दलितों पर आतंकी हमला बंद करो।
पंजाब के मुक्तसर में मोबाइल चोरी की शक में दलित युवकों के साथ बर्बर पिटाई एवं निर्वस्त्र कर पूरे गांव में घुमाने की घटना पर पूरा देश मौन क्यों है? आखिर कब तक दलितों को यूं ही कुछ भी आरोप लगाकर मारा-काटा जाता रहेगा?
ये हॉस्पिटल है या हत्या का गिरोह?
जौनपुर के बदलापुर में दलित समाज की गर्भवती महिला शारदा देवी डिलीवरी हेतु "मां हॉस्पिटल" में भर्ती हुईं।
डॉक्टर प्रदीप यादव और हॉस्पिटल स्टाफ शुरू से ही अवैध वसूली के चक्कर में डिलीवरी में देरी करते रहे। इनके लूट एवं लापरवाही के चलते महिला की हालत गंभीर होती गई। डॉक्टर सुरक्षित रूप से डिलीवरी कराने में असमर्थ थे, लेकिन वे सिर्फ पैसा वसूलने के लिए हीलाहवाली करते रहे।
इधर शारदा देवी प्रसव पीड़ा से तड़पती रहीं, लेकिन डॉक्टरों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार मजबूरी में डॉक्टर प्रदीप यादव महिला को अपने परिचित के दूसरे अस्पताल, ईशा हॉस्पिटल, ले गए, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। यह देखकर डॉक्टर प्रदीप यादव मरीज का शव छोड़कर भाग गया। इस तरह डॉक्टरों और हॉस्पिटल की लापरवाही तथा धन वसूली की प्रवृत्ति के चलते जच्चा-बच्चा दोनों की जान चली गई।
पीड़ित परिवार 3 दिन से न्याय के लिए लड़ रहा है, लेकिन प्रशासन ने अभी तक हॉस्पिटल को सील नहीं किया है और न ही डॉक्टर प्रदीप यादव को गिरफ्तार किया है। हॉस्पिटल किसी भी मानक को पूरा नहीं करता, फिर भी वह धड़ल्ले से चल रहा है। बेहद शर्म और पीड़ा की बात है कि आज शाम महिला का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा, लेकिन मौके पर न DM पहुंचे, न SDM, न SP, n CMO और न ही थानाध्यक्ष। सबने पीड़ित परिवार को तड़पने, रोने और बिलखने के लिए अकेला छोड़ रखा है।
हमारे मित्र रंजीत कुमार राजा घटनास्थल पर मौजूद हैं और परिजनों के न्याय की आवाज उठा रहे हैं। परिवार ने तय किया है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिवार की ओर से हमारी मांग है;
1) दोषी डॉक्टर प्रदीप यादव को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
2) बिना रजिस्ट्रेशन के अवैध रूप से संचालित मां हॉस्पिटल को तत्काल सील किया जाए तथा हॉस्पिटल मानकों के उल्लंघन के कारण उस पर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
3) मुसीबत की इस घड़ी में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य सक्षम अधिकारी पीड़ित परिवार से तुरंत मिलें और उन्हें कम से कम 20 लाख रुपये की सरकारी आर्थिक सहायता प्रदान करें।
4) सूचना है कि बदलापुर एवं जौनपुर में ऐसे अनेक अस्पताल धड़ल्ले से चल रहे हैं, जो हॉस्पिटल रजिस्ट्रेशन के किसी भी मानक को पूरा नहीं करते और मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करते हैं। जिलाधिकारी एवं CMO इस पर स्वतः संज्ञान लें, ऐसे सभी अस्पतालों को तत्काल सील करें तथा दोषी डॉक्टरों एवं मालिकों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इस गरीब दलित महिला की मौत पर स्वास्थ्य मंत्री, मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय महिला आयोग, अनुसूचित जाति आयोग एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए।
@jaunpurpolice@IgRangeVaranasi@brajeshpathakup@UPGovt@Mayawati
BJP के मंत्री मनोज पांडेय के साथ ये वही अयोध्या का कथावाचक पवन देव महाराज है, जिस पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ है.
कभी सोचा है कि BJP से जुड़े लोग ऐसे ही क्यों होते है ? इसमें जनता की भी लोगों को पहचान न पाने की कमज़ोरी छिपी हुई है.
