
हमें सरकार को यह बताना है कि शिक्षक अपने अधिकार के लिए खड़ा होना जानता है। इसलिए जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती, तब तक अधिक से अधिक साथी गर्दनीबाग पहुंचें।
महिला शिक्��िकाएं SL लगाकर आएं।
पुरुष शिक्षक CL लगाकर आएं।
अपने आप से सिर्फ एक सवाल पूछिए—
क्या एक CL/SL हम अपने वेतनमान के संघर्ष के नाम नहीं कर सकते?
जिस वेतनमान का लाभ मिलने पर हम वर्षों तक अपना परिवार चलाएंगे, उसके लिए क्या हम एक दिन का अवकाश भी नहीं दे सकते?
आज दुनिया को बता दीजिए—
BRVAS लड़ा था,
BRVAS लड़ रहा है,
और BRVAS लड़ेगा!
यह केवल कुछ लोगों की लड़ाई नहीं है।
यह हर उस शिक्षक की लड़ाई है जो सम्मानजनक वेतनमान ��ाहता है।
BRVAS का हर साथी क्रांतिकारी धारा का साथी है।
हम संख्या ��ेखकर नहीं, अपने संकल्प और संघर्ष की ताकत देखकर लड़ते हैं।
गर्दनीबाग में हमारे साथी आपका इंतजार कर रहे हैं।
आइए, एक CL/SL संघर्ष के नाम कीजिए।
आइए, अपनी उपस्थिति दर्ज कराइए।
आइए, इतिहास को गवाह बनाइए कि जब वेतनमान की लड़ाई चली थी, तब BRVAS के शिक्षक पीछे नहीं हटे थे।
वेतनमान लेकर रहेंगे।
संघर्ष जारी रहेगा।
BRVAS मैदान में डटा रहेगा।
एकता • अधिकार • सम्मान