सीधा सीधा U-Tern नहीं तो और क्या है ये? ये शर्त है? Paper लीक के अगले दिन ही कोई भी आदमी जा कर NTA को ज्ञापन सौंपे इन मुद्दों पर, तो उसका आवेदन स्वीकृत कर लिया जाता है और आश्वासन दिया जाता है कि जल्दी ही संज्ञान लेंगे!
फिर इतना करने की क्या ही जरूरत थी? आज दिल रो दिया युवाओ पर हो रहे अत्याचार को देख कर! 😭😭
देश के नौजवान इस बात को लेकर आगे बढ़ें, ये समय की माँग है। ये ज़ुल्म के सामने जंग ही रास्ता है दोस्तों। ज़ुल्म के सामने झुकना इस देश की मिट्टी में नहीं है दोस्तों।🙏
जमुई के चंद्रदीप थाना में तैनात दारोगा कुंदन कृष्णा पर एक युवती ने सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। युवती के मुताबिक, फेसबुक के जरिए शुरू हुई दोस्ती प्यार में बदली और साल 2026 में दोनों ने मुंगेर के चंडिका स्थान मंदिर में शादी कर ली। आरोप है कि शादी के बाद दारोगा ने 6 महीने तक उसे अलग-अलग होटलों में बुलाकर शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन अब इंटरकास्ट का बहाना बनाकर साथ रखने से इनकार कर रहा है। पीड़िता ने जमुई एसपी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। लगातार मिल रहे धोखे और अपमान से परेशान होकर युवती ने अब पुलिस प्रशासन से आरोपी दरोगा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ⚖️💔
#JamuiNews #BiharPolice #FacebookLove #CrimeNews #JusticeForWomen #SocialMediaRelationship #LegalAction
सच मे बड़ा ही मजेदार बात है, अपने देश के पत्रकार और एक इस देश के बाहर के पत्रकार की बातचीत!
#SonamVangchuk
अब तो दूसरे देशों में भी प्रसिद्ध हो रहे हैं यहां की पत्रकारिता!!
Sudhir Chaudhary: कोई भी विरोध नैतिक अधिकार और ईमानदारी से मज़बूती पाता है, न कि राजनीतिक स्क्रिप्टिंग और कोरियोग्राफ़ी से। जब किसी मकसद से ज़्यादा एजेंडा अहम लगने लगता है, तो विश्वसनीयता कम हो जाती है और आंदोलन अपनी ताकत खो देता है।
बिना विश्वसनीयता वाला कोई भी विरोध सिर्फ़ शोर-शराबा होता है।
अभिजीत दिप्ते का विरोध अपनी विश्वसनीयता और असर क्यों खो रहा है? मेरा विश्लेषण।
#सोनमवांगचुक
Helle Lyng: नॉर्वे वाली घटना के बाद मुझे ज़ोरदार हंसी तब आई, जब मैंने देखा कि इस आदमी ने अपने शो में इस बारे में बात की थी।
मैं इसे बहुत हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहूंगा: मैं प्रेरणा के लिए उसकी तरफ नहीं देखता। ☺️
Sudhir Chaudhary: सच को सच बने रहने के लिए आपकी तारीफ़ की ज़रूरत नहीं होती। न तो मुझे और न ही मेरे शो को किसी ऐसे व्यक्ति से सर्टिफ़िकेट की ज़रूरत है, जिसकी शोहरत का दौर पहले ही गुज़र चुका है। सच, हेडलाइंस से कहीं ज़्यादा समय तक टिकता है। 😃
Helle Lyng: मुझे लगता है कि 'फ़ैक्ट्स' और 'आपका शो' एक ही वाक्य में होने से वाक्य बहुत बुरा बन जाता है 😆
धीरे-धीरे देश के हर एक हिस्से से भूख हड़ताल और अन्य तरीके से लोकतांत्रिक विरोध की खबरें आएंगी! अब चरम पर है तानाशाही की जोड़, घटाएं छाई थी घनघोर, अब अंधेरी काली रात की बात छट रही है! अब धीरे-धीरे ये काले बादल हट रही है। धीरे-धीरे हर एक गांव, मोहल्ले, शहर, महानगर से विरोध की आवाज गूंजेगी। आजमा लो जोर, लगा लो चप्पे चप्पे पर अपनी सेना, लेकिन समय अब दूर नहीं जब सबकुछ बदलेगा, लोग बदलेंगे, देश बदलेगा!!🙏
#PowerOfDemocracy #लोकतंत्र_की_शक्ति