प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
WHEN WILL I END THE FAST….!
Not withstanding my health my fast continues till after the Sansad Chalo March, and will be broken only under the following circumstances…
नीति यह है कि देश हित जाय भाड़ में
सत्ता में रहने चाहिए।
लोगों की जान जाए तो जाए सत्ता नहीं जानी चाहिए और कुछ भी करके एकबार सत्ता चली गई तो फ़िर कभी नहीं मिलेगी।
सरकार हमारी चुनी हुई है अगर वो हमारी ही बात नहीं सुन रही तो क्या यह लोकशाही है????
नहीं
यह तानाशाही है तो ऐसी तानाशाह सरकार हरगिज़ में बर्दाश्त नहीं करना चाहिए।
वरना गुलाम तो पहले थे ही
आज तानाशाह सरकार के ग़ुलाम बनेंगे।
Message from Sonam :
20th JULY
आज़ादी का दूसरा आन्दोलन
भय मुक्त भारत, अन्याय मुक्त भारत
Freedom from injustice (Like paper leaks)
Freedom from Fear (my illegal detention)
India’s 2nd FREEDOM MOVEMENT
March to the Parliament
Please make it a big success
Sent through Gitanjali
from my illegal detention at Safdarjung