मेरी ज़ुल्फ़ों की ख़ुशबू से महकता है समाँ,
मेरी हर अदा पर ठहर जाती हैं तुम्हारी निगाहें।
मुझे अपने हुस्न का थोड़ा सा गुरूर तो है,
मगर तुम्हारी बेकरारी ही मेरी असली तारीफ़ है।
#aknkshaarya
हम जैसी औरतों की बात ही अलग है। पारदर्शी साड़ी और वो भी नाभि से 4-5 इंच नीचे। डीप नेक ब्लाउस जिसमें क्लीवेज साफ दिखे जैसे मर्द के लिए एक आमंत्रण हो। ऊपर से 2 डोरिया से बंधा ब्लाउस बैकलेस जिसे देख कोई भी मर्द डगमगा जाए। माथे पे बिंदी, आंखों का काजल, कानों में झुमके|
शुभरात्रि