अनुराधा तिवारी ने हर्ष दुबे से सवाल किया, “रिजर्वेशन किस आर्टिकल के तहत आता है? जॉब का, एजुकेशन का और पॉलिटिकल का? ये तीनों मुझे बताइए।”
हर्ष दुबे ने जवाब दिया, “मुझे ना आर्टिकल पता है, ना इतिहास पता है, कुछ नहीं… पता है, मुझे।”
इस पर अनुराधा तिवारी ने कहा, “ये जे.पी. नड्डा जी इनको बुला रहे हैं, जिनको रिजर्वेशन किस आर्टिकल के तहत आता है, ये तक नहीं पता।”
This guy has the potential to outshine Kanhaiya Kumar and become a much bigger political voice, If Gc leaders give him the right support and platform, this could be a name to watch in Indian politics.
Aditya Raj Singh — one of the faces of the Reservation Reform movement.
बाप कलेक्टर, आठ ट्रैक्टर, सौ बीघा जमीन और सालाना आय 10 करोड़… फिर भी OBC आरक्षण और क्रीमी लेयर से बाहर!
क्योंकि जाति सही हो तो बाकी सब ‘गरीबी’ में गिना ही नहीं जाता।
रिजर्वेशन की बात करते उसे जनरल कास्ट Vs SC/ST/OBC की लड़ाई बनाने की साज़िश वही लोग करते हैं जिन्हें इस वीडियो में बतायी सच्चाई पता है।
देखिए कैसे ओबीसी की 75% जातियों को 3% हिस्सा भी नहीं मिला आरक्षण के फायदे ���ा और 25% जातियां 97% फायदा ले गईं।
उन्हें पता है समीक्षा होगी तो पूरे देश का सच सामने आ जाएगा
तिलचट्टों के साथ झुककर हुए समझौते के बाद महान रणनीतिकार की छवि बनाने के लिए हर्ष दुबे जी से नेगोशिएशन किया गया।
लेकिन मोदी जी की पसंदीदा नीली स्याही वाली पुर्जी में ‘आरक्षण’ शब्द था ही नहीं।
एक शिक्षक ने डोम समुदाय के बच्चे के साथ जातिगत भेदभाव किया। अगर वीडियो में दिख रही घटना सही है, तो यह बेहद शर्मनाक और गंभीर मामला है।
बच्ची के साथ उसकी जाति के आधार पर भेदभाव करने वाले शिक्षक के खिलाफ तत्काल जांच होनी चाहिए। शिक्षक की जिम्मेदारी बच्चों को बराबरी और स��्मान देना है, न कि जाति के आधार पर उनका अपमान करना।
बिहार में सवर्णों को गाली दो, धमकी दो, भारत से भगाने की बात करो,कोई कार्रवाई नहीं! लेकिन वही भाषा अगर कोई सवर्ण बोल दे, तो तुरंत कानून, पुलिस, एफआईआर और कार्रवाई की पूरी फौज तैयार हो जाती है।
5-6 लोग बिहार में ऐसे हैं जो खुले मंचों से सवर्णों के खिलाफ अपशब्द, धमकी और नफरत की भाषा बोलें जा रहे हैं जातीय उन्माद और हिंसा बढ़ाने के लिए लोगों को लगातार ललकार रहे हैं,क्या कानून की आंखों पर भी जाति का चश्मा चढ़ा हुआ है? ये दोहरापन आखिर कब तक?
आखिर ये कैसा न्याय है @samrat4bjp जी? कितनी गुहार लगाए आपसे??
लगता है बिहार में नफरत भी बोलने वाले की जाति देखकर ��य होती है और कानून भी! आखिर ये Double Standards कब तक?