भारतीय अर्थव्यवस्था में जितनी भी खतरे की घंटियाँ बज रही हैं, वे केवल PM मोदी को ही नहीं सुनाई दे रही हैं।
▪️ एक रिपोर्ट बताती है कि दिसंबर, 2023 तक घरेलू ऋण का स्तर GDP का लगभग 40% हो गया। यह अब तक का सबसे अधिक है।
▪️ इसके अलावा, घरेलू बचत भी 47 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है।
आज देश की सच्चाई है कि- भीषण महंगाई के चलते भारतीय परिवार बचत नहीं कर पा रहे हैं और धीरे-धीरे कर्ज में डूबते जा रहे हैं।
: कांग्रेस महासचिव (संचार) श्री @Jairam_Ramesh जी का वक्तव्य