खान सर की छात्राओं का पुलिस डांटकर जाने का कह रही है, छात्राओं ने कहा आप लोग तो चाहते ही नहीं हैं कि कोई पढ़ाये हमको, आगे बढ़ाए हमको। क्या सच में बिहार सरकार और प्रशासन की यही मंशा है, युवा पीढ़ी को अशिक्षित रखने कि?
🚨 जनरल कोच की भीड़ से मौत?
बताया जा रहा है कि बेहद भीड़भाड़ वाले कोच में यात्रा के बाद एक यात्री की मौत हो गई।
लाखों मजदूर ट्रेन से सफर करते हैं, लेकिन उन्हें क्षमता से कई गुना ज्यादा भरे डिब्बों में ठूंस दिया जाता है।
Around five students have reportedly died by suicide due to the immense stress and uncertainty surrounding NEET. While many have raised their voices, the most sustained nationwide protests are being led by NSUI National President Vinod Jakhar.
The NEET paper leak has jeopardized the future of millions of students and undermined the integrity of one of India's most important examinations. Young aspirants who spent years preparing for the exam feel betrayed and deprived of a fair opportunity. The government must take responsibility, ensure accountability, and initiate strict action against those involved in the scandal.
From Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Maharashtra, Karnataka and Uttarakhand to several other states, protests are being organized under the leadership of Vinod Jakhar. Today, lakhs of students are on the streets demanding justice, transparency, and protection of their future.
Such gangs of Hindu goons have been let free even after being involved in numerous criminal acts against Muslims. They publicise their crimes, but the state ignores treats them as jokes.
अगर ब्राह्मणवाद को बचाना है तो पहला काम,
तुम खुद के गंदगी को साफ करो,
जब किसी पंडा, कथावाचक का रेlपिस्ट होने का
प्रत्यक्ष प्रमाण मिल जाता है तो तत्काल उसे
फांसी देने के लिए आवाज उठानी चाहिए.🔥
मनुवादियों को 🫢🫢🫢🥲
जब हिंदू लड़की किसी मुस्लमान से शादी करती है तो कुछ लोग लड़के को "जिहादी" और पता नहीं क्या -क्या बना देते हैं!
लेकिन यहां तो एक लड़का हिंदू से मुस्लिम बन गया है!
"ये मामला इश्क़ का है, प्यार का है"
प्यार अंधा होता है और किसी से भी हो सकता है क्योंकि प्रेम में स्वार्थ का कोई स्थान नहीं है।
मैं ऐसे कई लोगों को जानता हूं जिन्होंने मुल्सिम लड़कियों से शादी किया है क्योंकि उन लोगों में प्यार था और प्यार ही एकमात्र सच्चाई है जो रिश्तों को बांधे हुई है.
लेकिन कोई नहीं नफरती लोगों का काम है नफ़रत फैलाना और उसे दिन भर परोसना.
हम तो गांधी जी के भक्त हैं, अहिंसा के पुजारी🙏
मध्य प्रदेश के धार जिले के सागौर में जामा मस्जिद पर बुल्डोजर विवाद को लेकर हुई मारपीट में घायल सलमान की इलाज के दौरान इंदौर के अस्पताल में दर्दनाक मौत हो गई!
30 मई को मस्जिद के पास स्थानीय बदमाशों और सलमान के पिता शमशुद्दीन के बीच मामूली विवाद हुआ था, विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने सलमान के पिता शमशुद्दीन को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, सूचना मिलने पर सलमान और उनके भाई भूरा मौके पर पहुंचे, तो बदमाशों ने उन पर भी लाठी-डंडों और बेसबॉल बैट से जानलेवा हमला कर दिया!
बुरी तरह घायल सलमान को इंदौर के चोइथराम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी जान चली गई!
Alhamdulillah I am muslim
ये हैं आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली और चांदनी। आयुष और चांदनी एक दूसरे से मोहब्बत करते थे फिर शादी कर लिया।
आयुष ने 12 साल पहले सनातन धर्म छोड़कर इस्लाम कबूल किया इसके बाद उनके परिवार ने चांदनी पर जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया।
आयुष मीडिया के सामने चिल्ला चिल्ला कर कह रहा है "alhamdulillah I Am Muslim"
मुझे किसी ने जबरदस्ती इस्लाम नहीं कबूल करवाया, मैं स्कूल टाइम से ही इस्लाम के बारे में पढ़ रहा था। मुझे इस्लाम धर्म बहुत खूबसूरत लगा इसलिए मैंने कबूल किया
बाकी मीडिया का नीचपना देखना हो तो जाकर सब की हेडलाइन देख लीजिए
Shamli (UP): #AyushMalik has publicly defended his Muslim identity, declaring “Alhamdulillah, I am a Muslim,” while opposing the arrest of his wife #ChandniQureshi and father-in-law Islam Qureshi under Uttar Pradesh’s anti-conversion law.
