अब एक समाचार 'सूत्रों' के नहीं, 'उच्च पदस्थ सूत्रों' के हिसाब से फैलाया जा रहा है कि सरकार UGC रोलबैक नवंबर के मध्य में करेगी। यह कोई समाचार नहीं है, यह वही धूर्तता है जो इनके प्रवक्ताओं के मुँह में माइक देने पर ये कहते हैं कि 'विषय कोर्ट में है'।
ध्यान रहे हमारी तीन माँगें हैं:
1. UGC रोलबैक
2. मोदी एक्ट में समुचित संशोधन
3. वर्तमान आरक्षण में समीक्षा
कोई एक माँग से कुछ नहीं होने वाला। संघर्ष चल���ा रहेगा। 5 महीना लगे, 2 साल लगे, 10 साल लगे।
ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारा भाई अब हमारे बीच नहीं रहा। लेकिन प्रोफेसर दुल्ला के खिलाफ जिस तरह से विर��ध प्रदर्शन किया जा रहा है, वह तर्कसंगत नहीं लगता।
नियम बिल्कुल स्पष्ट है—अगर आप नकल या चीटिंग करते हैं, तो कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
: IIT बॉम्बे के एक छात्र
योगी जी 91% reservation के लिए लड़ रहे हैं, Supreme Court जा रहे हैं। मोहन यादव 73% reservation के लिए Supreme Court में appeal कर रहे हैं। Odisha Government ने SC का reservation disproportionately बढ़ाकर 15%, मतलब total कितना, 22% या जो भी है, वो कर दिया।
तो reservation तो BJP हर जगह बढ़ा रही है। Who are you trying to fool?
OBC Act तुम already ला चुके हो।
साहिल वकोड़े IIT बॉम्बे के छात्र थे। परीक्षा चल रही थी। पूरा प्रश्नपत्र AI एप्प को अपलोड कर के उत्तर कॉपी में लिख रहे थे। प्���ोफेसर ने पकड़ लिया। बाहर ले गए, डाँटा और कहा कि संस्थान के नियम स्पष्ट हैं आप चोरी करते पकड़े गए तो सस्पेंड किए जा सकते हो।
साहिल ने बाद में आत्महत्या कर ली। माँ-बाप ने पोस्टमार्टम के बाद भी शव नहीं लिया क्योंकि उन्हें न्याय चाहिए। न्याय पाने के लिए उन्होंने मोदी एक्ट की धाराएँ लगवा दीं प्रोफेसर पर।
एक लड़का आरक्षण से IIT पहुँचा। कम नंबर न आए, इसलिए चोरी कर रहा था। वह टॉपर बनना चाह रहा था। पर ��क मनुवादी शिक्षक ने उसे कॉलेज के कानून बताए, सस्पेंड किया भी नहीं। उसने आत्महत्या कर ली।
क्या एक दलित को फोन ले जाने अनुमति नहीं होनी चाहिए? क्या ऐतिहासिक प्रताड़ना के कारण उसको ओपन मोबाइल परीक्षा देने की अनुमति नहीं होनी चाहिए?
आज एक ब्राइट स्टूडेंट, जो जेट इंजन बना सकता था AI से पूछ कर, हमारे बीच इसलिए नहीं रहा क्योंकि उससे पहले ही चरण में रोक लिया गया। मोदी एक्ट इसीलिए बना ही है।
प्रोफेसर को फाँसी होनी चाहिए।
स्वयं सारा प्लान करवाओ, और स्वयं आश्चर्यचकित हो जाओ कि यार, ये सब हो रहा है मेरे लिए… एकदम से सरप्राइज़ कर दिया आप लोगों ने। रुकिए, हैशटैग तो लगा ल��ँ।
Chinmoy Krishna Das was given 5 hours to perform the last rights of his mother. He then fell to the feet of Shri Krishna, crying profusely, before being taken back to jail.
My heart aches watching these videos. Fuck Jihadis. Fuck Bangladesh. Fuck their Jihadi govt.
Condition of Hindus in Bangladesh
A dying mother’s final wish was simply to see her son one last time. Chinmoy Krishna Das was denied even that, and was granted only five hours of parole after her death to perform her last rites.
चाहे समाजवादी पार्टी या कांग्रेस हो उन्होंने कभी भी
अपने छपरी कार्यकर्ता को भी अकेला नहीं छोड़ा है
वही देश, हिंदुत्व की बात करने वाले अजित भारती
या स्वतंत्र भारद्वाज पर समस्या आई तो BJP उनका
साथ छोड़ देती कभी उन्ह���ं सर्पोट नहीं करती
दक्ष चौधरी की बहुत गहरी और कड़वी बात
दिल्ली पुलिस को इस वीडियो का भी संज्ञान लेना चाहिए.. स्वतंत्र भारद्वाज ने हिंसा की है तो उसपर कार्रवाई कीजिए लेकिन अगर उसके साथ भी हिंसा हुई है तो उसको भी जांच में शामिल कीजिए..
इस वीडियो में बहुत कुछ साफ है कि क्या हुआ था वहां।
“तुम पंडितों ने देश बर्बाद कर दिया, तुम धरना देकर परेशान कर दिए, तुम्हारा UGC और आरक्षण हटवायेंगे हम’’ ऐसा कहकर पुलिस वालों ने मुझे बुरी तरह मारा, चलती बस से फेंक दिया..
- RSP चीफ पंकज धरवैया का बड़ा आरोप