🌻 हरि शरणम् 🌻
आप सभी को तुलसी पूजन की मंगलमय शुभकामनाएं 🙏
✨ वृन्दायै तुलसीदेव्यै प्रियायै केशवस्य च।
✨ कृष्ण‑भक्ति‑प्रदे देवी सत्यवत्यै नमो नमः॥
उस देवी तुलसी को नमन, जो वृंदा की भांति प्रिय हैं और श्रीकृष्ण (केशव) की भक्तिप्रद हैं। वे भक्तों को कृष्णभक्ति का वरदान देने वाली और सात्विक गुणों से परिपूर्ण हैं।
तुलसीदेवी का स्मरण हृदय में भक्ति का दीप जलाता है। उनकी कृपा से व्यक्ति कृष्ण के प्रति अनुराग, भक्ति और सात्विक गुणों की प्राप्ति करता है। यह स्मरण जीवन में आध्यात्मिक उन्नति और प्रेमपूर्ण सेवा का मार्ग प्रशस्त करता है।
!! तुलसी महारानी की जय !! 🙇
!! जय श्री राधे–कृष्ण !! ✨🙏
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✨ सा त्वस्मिन् परमप्रेमरूपा॥
वह (भक्ति) भगवान के प्रति परम प्रेम का स्वरूप है।*
भक्ति केवल पूजा, जप या अनुष्ठान का नाम नहीं, बल्कि भगवान के प्रति निष्काम, अनन्य और परम प्रेम है। जब यह प्रेम हृदय में जागृत होता है, तब साध���ा सहज हो जाती है, अहंकार गलने लगता है और जीवन का प्रत्येक कर्म ईश्वर को समर्पित होने लगता है। ऐसी भक्ति में न किसी फल की इच्छा रहती है, न किसी भय का स्थान—केवल प्रभु के प्रति अखण्ड अनुराग ही साधक का जीवन बन जाता है।
!! हरे कृष्ण !! ✨🙏
✨ सा त्वस्मिन् परमप्रेमरूपा॥
वह (भक्ति) भगवान के प्रति परम प्रेम का स्वरूप है।*
भक्ति केवल पूजा, जप या अनुष्ठान का नाम नहीं, बल्कि भगवान के प्रति निष्काम, अनन्य और परम प्रेम है। जब यह प्रेम हृदय में जागृत होता है, तब साधना सहज हो जाती है, अहंकार गलने लगता है और जीवन का प्रत्येक कर्म ईश्वर को समर्पित होने लगता है। ऐसी भक्ति में न किसी फल की इच्छा रहती है, न किसी भय का स्थान—क��वल प्रभु के प्रति अखण्ड अनुराग ही साधक का जीवन बन जाता है।
!! हरे कृष्ण !! ✨🙏
🖤🪷🖤🪷🖤
रूठ जाए जो मुक़द्दर तो मनाएँ कैसे
ज़िन्दगी तुझको ख़यालों में सज़ाएँ कैसे
आपने अपनी मुसीबत छुपा कर रक्खी है
आपको हम भी गमे इश्क़ दिखायें कैसे
आपने तो अपनी वफ़ाओं का सिला दे डाला
हम मुहब्बत में निगाहों को चुराएँ कैसे..❣️
🖤🪷🖤🪷🖤
✨शुभ संध्या☕️🪷
🪷राधे गोविन्द🪷
When a ship is caught in a storm, it is the ship that rocks and sinks, not the ocean.
Likewise, the events of the world rise and fall endlessly, but the Self remains vast, still, and unaffected by them.
Shubh Ratri 🙏🏽
गुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थी,
दूर फिरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी!
चमक उठी सन सत्तावन में, वह तलवार पुरानी थी,
बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,
खूब लड���ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी!
शत् शत् नमन, रानी लक्ष्मीबाई..!🔥❣️🙏
आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु
विश्वतोऽदब्धासो अपरीतास उद्भिदः..❣️
हमारे पास चारों ओर से कल्याणकारी और श्रेष्ठ विचार आते रहें ये विचार किसी से न दबे, इन्हें कोई भी बाधित या नष्ट न कर सके ये सदा आगे बढ़ाने वाले और अज्ञात ज्ञान को प्रकट करने वाले हों..❣️
हर हर🌙महादेव🔱
शुभ रात्रि🪔🌹
प्राच्य और अर्वाचीन विद्याओं के मनीषी पण्डित गोपीनाथ कविराज का जन्म 7 सितम्बर 1887 को धामराई (बांग्लादेश) में हुआ। पिता वैकुंठनाथ के निधन के 5 माह बाद उन्हें माता सुखदासुंदरी ने जन्म दिया। 'भारतीय साधना और संस्कृति' के रचयिता कविराज को 1964 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
हमने अब तक जिस स्पीड और स्केल पर काम किया है, उसे और व्यापक बनाना है। 2047 के लक्ष्य को देखते हुए हमें इस रफ्तार से चलना है कि हम दुनिया से एक कदम आगे रह सकें।
✨💫✨💫✨
करम प्रधान बिस्व क��ि राखा
जो जस करइ सो तस फल चाखा..❣️
✨💫✨💫✨
संसार में कर्म ही प्रधान है; जो जैसा करता है, वह वैसा ही फल चखता है...❣️
🏹जय श्री राम 🪷🦋
✨शुभ रात्रि🪔🪷🦋
#DevoleenaBhattacharjee
In the sacred Kadambavanam grove, farmer Dhananjaya witnessed Indra himself bowing before a swayambhu Shiva Lingam beneath a Kadamba tree.
King Kulasekara Pandya, moved by this divine sign, cleared the forest and raised a temple at its heart, birthing a city around it.
When the city awaited its name, Shiva appeared. From His matted locks, drops of celestial nectar fell upon the land, blessing it with sweetness and grace.
Thus was born Madurai: “Madhurapuri,” the city of nectar, forever sanctified by divine approval.
Shubh Ratri 🙏🏽
In the silence of destruction, Mahadev rises.
Not to punish the world — but to burn every illusion you cling to 🔥
The Rudra within doesn't negotiate with weakness. ☝️
Har Har Mahadev 🔱
#HarHarMahadev#RudraRising#Rudravibes#SanatanDharma