चेहरा उसका कोई खास नहीं
हड्डी पे उसकी मांस नहीं
उस से इजहार करके भी क्या करूं दोस्तों
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उसकी तो 14 फ़रवरी तक जीने की आस नहीं
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#मेरी_कुम्हारी
ताजमहल तेजोमहल शिव मंदिर है, इस बात को स्वीकारना ही होगा कि ताजमहल के पहले से बने ताज के भीतर मुमताज की लाश दफनाई गई न कि लाश दफनाने के बाद उसके ऊपर ताज का निर्माण किया गया। ‘ताजमहल’ शिव मंदिर को इंगित करने वाले शब्द ‘तेजोमहालय’ शब्द का अपभ्रंश है। तेजोमहालय मंदिर में अग्रेश्वरमहादेव प्रतिष्ठित थे। देखने वालों ने अवलोकन किया होगा कि तहखाने के अंदर कब्र वाले कमरे में केवल सफेद संगमरमर के पत्थर लगे हैं जबकि अटारी व कब्रों वाले कमरे में पुष्प लता आदि से चित्रित चित्रकारी की गई है।
इससे साफ जाहिर होता है कि मुमताज के मकबरे वाला कमरा ही शिव मंदिर का गर्भगृह है। संगमरमर की जाली में 108 कलश चित्रित उसके ऊपर 108 कलश आरूढ़ हैं, हिन्दू मंदिर परंपरा में 108 की संख्या को पवित्र माना जाता है।
शांति के कबूतर बहुत देखे मगर ये गुरु गोविंद सिंह के बाज थे जिनके पंजे मात्र से पाकिस्तान दहल गया।
पहली बार हमने हमला किया लेकिन हमारा स्टॉक मार्केट यथावत रहा, मतलब निवेशकों को सरकार पर भरोसा पूरा है।
ये अमेरिका की तरह भारत का वॉर ऑन टेरर है..
��स गलतियां अमेरिका वाली नही की।
गलती तो हमारे मित्र इजराइल ने भी की थी।
आइए कमेंट में उन गलतियों पर चर्चा करेंगे जिसे भारत ने बहुत चलाकी से बचाया है।
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श्रीकृष्ण के इस चमत्कार को सुनकर सभी उनके आगे नतमस्तक हो गए। ये कथा महाभारत की सबसे दुर्लभ कथाओं में से एक है। कर्नाटक के उडुपी जिले में स्थित कृष्ण मठ में ये कथा हमेशा सुनाई जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस मठ की स्थापना उडुपी के सम्राट द्व��रा ही करवाई गयी थी ।
12 = सुबह के खाने के साथ देशी गाय के दूध का बना ताजा दही लें, पेट ठीक रहेगा।
13 = चीनी कम से कम प्��योग करें, ज्यादा उम्र में हड्डियां ठीक रहेंगी।
14 = चीनी की जगह बिना मसले का गुड़ या देशी शक्कर लें।
15 = छौंक में राई के साथ कलौंजी का भी प्रयोग करें, फायदे इतने कि लिख ही नहीं सकते।
द���वता कैसे होते हैं प्रसन्न?
शाबर मंत्रों की साधना में भक्ति का भाव सबसे प्रमुख होता है। जिस प्रकार एक अबोध बालक कभी-कभी अपने माता-पिता से रूठकर, गुस्से में आकर कुछ भी बोल देता है, हठ कर बैठता है वैसे ही एक सच्चा भक्त भी अपने इष्ट देव से सीधेपन और निश्छल भाव से हठ कर सकता है।
कहा जाता है कि शाबर मंत्रों के देवता भक्त की भक्ति, उसकी निष्कपटता और सच्चे मन को ही देखते हैं। वे शब्दों की शुद्धता या रीति-नीति से अधिक उस भावना की शुद्धता को महत्व देते हैं, जिससे साधक उन्हें पुकारता है।
जिस प्रकार एक माता-पिता अपने अल्पज्ञ, अबोध, और अज्ञानी बच्चे की कड़वी बातों, हठ या बाल-सुलभ उद्दंडता को अपने वात्सल��य और प्रेम के कारण नज़रअंदाज़ कर देते हैं, उसी तरह देवी-देवता भी सच्चे हृदय से की गई साधना पर प्रसन्न हो जाते हैं।
जो साधक सरलता, आत्मीयता, और पूर्ण विश्वास के साथ शाबर मंत्रों की साधना करता है, वह अंततः परम लक्ष्य यानी सिद्धि को अवश्य प्राप्त करता है।
