@KpPatha19731260 सरकार बनी नही घोसणा पहले ही चालू
@myogiadityanath जी
ने अभी तो बस सेवा शुरुआत की है
आगे -आगे देखो क्या होता है
आप 40,000 मिलेंगे की बात कर रहे हो
हो सकता है बाबा जी की कृपा हो 80,000 की
की घोसणा कर महिलाओ को उपहार देने का कार्य कर दे
दिल्ली की CM @gupta_rekha जी
जो कहा सो किया
पूर्व मे @ArvindKejriwal जी रहे
उनसे अच्छा उनसे बहेतर करने के लिए
महिलाओ को 2500 रूपए प्रतिमाह की
लक्ष्मी योजना का सुभारंभ किया
ऐसे मे एक सवाल बनता है, की क्या कोई
है जो @gupta_rekha जी से बहेतर कर सके
कानपुर नगर निगम टेंडर घोटाला मामले में SIT की जांच तेज। SIT टीम नगर निगम पहुंची। चीफ इंजीनियर कार्यालय में भुगतान और फर्म रजिस्ट्रेशन से जुड़ी फाइलें खंगाली गईं। संदिग्ध दस्तावेजों की फोटो लेने के साथ मुख्य अभियंता SFA जैदी समेत कई अफसरों से पूछताछ हुई। जांच हड़कंप मचा।
योगी सरकार का बड़ा फैसला, मां-बाप से बदतमीजी की तो संपत्ति से हाथ धोएंगे बच्चे
CM योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में 'उत्तर प्रदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण नियमावली-2014' में संशोधन का ऐतिहासिक फैसला लिया गया. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने जानकारी दी कि नियमावली के नियम 22 के तहत नए प्रावधान नियम 22क, 22ख और 22ग जोड़े जाएंगे. यह निर्णय बुजुर्गों को दुर्व्यवहार से बचाने, उनके अधिकारों की सुरक्षा करने और सम्मानजनक जीवन देने के उद्देश्य से किया गया है. अब अगर संतान या आश्रित रिश्तेदार बुजुर्गों का भरण- पोषण नहीं करते, तो वे जिला मजिस्ट्रेट के पास शिकायत दर्ज कराकर स्पष्ट लीगल कार्रवाई द्वारा अपनी संपत्ति से उन्हें बेदखल कर सकेंगे.
सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया को समयबद्ध किया है. पीड़ित बुजुर्ग अपनी शिकायत सीधे जिला मजिस्ट्रेट (DM) के समक्ष दर्ज करा सकेंगे. जिला मजिस्ट्रेट को इन शिकायतों पर 30 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी करनी होगी. इसके अलावा, जिला मजिस्ट्रेट को हर महीने ऐसे सभी मामलों और उन पर की गई कार्रवाई की एक मासिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपनी होगी.
जो बुजुर्ग खुद चलकर कार्यालय जाने और शिकायत दर्ज कराने की स्थिति में नहीं हैं, उनके लिए सरकार जल्द ही एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी करेगी. इस हेल्पलाइन के जरिए असमर्थ बुजुर्गों को शिकायत दर्ज कराने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने में मदद पहुंचाई जाएगी. सरकार को उम्मीद है कि संपत्ति से बेदखली के इस नए नियम से बुजुर्गों पर होने वाले अत्याचारों में कमी आएगी और उन्हें सुरक्षा मिलेगी.
#CMYogi #YogiCabinet #UPCabinetDecision #ElderlyParentsRights #EvictionRulesUP #SeniorCitizen #ZeeNews
@yadavakhilesh जी
बीरबल की खिचड़ी — न्याय और बुद्धिमानी की कहानी
राजा अकबर ने एक दिन ऐलान किया कि इतनी कड़ाके की ठंड में जो व्यक्ति रातभर तालाब के ठंडे पानी में खड़ा रहकर दिखाएगा, उसे 100 सोने की मोहरें इनाम में दी जाएँगी।
एक गरीब और दुखी व्यक्ति ने यह ऐलान सुना। गरीबी से परेशान होकर उसने इनाम पाने के लिए चुनौती स्वीकार कर ली।
वह पूरी रात बर्फ जैसे ठंडे पानी में खड़ा रहा। सुबह जब वह दरबार में पहुँचा तो राजा अकबर ने उससे पूछा, “तुमने इतनी ठंडी रात पानी में कैसे गुज़ारी? तुम्हारे पास ऐसी क्या ताकत थी कि तुम पूरी रात ठंड सह सके?”
गरीब व्यक्ति ने विनम्रता से कहा, “जहाँ मैं खड़ा था, वहाँ से आपके महल में जलता हुआ एक दीपक दिखाई दे रहा था। उसी दीपक की रोशनी को देखकर मुझे हिम्मत मिलती रही और मैंने पूरी रात गुज़ार दी।”
यह सुनकर राजा के एक मंत्री ने तुरंत कहा, “महाराज! इसने धोखा किया है। महल का दीपक देखकर इसे गर्मी मिली होगी। इसलिए यह इनाम का अधिकारी नहीं है।”
राजा अकबर ने मंत्री की बात मान ली और उस गरीब व्यक्ति को इनाम देने के बजाय कारागार में डालने का आदेश दे दिया।
यह देखकर बीरबल को बहुत बुरा लगा। उन्हें लगा कि गरीब व्यक्ति के साथ अन्याय हुआ है।
अगले दिन बीरबल दरबार में नहीं आए। अकबर ने पूछा, “बीरबल आज दरबार में क्यों नहीं आए?”
