Dear Shri Navdeep Rinwa ji, Apna kaam sahi se karo. There are several discrepancies in every booth in UP even after 6 months of Final SIR list. Ye trolling aap BJP paid trolls pe chhod do...
इलाहाबाद (अब प्रयागराज) के सिविल लाइंस इलाके में एक नाम बड़ा मशहूर था— गुड्डू तिवारी।
गुड्डू भइया अपने इलाके के एक नामी, लेकिन पूर्व नेता हुआ करते थे। उन्होंने एक बार निर्दलीय चुनाव लड़ा था। पर्चा भरते ही पूरे मोहल्ले में भौकाल टाइट कर दिया था— "अमा यार! लिख के ले लो, कम से कम पचास हज़ार वोट से जीत रहे हैं हम!"
लेकिन जब रिजल्ट आया, तो पता चला कि गुड्डू भइया को कुल जमा सत्ताईस (27) वोट मिले हैं। इनमें से चार वोट उनके घर वालों के थे, और बाकी तेईस वो लोग थे जिन्हें गुड्डू भइया ने सुबह-शाम समोसे खिलाए थे।
दरअसल, गुड्डू भइया को बचपन से ही एक भयानक बीमारी थी— उन्हें 'गिनती' नहीं आती थी। नंबरों से उनका ऐसा बैर था कि दो और दो उनके लिए कभी चार नहीं हुए, हमेशा साढ़े पांच ही होते थे।
जब राजनीति से पत्ता साफ़ हुआ तो गुड्डू भइया ने सोचा, "नेतागिरी में ए���्टिंग ही तो करनी थी, चलो अब सीधे एक्टर बन जाते हैं!" उन्होंने एक लोकल भोजपुरी-हिंदी मिक्स फिल्म कंपनी ज्वाइन कर ली। लंबा-चौड़ा शरीर और भारी आवाज़ थी, इसलिए उन्हें रोल मिलने लगे।
लेकिन, इस पूरी दुनिया में अगर किसी एक इंसान से गुड़��डू भइया की रूह कांपती थी, तो वो थीं उनकी धर्मपत्नी— विमला देवी। विमला जी के एक इशारे पर गुड्डू भइया का सारा नेतागिरी और एक्टिंग का भूत उतर जाता था।
एक बार गुड्डू भइया को एक फिल्म "इलाहाबाद का यमराज" में खूंखार डाकू 'भैरव सिंह' का बहुत बड़ा रोल मिला। विमला जी ने घर में चेतावनी दी, "सुनिए! मैंने अपनी सारी सहेलियों को शूटिंग देखने बुलाया है। अगर कोई गड़बड़ की, तो डायरेक्टर तो बाद में मारेगा, पहले ह��� कुटाई करेंगे"
आखिरकार शूटिंग का दिन आ गया। सीन बहुत सीरियस था। गुड्डू भइया (डाकू भैरव) को हीरो के बाप को किडनैप करके हीरो को फोन पर धमकी देनी थी। डायरेक्टर ने समझाते हुए कहा, "गुड्डू जी, डायलॉग याद है ना? आपको बोलना है— 'अगर तूने 50 लाख रुपये नहीं दिए, तो मैं तेरे बाप के सीने में 3 गोलियां उतार दूंगा और तेरे खानदान के 10 लोगों को भून डालूंगा!'"
गुड्डू भइया ने कहा, "अरे गुरु, एकदम रटा हुआ है! तुम बस एक्शन बोलो।"
सामने कुर्सी पर विमला जी अपनी तीन सहेलियों के साथ शूटिंग देखने बैठी थीं।
डायरेक्टर: "रोल... कैमरा... एंड एक्शन!"
गुड्डू भइया पूरी ताकत से गरजे: "सुन बे छोकरे! अगर तूने मुझे 3 रुपये नहीं दिए! तो मैं तेरे बाप के सीने में 50 लाख गोलियां उतार दूंगा! और... और तेरे खानदान के साढ़े तीन लोगों को भून डालूंगा!"
