#Destroyer_of_Society_Maharshi_Dayananand
Satyarth Prakash, Chapter 11,
- On pages 297-298
Dayanand Saraswati also made improper accusations against the knowledge and language of the first Guru of Sikhism, the revered Shri Guru Nanak Dev Ji.
He wrote that he had no knowledge.
#शास्त्रार्थ_का_शंखनाद
नारद जी और व्यास जी के संवाद में ब्रह्मा जी ने स्वीकार किया
कि वे इस अगाध जल में कैसे उत्पन्न हुए, यह उन्हें ज्ञात नहीं था।
देखें खास वीडियो "शास्त्रार्थ का शंखनाद" Sant Rampal Ji Maharaj YouTube Channel पर।
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#शास्त्रार्थ_का_शंखनाद
जनता होगी जज: संत रामपाल जी महाराज ने कहा कि आध्यात्मिक डिबेट का निर्णय भारत की समझदार और शिक्षित जनता (जनता रूपी जज) करेगी। देखें खास वीडियो "शास्त्रार्थ का शंखनाद" Sant Rampal Ji Maharaj YouTube Channel पर।
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#GodMorningThursday
#शास्त्रार्थ_का_शंखनाद
पहला विषय - सृष्टि रचना: संत रामपाल जी महाराज जी की आध्यात्मिक डिबेट में सबसे पहला पक्ष सृष्टि की उत्पत्ति पर रखा जाएगा कि सृष्टि की रचना वास्तव में किसने और कैसे की।
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#समाज_की_शत्रु_सत्यार्थप्रकाश
सत्यार्थ प्रकाश तीसरा समुल्लास (समाज का उपदेश सूर्यादि विषय का वर्णन करते हुए लिखा है कि-
सूर्य पर भी मनुष्यादिक रहते हैं, वे वेद पढ़ते हैं।
मानवधर्मी होते हुए भी सब प्रकार से सुखी हैं। उनका शरीर उज्जवल, तेजोमय और अत्यन्त सुखदायक है।
#Kalyug_Mein_SatyugKiShuruat6
आध्यात्मिक विज्ञान बनाम आधुनिक विज्ञान: क्या शब्द शक्ति वाकई पदार्थ की स्थिति बदल सकती है?
जानने के लिए देखिए कलयुग में सतयुग की शुरुआत — भाग 6, Factful Debates यूट्यूब चैनल पर
Watch Factful Debates Yt
#शास्त्रार्थ_का_शंखनाद
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जैसे कोर्ट में वकील संविधान के आधार पर पक्ष रखते हैं, वैसे ही
संत रामपाल जी महाराज ने खुद को आद ि सनातन धर्म का
एडवोकेट बताते हुए
धार्मिक ग्रंथों (ईश्वरीय संविधान) के आधार पर पक्ष रखने की बात कही हैं।
#शास्त्रार्थ_का_शंखनाद
डिबेट का आधार (धार्मिक ग्रंथ): संत रामपाल जी महाराज जी की आध्यात्मिक चर्चा का आधार पवित्र चारों वेद (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद), श्रीमद्भगवद्गीता, सूक्ष्मवेद, 18 पुराण, रामायण और भागवत महापुराण, महाभारत जैसे पवित्र ग्रंथ होंगे।
#शास्त्रार्थ_का_शंखनाद
डिबेट का आधार (धार्मिक ग्रंथ): संत रामपाल जी महाराज जी की आध्यात्मिक चर्चा का आधार पवित्र चारों वेद (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद), श्रीमद्भगवद्गीता, सूक्ष्मवेद, 18 पुराण, रामायण और भागवत महापुराण, महाभारत जैसे पवित्र ग्रंथ होंगे।
#शास्त्रार्थ_का_शंखनाद
पहला विषय - सृष्टि रचना: संत रामपाल जी महाराज जी की आध्यात्मिक डिबेट में सबसे पहला पक्ष सृष्टि की उत्पत्ति पर रखा जाएगा कि सृष्टि की रचना वास्तव में किसने और कैसे की।
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