जिन घरों में कफ और मल-मूत्र पड़ा रहता है और शौच (स्वच्छता) का ध्यान नहीं दिया जाता वहाँ प्रेत भोजन करते हैं-
श्लेष्ममूत्रपुरीषेण योजितानि समन्ततः ।
गृहाणि त्यक्तशौचानि प्रेता भुञ्जन्ति तत्र वै।।
वराह १७२।२८; द्र० पद्म १।३२।३३।
वराह १७२।२८; द्र० पद्म १।३२।३३।
जिन घरों में भाण्ड-पात्र आदि बिखरे पड़े रहते हैं, जूठा-मीठा बिखरा रहता है और जिन घरों में नित्य कलह होता है, वहाँ प्रेत भोजन करते हैं-
यानि प्रकीर्णभाण्डानि प्रकीर्णोच्छेषणानि च। नित्यं च कलहो यत्र प्रेता भुञ्जन्ति तत्र वै।।
वराह १७२।३०; द्र० पद्म १।३२।३४।
जिन घरों में टूटे-फूटे प��त्रों का परित्याग नहीं किया जाता ( दूर नहीं फेंका जाता) और वेद मन्त्रों की ध्वनि नहीं सुनाई पड़ती वहाँ प्रेत भोजन करते हैं-
भिन्नभाण्डपरित्यागो यत्र न क्रियते गृहे।
न च वेदध्वनिर्यत्र प्रेता भुञ्जन्ति तत्र हि।।
स्कन्द ६।१८।२३।
जिन घरों के लोग ��ुरुजनों को सम्मान नहीं देते, स्त्रीजित हैं एवं क्रोध और लोभ के वशीभूत हैं, वहाँ प्रेत अपना भोजन पाते हैं-
गुरवो नैव पूज्यन्ते स्त्रीजितानि गृहाणि च। क्रोधलोभगृहीतानि प्रेता भुञ्जन्ति तत्र वै ।।
पद्म १। ३२। ३६।
जिन घरों के लोग जिर्लज्ज हैं और जिन घरों में रहने वाले लोग होम और व्रत-उपवास आदि नहीं करते वहाँ प्रेत भोजन करते हैं-
चित्तलज्जाविहीनानि होमहीनानि यानि च।
व्रतैश्चैव विहीनानि प्रेता भुञ्जन्ति तत्र वै ।।
स्कन्द ६। १८ । २०।
जिस घर में भोजन के समय स्त्रियाँ कलह करती हैं, वहाँ भोजन भले ही मन्त्रों से अभिमन्त्रित और
औषध तुल्य ही क्यों न हो उस भोजन के तत्त्व को तो प्रेत ही ग्रहण करते हैं-
भोज्यकाले गृहे यत्र स्त्रीणां युद्धं प्रवर्तते।
अपि मन्त्रौषधीप्रायं प्रेता भुञ्जन्ति तत्र हि।।
स्कन्द ६।१८।१६।
जो अन्न केश, मूत्र, श्लेष्मा (कफ) आदि से युक्त हो और (द्विजातियों का) जो भोजन हीनजाति के मनुष्य के द्वारा संस्पृष्ट (छूया गया) हो वह अन्न प्रेतों का आहार हो जाता है-
यदन्नं केश-मूत्रादिश्लेष्मादिभिरुपप्लुतम्। हीनजात्यैश्च संस्पृष्टं तदस्माकं प्रजायते ।।
स्कन्द ३।१८।२८ ।
पर्वकाल के अतिरिक्त अन्य कालों में यदि रात्रि में श्राद्ध या दान किया जाता है, तो वह भी प्रेतों का
ही भोजन बनता है-
गनौ यत्क्रियते श्रान्तं टानं वा पर्ववर्जितम।
तत्सर्वं नपशार्दल प्रेतानां भोजनं भवेत् ।।
तुलसी के चमत्कारी फायदे
बुखार : जुकाम के कारण आने वाले बुखार में भी तुलसी के पत्तों के रस का सेवन करना चाहिए।
त्वचा के रोगों : तुलसी के रस में पाए जाने थाइमोल तत्व से त्वचा के रोगों में लाभ होता है।
संक्रमण : तुलसी के पत्तों को त्वचा पर रगड़ने से त्वचा के संक्रमण में फायदा मिलता है।
थकान होने पर : ज्यादा थकान होने पर तुलसी की पत्तियों और मंजरी का सेवन करें, थकान दूर होगी।
फ्लू संक्रमण : फ्लू के रोगियों को तुलसी के पत्तों का काढ़ा, सेंधा नमक मिलाकर पिलाने से काफी फायदा होता है।
ह्रदय और कोलेस्ट्रॉल : दिल की बीमारी से ग्रस्त लोगों के लिए यह अमृत समान है। इससे खून में कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है।
माइग्रेन : रोजाना 4- 5 बार तुलसी की पत्तियाँ चबाने से कुछ ही दिनों में माइग्रेन की समस्या में आराम मिलता है।
मलेरिया : मलेरिया में तुलसी एक कारगर औषधि है। तुलसी और काली मिर्च का काढ़ा बनाकर पीने से मलेरिया जल्दी ठीक हो जाता है।