He called the case is fake, filed by his father #DevarajMalik, who alleged coercion after their 2018 hospital meeting.
अल्हम्दुलिल्लाह में मुसलमान हूं , अल्हम्दुलिल्लाह में मुसलमान हूं ,
इस लड़के का जज्बा , हिम्मत देखकर ऐसा लगता है इसके सामने हम और आप जैसे मुसलमानो का ईमान कुछ भी नहीं ,
शामली के इस भाई के लिये जन्नत में ऊँचे महल खड़े कर दिए होंगे , ऐसे बाग़ और महल होंगे जिनके नीचे नेहरे बह रही होगी , ऐसे फल बाग़ में लगे होंगे जिनको कभी किसी ने देखा होगा,
रेशमी लिबास दे दिया गया होगा , सोना चांदी हीरे जवाहरात दे दिए होंगे , जन्नत की हूर इनकी सेवा करेगी ,
वैसे हम धार्मिक पोस्ट करते नहीं है लेकिन मामला ऐसा है तो हमें पोस्ट करना पढ़ा , हम अल्लाह से दुआ करेंगे इस भाई को हमेशा ख़ुशी दे और दोनों जहां की इज़्ज़त दे : आमीन ,
हक़ वही जो सर चढ़ कर बोले
Alhamdulillah i am muslim.... और मुझे किसी ने जबरदस्ती मुसलमान नही बनाया मैंने अपनी मर्जी से अपनी खुशी से इसलाम कुबूल किया और आयुष से रहमान बना!
इस लड़के के ईमान को सलाम 🫡
मोहब्बत में चांदनी ‘ज्योती’ बने तो वाह-वाह! आयुष ‘अली’ बने तो हाय तौबा!
यूपी के शामली में चांदनी कुरैशी जिम ट्रेनर हैं। उनके जिम में आयुष मलिक आते थे। आयुष और चांदनी के बीच नज़दीकियाँ बढ़ीं, और ‘प्यार’ हो गया। लेकिन इस प्यार में दोनों का ‘धर्म’ दीवार बन गया। अब दोनों के सामने शादी की चुनौती थी। अपने-अपने धर्म अनुसार शादी करने के लिए दोनों में से किसी एक को धर्मांतरण करना था। आयुष मलिक ने धर्मांतरण कर लिया, और अपना नाम मोहम्मद अली रख लिया। आयुष के अनुसार उसने इस्लाम का अध्ययन करना शुरू किया, और फिर इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया। आयुष ने दाढ़ी रख ली, नमाज़ पढ़ना शुरू कर दिया, बताया तो यहां तक जा रहा है कि दोनों ने निकाह भी कर लिया है।
आयुष के धर्मांतरण की जानकारी जैसे ही हिन्दुवादी संगठनों को पहुंची तो उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया। मीडिया ने भी उनका भरपूर साथ दिया, एक कहानी गढ़ी गई कि, आयुष के पास करोड़ों की संपत्ति है, उसे हड़पने के लिए प्यार का ‘प्रपंच’ रचा गया है। पुलिस ने चांदनी कुरैशी और उनके पिता समेत करीब दस लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और चांदनी समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
अब यहां से पुलिस की निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगता है। इसी प्रदेश में आए दिन ऐसी ख़बरें आती रहती हैं, जिसमें मुस्लिम युवती धर्म बदलकर किसी मंदिर में जाकर ब्याह रचाती है। यूपी पुलिस ने उनमें से आज तक ऐसे कितने मामलों में कार्रवाई की है? कार्रवाई तो छोड़िए यूपी पुलिस ने ऐसे ‘जोड़ों’ को सुरक्षा दी है, और हिंदूवादी संगठनों ने उनको संरक्षण दिया है।
