@withbharatjodo देश की जनता समझ नहीं पा रही कि किस पर भरोसा करे। हर पार्टी कभी सनातन का विरोध करती दिखती है और कभी उसी की सबसे बड़ी हितैषी बनने का दावा करती है।
इसलिए यह मत कहो कि सिर्फ दूसरे दोषी हैं। तुम भी दूध के धुले नहीं हो। हिंदू राजनीति को इस मुकाम तक पहुँचाने में तुम्हारा भी योगदान है।
@BJP4India देश की जनता समझ नहीं पा रही कि किस पर भरोसा करे। हर पार्टी कभी सनातन का विरोध करती दिखती है और कभी उसी की सबसे बड़ी हितैषी बनने का दावा करती है।
इसलिए यह मत कहो कि सिर्फ दूसरे दोषी हैं। तुम भी दूध के धुले नहीं हो। हिंदू राजनीति को इस मुकाम तक पहुँचाने में तुम्हारा भी योगदान है।
@BJP4India देश की जनता अब भ्रमित है। हर पार्टी कभी सनातन का मज़ाक उड़ाती है, तो कभी खुद को उसका सबसे बड़ा समर्थक बताती है।
दूध के धुले तुम भी नहीं हो। तुम्हारी हिंदू राजनीति ने ही आज यह माहौल पैदा किया है।
@iSinghApurva हर मुद्दे पर सिर्फ़ बचाव करना बंद कीजिए। गलती मानना कमजोरी नहीं, जवाबदेही की निशानी है। लेकिन हर बार बचाव, हर बार इनकार और हर बार बहाना—यही सरकार की पहचान बनती जा रही है।
@iSinghApurva मीडिया की यह हालत भी आपकी ही बनाई हुई व्यवस्था का परिणाम है। जब तक वह आपके लिए माहौल बनाता रहा, सब ठीक था। अब वही सवाल पूछने लगे तो परेशानी होने लगी। सत्ता का नशा हमेशा नहीं रहता। जितना अहंकार बढ़ेगा, उतनी ही जनता दूरी बनाएगी। लोकतंत्र में आख़िरी फैसला जनता का होता है।
@iSinghApurva जिस मीडिया ने वर्षों तक आपके लिए माहौल बनाया, आज उसी पर सवाल उठ रहे हैं। सच तो यह है कि मीडिया ने ही मोदी को एक बड़े नेता की छवि दी। लेकिन लोकतंत्र में छवि हमेशा नहीं चलती। सत्ता का मोह जितना बढ़ेगा, उतना ही ज़मीर और जनाधार दोनों कमजोर होंगे।
@Raju__Advocate खुद वादों के दम पर सत्ता में आए, लेकिन अब चाहते हैं कि कोई दूसरा जनता से बात ही न कर सके। शायद डर है कि जनता किसी और पर भी भरोसा कर सकती है।
@Raju__Advocate बोल-बोलकर वादे करके सत्ता में आए थे, लेकिन अब किसी और को बोलने भी नहीं देना चाहते, क्योंकि उन्हें डर है कि कोई दूसरा भी वादे करके सत्ता में आ सकता है।
@Leo_Knock@ArvindKejriwal 1. भाजपा ने हिंदू और हिंदुत्व की राजनीति को सत्ता तक पहुँचने का सबसे बड़ा माध्यम बना दिया। अब लगभग हर पार्टी उसी रास्ते पर चलने को मजबूर दिखती है। विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दे पीछे छूट गए। इसके लिए जनता भी कम ज़िम्मेदार नहीं है।
@ArvindKejriwal 1. भाजपा ने हिंदू और हिंदुत्व की राजनीति को सत्ता तक पहुँचने का सबसे बड़ा माध्यम बना दिया। अब लगभग हर पार्टी उसी रास्ते पर चलने को मजबूर दिखती है। विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दे पीछे छूट गए। इसके लिए जनता भी कम ज़िम्मेदार नहीं है।
@iSinghApurva ट्विटर पर किसी भी अकाउंट की प्रोफ़ाइल खोलिए, उसकी पोस्ट और रिप्लाई ही बता देंगे कि उसका झुकाव किस पार्टी की ओर है और वह किसका विरोध करता है। Jeseki ye modi paglu hai.
@abhinaymaths जनता डर के कारण सरकार के खिलाफ खुलकर नहीं बोलती। सांसद भी सरकार की नाकामियों पर सवाल उठाने वालों के साथ खड़े होने से बचते हैं। वहीं प्रधानमंत्री शासन की विफलताओं पर इसलिए चुप रहते हैं कि उनकी छवि पर आंच न आए।
@abhijeet_dipke चुनाव के दिन:
"आपका एक वोट देश बदल देगा।"
चुनाव के बाद:
"आपको इस विषय की समझ नहीं है।"
लगता है वोट डालते ही जनता की डिग्री भी एक्सपायर हो जाती है!
@abhijeet_dipke वोट देते समय हमारी समझ पर पूरा भरोसा होता है, लेकिन मंत्री के इस्तीफ़े की बात आते ही कहा जाता है कि "आपको जानकारी नहीं है।"
लगता है लोकतंत्र में जनता की बुद्धि सिर्फ मतदान वाले दिन ही काम करती है।