पूरे सेट पर सन्नाटा छा गया। हीरो का बाप, जो कुर्सी से बंधा हुआ था, वो भी कन्फ्यूज हो गया कि साढ़े तीन लोग कैसे भूने जाएंगे? और 50 लाख गोलियां उसके एक सीने में फिट कैसे होंगी!
डायरेक्टर ने माथा पीट लिया, "कट! कट! कट! अरे गुड़्डू जी, 50 लाख रुपये मांगने हैं, 3 गोलियां मारनी हैं।"
गुड्डू भइया ने खिसियाते हुए कहा, "अमा यार, स्लिप ऑफ़ टंग हो गया।"
डायरेक्टर: "टेक टू... एक्शन!"
गुड्डू भइया ने इस बार और ��्यादा जोश में डायलॉग बोला, इस बार भी गड़बड़ी।
डायरेक्टर गुस्सा गया।
अब ��ुड्डू भइया का पूर्व-नेता वाला पारा हाई हो गया, "अरे डायरेक्टर बाबू! गिनती में क्या रखा है? भावनाएं समझो! डाकू गुस्से में है, वो कुछ भी बोल सकता है!"
लेकिन तभी सेट के पीछे से एक खौफनाक आवाज़ आई। विमला जी अपनी कुर्सी से उठ खड़ी हुई थीं। "गुड्डू...!!"
गुड्डू भइया की हवा टाइट हो गई। "जी... जी विमला जी!"
विमला देवी साड़ी कमर में खोंसते हुए सेट पर आ गईं, "तुमसे एक गिनती नहीं संभल रही? घर में जब मैं कहती हूँ कि 5 ���िलो आलू लाना, तो तुम 3 किलो ले आते हो और पैसे 10 किलो के देकर आते हो! आज यहाँ भी वही ड्रामा! हटो, मैं बताती हूँ डायलॉग कैसे बोलते हैं।"
विमला जी ने कैमरे के सामने आकर, हीरो के बाप की तरफ ऐसी खूंखार नज़र से देखा कि बेचारा असली में कांप गया। फिर उन्होंने कड़कती आवाज़ में कहा: "सुन बे! अगर कल सुबह ठीक 10 बजे तक, पूरे 50 लाख इस बैग में नहीं आए, तो इसके शरीर में 315 बोर की राइफल से पूरी 6 गोलियां दाग दूंगी! एक कम न एक ज्यादा! समझ में आया?"
डायरेक्टर की आँखें चमक उठीं। उसने तुरंत कैमरामैन को इशारा किया। "परफेक्ट! क्या एक्सप्रेशन है! क्या टाइमिंग है! मैडम, आप डाकू की पत्नी का रोल करेंगी?"
गुड्डू भइया कोने में खड़े होकर मन ही मन उंगलियों पर गिन रहे थे, "6 गोलियां... 10 बजे... 50 लाख..." फिर उन्होंने डायरेक्टर से धीरे से पूछा, "गुरु, अगर ये मेरी हीरोइन बन गई, तो मेरा क्या होगा?"
डायरेक्टर ���े हंसते हुए कहा, "गुड्डू जी, अब आप बस इनके पीछे खड़े होकर गोलियां गिनने का काम करना!"
गुड्डू भइया आज भी गड़बड़ी करते फिर रहे हैं।
(काल्पनिक कहानी)
5 साल पहले जब देश ऑक्सीजन के लिए तड़प रहा था तब बंगाल में दीदी ओ दीदी कर रहे थे
आज जब लोग गैस सिलेंडर के लिए परेशान हैं, तब केरल में ट्रेन को हरी झंडी दिखा रहे हैं
अपने बच्चों को बचपन से ही ज़िम्मेदारी का एहसास कराइये
वरना ताउम्र जिम्मेदारियों से भागने की आदत पड़ जाती है
When a motion for the removal of the Speaker is taken up, Article 96 makes it very clear that the Speaker cannot sit in the Chair. The actions of the Speaker also cannot be admitted at that point of time.