कैन्सर व ख़ून की ख़राबी : तुलसी के पत्तों को तांबे के पानी से भरे बर्तन में एक घंटे तक भीगा रहने दें। यह पानी पीने से बहुत से कैन्सर, हार्ट अटैक, ख़ून की ख़राबी जैसी बीमारियाँ पास नहीं आतीं।
पथरी : ��िडनी की पथरी होने पर रोगी को तुलसी की पत्तियों को उबालकर बनाया गया काढ़ा शहद के साथ नियमित 6 माह तक पिलाएं, पथरी मूत्र मार्ग से बाहर निकल जाएगी।
प्रतिरोधक क्षमता : शरीर टूट रहा हो या जब लग रहा हो कि बुखार आने वाला है तो पुदीने का रस और तुलसी का रस बराबर मात्रा में मिलाकर थोड़ा गुड़ डालकर सेवन करें, आराम मिलेगा।
खांसी व ज़ुकाम : तुलसी के रस में मुलहटी व थोड़ा-सा शहद मिलाकर लेने से खांसी व ज़ुकाम की परेशानी दूर हो जाती है, आप चाहें तो चार-पांच लौंग भूनकर तुलसी के पत्तों के रस में मिलाकर भी पी सकते हैं।
काली या सुखी खांसी : तुलसी के पत्तों और अडूसा के पत्तों को बराबर मात्रा में मिलाकर सेवन करने से काली या सुखी खांसी दूर होती है। इसके अलावा तुलसी व अदरक का रस बराबर मात्रा में मिलाकर लेने से भी खांसी में बहुत जल्दी आराम मिलता है।
राजमाता ने कहा—
“अगर बीजेपी भी कांग्रेस जैसी दिखेगी, तो जनता असली ही चुनेगी, कॉपी नहीं।”
जिसने कांग्रेस की नींव हिलाई, जिसने जनसंघ को खड़ा किया
—वो थी राजमाता सिंधिया
जब दिल्ली में नेहरू सोच रहे थे कि रियासतें इतिहास बन जाएँगी, तब ग्वालियर की सिंधिया रियासत इतिहास रचने को तैयार बैठी थी।
कहानी रोचक है, कमेंट में पूरा पढ़िए... 👇
और इतिहास यही कहता है—
जो वर्ग अपने अपमान को भूल जाता है, वो फिर उसी अपमान के चक्र में घुसता है। PDA को अब ये तय करना है कि क्या वो फिर से उसी रास्ते पर लौटना चाहता है जहां उसका भविष्य, उसका सम्मान, उसकी जमीन, उसकी नौकरी सब कुछ छीन लिया गया था
—या अब वक्त है अपनी ताकत पहचानने का।
👉फैसला आपका, योगी जी आपके 🙏
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🌱 अशुभ स्वप्न
जलती हुई चिता, राक्षस, दुष्ट व्यक्ति का मिलना, तिरस्कृत या अपमानित होना, राख, सूखा पेड़, बीया- बान जंगल, फाँसी लगना, घबराना, पसीने-पसीने होना, घी लेना, मीठी चीज खाना, बन्दर, जंगली जानवर पर चढ़ना, भैंस या भैंसा, शरीर पर कीचड़ लगना, एक्सीडेंट, केश गिरना, दाँत टूटना, खाली बर्तन लेकर भटकना, लाल वस्त्र या काले वस्त्र पहनना, परदेश गए पुरुष या स्त्री की मृत्यु की सूचना, गुड़ खाना, मलिन वस्त्र धारण कर भटकना, साँपों से क्रीड़ा, साँप का पेट में घुसना, हवा में उड़ना, आँधी आना, प्रलय, बाढ़ में बहना, दक्षिण दिशा की यात्रा, जलाशय सूखना, दलदल में फँसना, किसी स्त्री या पुरुष से जबरदस्ती लिपटना, चोरी करना या घर में चोरी होना, ग्रहण, उल्लू-दर्शन, भूत-प्रेत व पिशाचों से साक्षात्कार, शिखर गिरना, पहाड़ टूटना, कोलाहल आदि अशुभ स्वप्न कहे जा सकते हैं ।
*14👉 जिस व्यक्ति की नियत में खोट हो अर्थात सामर्थ्य के होते हुए भी किसी से लिया गया धन ना लौटाता हो उस व्यक्ति को लक्ष्��ी की कृपा से वंचित होने से साक्षात विष्णु भी नहीं रोक सकते हैं।*
*15👉 जो व्यक्ति बिना पुरुषार्थ के धनी बनने हेतु झूठ चोरी बेईमानी जुआ सट्टा इत्यादि का सहारा लेता है उसे लक्ष्मी बिना ��ोई अवसर दिए तुरंत दरिद्रता के हवाले कर देती हैं।
*16👉 जो व्यक्ति किसी भी प्रकार के व्यसन को अपनाता है, वह निरंतर लक्ष्मी से दूर होता चला जाता है। इसमें नशा उत्पन्न करने वाले व्यसन अत्यंत घातक माने गए हैं।
भारतीय अदालतों के तीन दुर्लभ किस्से….
