1.जैसाकि विदित है कि दिनांक 10 अगस्त 2019 को दिल्ली के तुग़लकाबाद में संतगुरु श्री रविदास जी के पवित्र गुरुघर को बुलडोज़र और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ढहा दिया गया था। इसके विरोध में देशभर की संगत जब लोकतांत्रिक ढंग से सड़कों पर उतरी तो तब उन्हें लाठीचार्ज, आँसूगैस, गिरफ्तारियाँ और मुकदमों आदि का सामना करना पड़ा। काफी लोगों को जेल भी जाना पड़ा।
2.इतना ही नहीं गुरुघर की भूमि भी छीन ली गई और आज भी संगत को लोहे के अस्थायी टीन शेड में अपने गुरुजी को माथा टेकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यह स्थिति करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाली है और आज भी समाज ��ी स्मृति में अंकित है।
3.अब पंजाब चुनाव नज़दीक आते ही वही भाजपा संतगुरु श्री रविदास जी के नाम पर कलश यात्रा निकालकर गुरुजी के बेगमपुर शहर के लक्ष्य से समाज को भटाकने का प्रयास कर रही है। दूसरी ओर पंजाब के धलेता गाँव में गुरुघर की दीवार गिराए जाने पर जब संगत और बसपा ने आवाज़ उठाई तो गिरफ्तारियाँ की गईं। अन्त में फिर आम आदमी पार्टी की सरकार को झुकना पड़ा और गुरुघर का पुननिर्माण कराना पड़ा।
4.ऐसे में समाज भाजपा और आम आदमी पार्टी की राजनीति से सतर्क रहें। पराधीनता का अन्त एवं बेगमपुरा का संकल्प संतगुरु श्री रविदास जी सम्मान यात्रा जो तुग़लकाबाद से धलेता गाँव तक पहुँच रही है, जिसमे�� समूह संगत सादर आमंत्रित हैं। और संतगुरु श्री रविदास जी बेगमपुरा के आदर्श, सम्मान, समानता और न्याय के संदेश को जन-जन तक पहुँचाए तथा गुरुघरों की गरिमा, धार्मिक अधिकारों और संतगुरु श्री रविदास जी के सपनों के अनुरूप पराधीनता मुक्त समाज के निर्माण के संकल्प को मज़बूत बनायें।
अक्सर आरोप लगाया जाता है बसपा के पास मीडिया सेल नही है.
भले बसपा के पास मीडिया सेल नही है. बसपा के पास करोड़ों कैडर हैं.
उसी का परिणाम है इंडिया का टॉप ट्रेंड हैशटैग #बहन_जी_का_संदेश सोशल मीडिया पर नंबर वन बना हुआ है.
आदरणीय मित्रों, इस हैशटैग को आज 24 घंटे तक टॉप पर र��ना है. यह केवल ट्रेंड ��ही है, हमारी एकता और ताक़त का प्रदर्शन है.
हम बसपाईयों ने 10 बजे से #बहन_जी_का_संदेश पर लिखना शुरू किया और महज 2 घंटे में ही हमने इसे पूरे देश मे नंबर 1 पर ट्रे���ड करवा दिया और वो भी तब जब बसपा के पास कोई IT सेल नही है 🔥🔥
क्योंकि आरक्षण मूलतः सदियों से जातिवादी व्यवस्था के शिकार करोड़ों शोषित-पीड़ित, उपेक्षित व तिरस्कृत लोगों को मानवीय आधार पर समता व समानता का संवैधानिक व कानूनी अधिकार देना है, और जिसे आर्थिक उन्नति से कतई भी नहीं आँका जा सकता है - आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी
देश बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, रोजगार , जरूरी है !.
इसलिए उत्तरप्रदेश में इसबार " बसपा" की सरकार ���रूरी है !
हमारे पास न तो कोई IT CELL है न तो कोई मीडिया सेल....
फिर भी हम अपने कर्तव्यों और ईमानदारी से NO.1 ट्रेंड में बने रहते हो!