इन दिनों यूपी का बरेली ‘दूसरे’ समुदाय की युवतियों के मतांतरण और उनका ‘प्रेमी’ के साथ विवाह कराने का केंद्र बना हुआ है। लेकिन मजाल भला कि यूपी पुलिस ने उनमें से किसी पर भी कोई कार्रवाई की हो! वो हिन्दुवादी संगठन जो ‘अपने’ समुदाय की युवती द्वारा ‘दूसरे’ समुदाय के युवक से शादी करने पर लव जिहाद का शोर मचाते हैं, वही संगठन ‘दूसरे’ समुदाय की युवती का धर्मांतरण कराकर उसका ‘अपने’ समुदाय के ‘युवक’ से ‘प्रेम विवाह’ कराते हैं, और उसे सेलिब्रेट करते हैं। मीडिया भी इसे सेलिब्रेट करके बताता है कि प्रेम में टूटी धर्म की दीवार, अंजुम ने आकांक्षा बनकर मंदिर में की फलाने से शादी! हिंदूवादी संगठन और ‘हिंदू’ मीडिया इसे प्रेम विवाह बताता है। जबकि यही अगर मामला ‘दूसरा’ तो तब ‘लव जिहाद’ बन जाता है।
अब जिस चांदनी कुरैशी द्वारा आयुष मलिक का धर्मातरण कराए जाने के ख़बरें सामने आ रही हैं, और पुलिस द्वारा जैसी कार्रवाई की जा रही है। क्या यही कार्रावाई तब भी होती जब, चांदनी कुरैशी आयुष की ‘मोहब्बत’ में धर्म बदलकर ज्योति मलिक बन गई होती? क्या तब चांदनी के पिता की शिकायत पर आयुष, उसके परिजनों, और चांदनी का धर्मांतरण कराने वाले मंदिर के पुजारियों को ऐसे ही जेल भेजा जाता, जैसे चांदनी और उसके परिजनों को जेल भेजा गया है। नहीं! तब यह ‘प्रेम विवाह’ कहलाता। वही पुलिस जो आज चांदनी और उसके परिजनों पर कार्रवाई कर रही है, वही पुलिस उन्हें सुरक्षा देती। हिन्दुवादी संगठनों के फ्रिंज एलिमेंट्स इसे सेलिब्रेट कर रहे होते। ये कानून के दोहरे मापदंड नहीं तो क्या हैं? आयुष की मोहब्बत में चांदनी धर्म बदलकर ज्योति बन जाए तो ठीक! चांदनी की मोहब्बत मे आयुष धर्म बदलकर मोहम्मद अली बन जाए तो अपराध, साजिश और जाने क्या क्या फलाना ढिमकाना। यह दोहरे मापदंड नहीं तो क्या हैं? मदर ऑफ डेमोक्रेसी की पुलिस, मदर ऑफ डेमोक्रेसी की बहुसंख्यक आबादी के सामने निष्पक्षता सबसे बड़ी चुनौती है। मदर ऑफ डेमोक्रेसी की बहुसंख्यक आबादी के पास सत्ता है, सरकार है, पुलिस है, संसाधन हैं, क्या निष्पक्ष न्याय का माद्दा भी है?
In Shamli, U.P
Ayush Malik's wife Chandni was arrested & Jailed after her In-laws slapped a forced conversion case on her
Here is Ayush crying & saying
'My family has done this fake case to harass us & I converted to Islam on my own will,Alhamdulillah I am a Muslim"
“20 साल से टीवी पर एक ही तरह के जोक्स, नकली हंसी और स्क्रिप्टेड कॉमेडी बेचने वालों की बादशाहत को 40 साल पुराने खिलाड़ी ने सिर्फ 40 दिनों में हिला दिया 🔥
शेखर सुमन ने आते ही नेताओं पर खुलकर वार किए, सिस्टम की पोल खोली और वही बेबाक राजनीतिक कॉमेडी वापस ले आए जिसे टीवी ने सालों पहले मार दिया था…
उधर करोड़ों फीस लेने वाले स्टार्स आज भी कपड़े बदल-बदल कर वही घिसे-पिटे एक्ट कर रहे हैं, जिससे जनता अब पूरी तरह बोर हो चुकी है.
कहते हैं शेर बूढ़ा नहीं होता…
और शेखर सुमन ने साबित कर दिया कि असली कलाकार TRP नहीं, कंटेंट से राज करता है 🔥”