महाकुंभ 2025 बजट :
●राज्य सरकार: ₹5435.68 करोड़
●केंद्र सरकार: ₹2100 करोड़
●कुल बजट: ₹7535.68 करोड़
इतना बड़ा बजट होने के बावजूद व्यवस्थाएं असंतोषजनक रहती है तो जनता के पैसे का दुरुपयोग होगा। जिम्मेदार अधिकारियो और प्रबंधको की जवाबदेही तय होनी चाहिए
भक्ति + शिक्षा = सनातन विज्ञान 🔥
IIT नागा साधु बाबा का एजुकेशन सिस्टम को लेकर चौंकाने वाला खुलासा
अंग्रेजी एजुकेशन सिस्टम सिर्फ पैसा कमाना सिखा रहे हे, जीवन जीना नहीं सिखा रहे 🙌
भारत की शिक्षा पद्धति गुरुकुल से होनी चाहिए
"मोहन भागवत जी बताएं कि कोई दलित, पिछड़ा अब तक RSS का प्रमुख क्यों नहीं बना?"
◆ RJD के नेता तेजस्वी यादव ने कहा
#TejashwiYadav | @yadavtejashwi |Tejashwi Yadav
प्रिय अभय सिंह, आप��े अपने सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत का नाम रोशन करने के लिए IIT बॉम्बे जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की। लेकिन यह देश का दुर्भाग्य है कि आपके जैसे प्रतिभाशाली युवा को रोजगार की कमी और मौजूदा सरकार की असफल नीतियों के कारण अपने सपनों को त्याग कर अध्यात्म का मार्ग अपनाने पर मजबूर होना पड़ा।
यह आपकी नहीं, बल्कि इस सरकार की असफलता है, जिसने रोजगार के मोर्चे पर युवाओं को निराश किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर साल दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन हकीकत में लाखों युवाओं को बेरोजगारी और मानसिक अवसाद की खाई में धकेल दिया। सरकार की प्राथमिकताएं बड़े ��द्योगपतियों के मुनाफे तक सीमित हैं, जबकि देश के युवाओं की प्रतिभा और परिश्रम को नजरअंदाज किया जा रहा है।
अभय, यह देश का दर्द है कि आपके जैसे प्रतिभावान युवाओं को अपनी योग्यता के बावजूद ऐसे हालात का सामना करना पड़ता है। लेकिन मैं आपसे कहना चाहता हूं कि आपकी कहानी सिर्फ निराशा की नहीं है, बल्कि यह देश के युवाओं के लिए चेतावनी है कि वे जागरूक हों और इस व्यवस्था को बदलने के लिए आवाज उठाएं।
पटक के पीटो इसको दूसरे मजहब को बदनाम करने वाला बहरूपिया है ये!!
कोई हिंदू अगर खुद को मुस्लिम बताता है तो मुस्लिम समाज का प��र्ण अधिकार है कि उनका जूता चप्पल से उसका स्वागत करे!
आज सुबह सुबह एक भिकारी से मुलाकात हुई जो मुसलमान की भेस में था 😡
जब आधार चेक किया गया तो इसका नाम मजनू और पिता का नाम कन्हैया लाल था,🤔
अब सोचना ये है कि देश मे 33 करोड़ देवी देवताओं के मानने वाले भी अल्लाह के नाम से अपना पेट क्यों पालते है!!
राहुल गांधी का बेहद विवादित बयान!
"हम भारत और भारतीय राज्य से लड़ रहे हैं।"
"हमारी लड़ाई केवल BJP-RSS से नहीं है, हमारी लड़ाई इंडियन स्टेट से है।"
: राहुल गांधी, कांग्रेस नेता
जो लोग इन्हें बुरा भला कह रहे हैं, उन्हें जानना चाहिए कि इंद्र के दरबार में अप्सराएं नृत्य करती थीं।
��गर उनमें से एक अप्सरा महाकुंभ में साधुओं के बीच है, तो इसमें क्या समस्या है?
जब बृहस्पति आकाश में 30 Degree के बारह विभाजनों में से दूसरे भाग में 17 Degree पर पहुँच कर सूर्य के आकाश में 271 Degree के कोण में प्रवेश करके 23.5 Degree के कोण पर झुकी धरती पर अपनी किरणों को दक्षिणी गोलार्ध से उत्तरी गोलार्ध की ओर ले जाना प्रारंभ करता है उस मकर संक्रांति पर्व पर महाकुंभ के प्रथम अमृत स्नान पर हार्दिक शुभकामनाएँ।
हिन्दू धर्म की महान वैज्ञानिकता के इस पर्व पर गर्व करें व ऋषियों के ज्ञान को नमन करें व धरती को स्थिर व चपटी बताने वालों द्वारा भारतीय संस्कृति को अवैज्ञानिक कहने के चपटे व जड़ प्रभाव से बचें।
This is a great Astronomical Festival no parallel in world celebrated in different regions by different names but true Atma is same.
प्रयागराज में टूट गए सारे रिकॉर्ड!
1 करोड़ 65 लाख लोगों ने पहले दिन किया अमृत स्नान।
महाकुंभ में 1.65 करोड़ श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई, 44 घाटों पर हुआ स्नान
हेलिकॉप्टर से फूल बरसाए, NSG कमांडो रख रहे नजर।
महाकुंभ 144 साल में दुर्लभ खगोलीय संयोग में हो रहा है।
यह वही संयोग है, जो समुद्र मंथन के दौरान बना था।
जातियाँ ब्राह्मण���ं ने बनाई??
तो फ़िर-
-दलितों के अंदर जो 1100+ जातियाँ हैं, वो भी ब्राह्मणों ने बनाई?
-आदिवासियों में जो 744+ जातियाँ हैं, वो भी ब्राह्मणों ने बनाई?
-OBC में जो 5000+ जातियाँ हैं, वो भी ब्राह्मणों ने बनाई?
-जो मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, सिख आरक्षण ले रहे हैं, उनकी जातियाँ भी ब्राह्मणों ने बनाई?
-इतना ही नहीं, सारे धर्मों में जातियाँ बना के, फिऱ ब्राह्मणों ने एक flowchart भी बनाया की ये ऊपर, ये नीचे, ये उससे नीचे? वो भी पूरे 8-9 हज���ार जातियों और 25000+ उपजातियों का?
-और पिछले हज़ारों साल से, सब के सब आँख मूंद कर, आजतक ��ही flowchart फॉलो कर रहे हैं, इतनी शिद्दत से? और चाह कर भी बदल नहीं पा रहे?
लेकिन ब्राह्मण तो 3% हैं!! और दूसरों की दया पर जीते हैं!!
तो ये आखिर ये 3% गरीबों का जादू आजतक कैसे चल रहा है?? ये क्या साइंस है??😂😂
जाती के निर्माता ओर सुदामा कोटे की भीख वालों के पेट में जाती जनगणना शुरू होते ही मरोड़ उठने लगती है ओर श्राप देने की जगह न्यायालय का सहारा लेने दौड पड़ता है
आखिर सुदामा को डर किस बात का लग रहा है?