#बहन_जी_का_संदेश
#बहन_जी_का_संदेश
आकाश आनंद ने जमकर हमला बोला है भारतीय जनता पार्टी पर👇
साथियों आपके और हमारे 7000 करोड़ से अपनी नाकामियां छुपाई है भाजपा सरकार ने - आकाश आनंद
#बहन_जी_का_संदेश
बसपा मिशन-2027 🔥🔥🔥
आकाश आनंद ने आज हाथरस के सादाबाद से बसपा के चुनावी अभियान का आगाज कर दिया है। वह बहन जी के संदेशों को लेकर मतदाताओं से सीधा संपर्क बढ़ा रहे हैं।
बसपाइयों ने इसे X पर नंबर 2 पर ट्रेंड करवा दिया है। #बहन_जी_का_संदेश
1. गुजरात राज्य के ज़िला गिर सोमनाथ के ऊना में सन् 2016 में हुये दलितों पर जघन्य अन्याय-अत्याचार काण्ड के लगभग सभी अभियुक्तों को मार्च में स्थानीय कोर्ट द्वारा बरी ��रने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देकर न्याय पाने के लिये पीड़ित दलित परिवारों को वित्तीय आदि का भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी विचलित करने वाली कड़वी सच्चाई से ख़ासकर ’बहुजन समाज’ के लोगों में भारी चिन्ता व्याप्त है।
2. इसको लेकर मेरी चिन्ता का विशेष कारण यह भी है कि इस काण्ड के पीड़ितों से मिलने मैं खु़द भी वहाँ गयी थी और वहाँ सच्चाई का पूरा पता करने के बाद राज्य सरकार से सभ��� दोषियों के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई करने की माँग की थी, किन्तु देश भर में इसके ख़िलाफ रोष व आक्रोश आदि होने के बावजूद 40 में से 35 आरोपी के मार्च महीने में बरी हो जाने की ख़बर कुछ और नहीं बल्कि दलितों के प्रति सरकारी द्वेष, उनके हित व सुरक्षा के प्रति लापरवाही व उदासीनता आदि का ही परिणाम ज़्यादा लगता है।
3. वैसे अभी भी मौक़ा है जब गुजरात सरकार अपनी इस ग़लती में सुधार करत�� हुये इस मामले की हाईकोर्ट में उचित पैरवी करके सभी दोषियों को सख़्त सज़ा दिलवाये ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके और दूसरों को सबक।
4. साथ ही, राज्य सरकार पीड़ित परिवार वालों के संतोष के मुताबिक वकील सरकारी ख़र्च पर उसी तरह मुहैया कराये, जिस प्रकार बी.एस.पी. की यूपी में मेरी रही सरकार ने ग़रीबों के लिये फ्री में क़ानूनी सहायता का क़ानूनी प्रावधान किया था।
BSP को राजनीतिक नुकसान 2002–2008 के परिसीमन के बाद हुआ, जिसकी नई व्यवस्था 2009 के लोकसभा चुनाव से लागू हुई। परिसीमन के दौरान संसदीय और विधानसभा क्षेत्रो�� की सीमाएँ बड़े पैमाने पर बदली गईं और कई सीटों का पुनर्निर्धारण हुआ। मेरा मानना है कि इस प���िसीमन से BSP को गंभीर राजनीतिक नुकसान हुआ। कांग्रेस की भूमिका और परिसीमन के प्रभाव का आपको गहराई से अध्ययन करना चाहिए।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (मूलनाम: उमाशंकर पाण्डेय) ने कहा सपा और भाजपा से अच्छी सरकार बसपा सरकार थी, उनकी सरकार में सभी धर्मों का सम्मान होता था
"सपा ने तो हमको पिटवाया था,बसपा ने सम्मान दिया था "
क्या 2027 से पहले यूपी में एक बार फिर बसपा की तरफ लोगों का रूख मुड़ गया?
उमाशंकर सिंह जी के निधन पर बहन मायावती, CM योगी, पूर्व CM अखिलेश यादव सहित सभी ने संवेदना व्यक्त की।
लेकिन चंद्रशेखर आजाद ने एक शब्द नहीं बोला।
भाई, उमाशंकर सिंह जी को दल से उठकर सब पसंद करते हैं। बसपा से नफरत में इतने संवेदनहीन मत हो जाओ कि किसी की मौत पर भी आपकी आह न निकले।