#shayari#poetrycommunity
तुमने बिकना है तो व्यापार भी हो सकता है,
चाहने वाला ख़रीदार भी हो सकता है,
अपने दुश्मन को शक की निग़ाहों से ना देख,
तेरा क़ातिल तो तेरा यार भी हो सकता है,
मुझसे दामन ना छुड़ा, मुझको बचा कर रख ले,
मुझसे इक रोज़ तुझे प्यार भी हो सकता है...!!!
तुझमें क्या, मुझमें क्या,
हम सब में होना चाहिए,
राष्ट्रवाद का उन्मादी नशा,
नस नस में होना चाहिए।
~ संतोष त्रिवेदी
भारतीय गणतंत्र दिवस की आप सभी को शुभकामनाएं 🇮🇳💐
जय हिंद जय भारत 🇮🇳
#RepublicDay2026#गणतंत्र_दिवस_2026
चाँद मेरा है , तो बस मुझ तक पहुंचना चाहिए
हर तरफ़ बिखरी हुई इस चाँदनी का क्या करूँ
ज़हन से उतरी नहीं , पहली मोहब्बत आज तक
ये जो तुमसे हो गई, इस आखरी का क्या करूँ !!
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