कुछ देर बाद बीरबल का संदेश आया, “महाराज, मैं खिचड़ी पका रहा हूँ। बस थोड़ी देर में तैयार हो जाएगी।”
अकबर ने सोचा कि खिचड़ी पकाने में इतना समय क्यों लग रहा है। वह स्वयं बीरबल के घर पहुँच गए।
वहाँ उन्होंने देखा कि बीरबल ने एक बर्तन में खिचड़ी रखी थी, लेकिन वह जमीन से काफी ऊँचाई पर लटका हुआ था। नीचे आग जल रही थी।
अकबर ने हैरानी से पूछा, “बीरबल! यह कैसी खिचड़ी है? आग नीचे है और खिचड़ी इतनी दूर ऊपर लटकी है। यह भला कैसे पक सकती है?”
बीरबल ने मुस्कुराकर कहा, “महाराज, अगर आपके महल का दीपक इतनी दूर से तालाब में खड़े व्यक्ति को गर्म कर सकता है, तो यह आग भी इतनी दूर से खिचड़ी को क्यों नहीं पका सकती?”
अकबर कुछ क्षण चुप रहे। उन्हें तुरंत अपनी गलती समझ में आ गई।
उन्होंने कहा, “बीरबल, तुमने मेरी आँखें खोल दीं। सचमुच, उस गरीब व्यक्ति को दीपक की रोशनी से गर्मी नहीं मिल सकती थी। उसने अपनी मेहनत और साहस से पूरी रात ठंड सहन की थी।”
अकबर ने तुरंत उस गरीब व्यक्ति को कारागार से मुक्त करने का आदेश दिया और उसे 100 सोने की मोहरें इनाम में दीं।
कहानी की सीख
न्याय करते समय केवल बातों पर नहीं, बल्कि तर्क और सच्चाई पर विचार करना चाहिए। किसी गरीब या कमजोर व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
बीरबल की बुद्धिमानी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सही तर्क के सामने गलत निर्णय टिक नहीं सकता।
राजा समझदार होता तो उसे पता होता की कोई
इतनी दूर से अग्नि कैसे ताप सकता है
इस कहानी से क्या सीख मिली बताइये
@narendramodi@narendramodi जी का नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता का प्रस्ताव सराहनीय है। दोनों देशों के बीच भाईचारा और मजबूत हो। बचाव और राहत कार्यों में सफलता मिले।”
@OOP_Nepal It is deeply saddening. May those affected receive immediate relief and protection. May God protect everyone, and may the relief efforts be successful.
The Government of India should take immediate action to assist Indian citizens affected by the floods in Nepal
नेपाल में आई इस विनाशकारी बाढ़ में जान गंवाने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना। सैकड़ों लोग, जिनमें कई भारतीय तीर्थयात्री भी शामिल हैं, लापता हैं। सभी लापता लोगों की शीघ्र सुरक्षित वापसी और प्रभावित परिवारों को राहत मिले, यही कामना है। भारत और नेपाल की सरकारें मिलकर हर संभव प्रयास जारी रखें।”
नेपाल में आई इस विनाशकारी बाढ़ में जान गंवाने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना। सैकड़ों लोग, जिनमें कई भारतीय तीर्थयात्री भी शामिल हैं, लापता हैं। सभी लापता लोगों की शीघ्र सुरक्षित वापसी और प्रभावित परिवारों को राहत मिले, यही कामना है। भारत और नेपाल की सरकारें मिलकर हर संभव प्रयास जारी रखें।”
@myogiadityanath सर आपका कार्य अत्यंत सरहानीय है
लेकीन हमारी बहाने इस महँगाई मे
मिठाई कपड़े आदि मुश्किल से खरीद रही है
उस जगह पर आपने जो सुविधा
बहनो की दी है ! इससे बड़ा उपहार
बहनो के लिए और क्या होगा
आपकी सुविधा के लिए बहुत बहुत
धन्यवाद
क्या सिस्टम ठीक करेंगे आप ?
क्या आपको जानकारी है ?
सिस्टम कैसे ठीक होगा ?
आज के दौर मे अत्यधिक लोग
परेशान है रोजगार से
जिस करण लोगो को अनेक प्रकार की कठिनाइयों
का सामना करना पड़ रहा है !
इसके लिए आप क्या करेंगे ?
और आपसे मिलना हो अगर किसी गरीब
व्यक्ति को तो वह कैसे
आसानी से आपसे मिल सकता है ?
ताकि एक गरीब अपनी बात को
आपके सामने रख सके