You (Jagdambika Pal) have been appointed by the Speaker of the Lok Sabha. You are sitting there as a member of the panel of chairpersons appointed by the Speaker of the Lok Sabha.
Article 93 states: “The House of the People shall, as soon as may be, choose two members of the House to be respectively Speaker and Deputy Speaker thereof and, so often as the office of the Speaker or Deputy Speaker becomes vacant, the House shall choose another member to be Speaker or Deputy Speaker, as the case may be.”
Immediately after the election, the Speaker and Deputy Speaker are supposed to be elected. For the last seven years, you have not elected a Deputy Speaker. You have created a constitutional vacuum.
This question is very clear. Article 96 is very clear.
👉The House has to select a person to sit in the Chair.
: Congress General Secretary (Org.) @kcvenugopalmp ji in Lok Sabha
मुख्यमंत्री धामी @pushkardhami और भाजपा @BJP4UK सरकार ये जवाब दे जब शीतकाल के लिए ��ारधाम के कपाट बंद हैं तो गाड़ियों-स्पीकर्स के साथ शोर मचाते ये लोग गंगोत्री धाम अपवित्र करने कैसे पहुँच गए ?
कहाँ सोया है शासन-प्रशासन ? हुड़दंगियों पर क्यों कारवाई नहीं होती है ?
@uttarakhandcops
प्रयागराज के सोराव में मीना देवी ने सैकड़ो मुस्लिमों का नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए BLO को फॉर्म 7 दिया
सपा नेताओं ने रंगे हाथ पकड़ लिया
प्रदेश में बड़ी मात्रा में मुस्लिम समुदाय के वोट काटे जा रहे है लेकिन चुनाव आयोग बेशर्मी के साथ चुप है
BJP कार्यकर्ता ने 17 मुस्लिम वोटरों का नाम कटवाने के लिए आपत्ति लगाई। तर्क दिया कि ये कहीं और शिफ्ट हो गए हैं। BLO दीपिका बंसल ने अपनी जांच में पाया कि ये वोटर कहीं शिफ्ट नहीं हुए, अपने गांव में ही रहते हैं।
सपा नेता ने BJP कार्यकर्ता को फोन किया तो उसने आपत्ति लगाने की बात स्वीकारी है। मामला यूपी के जिला बु��ंदशहर का है। कॉल पर बातचीत सुनिए...
@Shahnawazreport
दशरथ कुमार ने BLO रमजान अली को 127 लोगों के नाम वाले फॉर्म देकर कहा- ये सारे नाम वोटर लिस्ट से उड़ा दो।
दशरथ ने कहा- ये लोग यहाँ नहीं रहते।
BLO ने जाँच की तो सब लोग मिल गए लेकिन दशरथ मान नहीं रहे। दबाव बना रहे।
अब सवाल है ये दशरथ कुमार हैं कौन, किसके लिए काम करते हैं?
“सिर्फ नकाब हटाया है तो इतना हल्ला, कहीं यहाँ-वहाँ उंगली लगा देते तो क्या होता”
ये बेशर्मी की बात हँसते हुए ���ूपी सरकार में म���त्री संजय निषाद कह रहे हैं
जिस अंदाज़ और जिस काईयाँ हँसी के साथियों यह कह रहे हैं वो उनकी
घटिया, बेहूदा और महिला विरोधी सोच दिखाता है
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज, जस्टिस शेखर यादव के 'कठमुल्ला' वाले विवादास्पद बयान को लेकर सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनके खिलाफ़ कार्रवाई की सिफारिश की ��ी। लेकिन सरकार ने उस सिफारिश को अनसुना कर दिया। बता रहे हैं जस्टिस गवई:
@news24tvchannel