हनुमान जी अष्ट सिद्धि और नौ निधि के स्वामी हैं। जो आठ सिद्धियां हैं -अणिमा, महिमा, लघिमा, गरिमा, प्राप्ति, प्र���काम्य, इशित्व, वशित्व तथा नौ निधियां हैं- पद्म, महापद्म, शंख, मकर, कच्छप, मुकुंद, कुंद, नील और खर्व; वह हनुमान जी के पास हैं। इन सिद्धियों से ही हनुमान जी अपना रूप लघु और विशाल क�� सकते थे, अपनी शक्ति का विस्तार कर सकते थे।
जब हनुमान जी ने सीता जी के शोक को विनष्ट किया तो उन्होंने आशीर्वाद दिया कि आप अष्ट सिद्धि नौ निधि के प्रदाता भी होंगे।
अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।
अस बर दीन्ह जानकी माता।।
इस प्रकार #हनुमानजी न केवल इन सिद्धियोंं को धारण करते हैं, निधियों के स्वामी हैं अपितु वह इन्हें किसी को भी प्रदान कर सकते हैं। हनुमान जी पर श्री जानकी की यह कृपा अद्भुत है।
जय ��्री हनुमान जी 🙏
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