१. तीस्ता सीतलवाड़ एकदम जेल जाने वाली थी गुजरात हाईकोर्ट ने ���नकी जमानत खारिज कर दी थी। तभी दिल्ली में बैठे कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के एक जज को फोन किया और उस जज ने उन्हें फोन की सुनवाई पर अग्रिम जमानत दे दिया।
ना भूतो ना भविष्यति। भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में आज तक किसी अभियुक्त की न फोन पर सुनवाई हुई थी ना कभी होगी।
२. याकूब मेमन के लिए रात को 2:00 बजे प्रशांत भूषण सुप्रीम कोर्ट के एक जज के घर पर जाते हैं और वह जज रात को 2 बजे ही सुनवाई कर देता है औ�� बकायदा भारत सरकार के वकील को भी रात को 2:00 बजे बुलाया जाता है और 4 घंटे तक सुनवाई चलती है।
३. रविवार के दिन इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच ने सुओ मोटो लेते हुए लखनऊ प्रशासन को अदालत में तलब किया था और बकायदा 4 घंटे बहस चली क्या दंगाइयों का पोस्टर लगाना जायज है?
यह तीनों मामले में एक बात समान है कि भारत की वामपंथी न्यायपालिका सिर्फ उनके लिए ही चिंतित है जो देश विर��धी गद्दार या वामपंथी विचारधारा के हैं... कभी कोई हिंदूवादी नेता के लिए आज तक भारत की अदालतें चिंतित नहीं हुई है .. क्या उनका कोई हक नहीं है?? कश्मीरी पंडित अपने जमीन से खदेड़ दिए गए... हजारों कश्मीरी पंडित कश्मीर में मार दिए गए... गिरजा टिक्कू से शुरू हुआ कश्मीरी लड़कियों का बलात्कार न जाने कितनी कश्मीरी महिलाओं और लड़कियों के बलात्कार पर खत्म हुआ... दो दशकों तक कश्मीरी पंडित दिल्ली में टेंट में रह�� आज तक भारत के किसी जज ने स्वतः संज्ञान नहीं लिया।
थू है भारत की ऐसी न्यायपालिका पर।
"राष्ट्रहित सर्वोपरि “
रामायण में छुपे दस रहस्य,जिनसे हम अपरिचित हैं...अंत तक जरुर पढें🧵
रामायण की लगभग सभी कथाओं से हम परिचित ही हैं , लेकिन इस महाकाव्य में रहस्य बनकर छुपी हैं कुछ ऐसी छोटी छोटी कथाएं जिनसे हम लोग परिचित नहीं हैं , तो आइये जानते हैं वे कौन सी दस बातें है।
स्वीडन की एक न्यूज़ मैगज़ीन ने लिखा है --
F16 के जमीदोज होते ही अमेरिका को पता चल गया था। भारत पर इसके इस्तेमाल से अमेरिका गुस���से में था।
पर उस समय ये भी जरुरी था कि पाक को भारत के गुस्से से बचाना। क्योकि भारत का एक पायलट पाक कब्जे में जाते ही भारत ने बड़ी कार्यवाई के लिये ब्रम्होस मिसाइलें तैयार कर ली थी।
प्लान यही था कि पाकिस्तान एयर फोर्स को रात में ही तहस नहस कर दिया जाये। जिसकी भनक अमेरिका को लग गयी।
पूरी रिपोर्ट कमेंट में पढ़िए...
आंखें फटी की फटी रह जाएंगी... 👇