आगर मालवा में आयोजित अभाविप मालवा प्रांत के 'प्रांत अभ्यास वर्ग' में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष प्रदर्शनी और आयाम,कार्य,गतिविधि के मॉडल भी प्रदर्शित किए गए।"
दिक़्क़त ���ही है ना ?
कि भारतीय फ़िल्म के गाने पर ,भारतीय परिधान साड़ी में ये बहन कैसे नृत्य कर रही है ? ग़लत है ? क्या ? तुम्हारी छोटी बहन होती तो ग़लत सोचते क्या ?
खैर तुम सबने इटेलियन नर्तकी एंटिनो माइनो का बार में नृत्य देखा होगा फिर ये तो ख़राब ही लगेगा ना
“जाकी रही भावना जैसी हरि मूरत देखी तिन तैसी”
तुम्हारी समझ में नहीं आयेगा आलूबुखारे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केरल की एक रैली में गुजरात को अनपढ़ लोगो का राज्य कहा
इसका मतलब महात्मा गांधी और सरदार पटेल भी अनपढ़ हुए क्यूके दोनों ही गुजरात से थे इनका भी बेशर्म कांग्रेस के मूर्ख अध्यक्ष ने अपमान कर दिया
खैर देश के लिए जीने वाले लोग इन्हें कैसे दिखाइ देंगे खड़गे को सिर्फ एंटोनियो माइनो और रॉबर्ट बिनसी के चरण ही दिखाई देते है
#आनंदम #मुसाफिर
"राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विशाल और पवित्र वट वृक्ष के नीचे हमें साफ नीयत के साथ, शुचिता के साथ राजनीति में कदम रखने की प्रेरणा मिली"
-नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री, भारत
संत शिरोमणि सद्गुरु श्री रविदास जी के 650वें प्राकट्य वर्ष के अव���र पर माननीय सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी का वक्तव्य
#RSS100Years #SantRavidas #vskjaipur
स्वागतयोग्य एवं संवेदनशील निर्णय
जिम में प्रायः ट्रेनर के रूप में पुरुष ही रहते हैं जिसके कारण बहनों को वहाँ असहजता होती ही है। ऐसे में सरकार का यह कदम सराहनीय है। अन्य राज्यों को भी इसका अनुकरण करना चाहिए।
भीष्म के बाद अपनी प्रतिज्ञा पूर्ण करने वाला अगर कोई था तो वह तुम थे “आजाद”
15 साल की आयु में देश के लिए पहली बार जेल जाते समय अदालत में दिया ��रिचय “नाम आजाद है “ आज भी हर युवा की धड़कन है
तुम्हारे जाने पर माँ जगरानी ने मुस्कुराते हुए सही कहा था “वो मेरा था ही कब वो तो धरती माता का ही था “
बलिदान दिवस पर पुण्यस्मरण
#आनन्दम #मुसाफ़िर #आजाद
पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सभी वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि।
आपका बलिदान सदैव हमें देशप्रेम, साहस और एकता की प्रेरणा देता रहेगा।
जय हिन्द।
#PulwamaAttack2019#BlackDayForIndia
प्रेस विज्ञप्ति
जोधपुर प्रांत में खेजड़ी एवं ओरण संरक्षण को लेकर स्वतःस्फूर्त जनआंदोलन जारी है। माँ अमृता देवी के बलिदान से प्रेरित समाज, विकास के नाम पर हो रहे पर्यावरण विनाश के विरुद्ध आवाज़ उठा रहा है।1/2
वीडियो संघ के चौथे सरसंघचालक “राजेंद्र सिंह उर्फ रज्जू भैया” का है… आज उनका जन्म���िन है…
जब दुनिया में कैरियर और मोटी सैलरी को लेकर अंधी दौड़ मची हुई थी, तब 1960 के रज्जू भैया ने ठीक उलटा रास्ता चुना।
फिज़िक्स के प्रोफेसर और HOD होते हुए उन्होंने VRS ली और संघ के माध्यम से राष्ट्र-निर्माण को ही अपना जीवन बना लिया।
तब देश के महान आणविक वैज्ञानिक होमी भाभा ने कहा था
“संघ ने आणविक विज्ञान (मॉलिक्यूलर साइंस) की एक प्रतिभा को छीन ली।”
नोबल पुरस्कार विजेता डॉ. सी. वी. रमन उनके उत्त���ों, तर्कशक्ति और वैज्ञानिक दृष्टि से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उन्हें अपन�� गाइडेंस में रिसर्च के लिए लेक्चरर का पद प्रदान किया।
संघ के प्रचारक के रूप में उन्होंने उत्तर भारत में बौद्धिक वर्ग, शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच राष्ट्रवादी चेतना को संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रज्जु भैया के पिता ने प्रयागराज के सिविल लाइंस में उनके लिए एक घर बनवाया, किंतु उन्होंने उसे निजी संपत्ति मानने से इंकार किया और सरस्वती शिशु मंदिर को दान कर दिया…
भारत में #���ामपंथी, #सेक्युलरवादी और #लिबरल जमात जहाँ एसी कमरों में बैठकर गरीबों के दुःखों पर विमर्श करती है, वहीं यह व्यक्ति ज़मीन पर उतरा, गाँव, बस्ती और विद्यालय तक पहुँचा… ताकि राष्ट्र भीतर से मज़बूत हो सके।
1977 में सह सरकार्यवाह,
1978 में सरकार्यवाह
1994 में सरसंघचालक बने।
वीडियो 30-35 वर्ष पुराना ��ै लेकिन उनकी कहीं एक एक बात आज भी प्रासंगिक हैं…
सुनिए और समझिए संघ के स्वयंसेवकों ने सदा सम्भ्रांत कमरे त्यागे हैं, अपनी नौकरी अपना व्यापार का नुक़सान किया है… क्योंकि उनका नेतृत्व डॉ. हेडगेवार, गुरु जी और रज्जू भैया जैसे त्यागी और तपस्वी व्यक्तित्वों ने किया है।