मैं महिला मैजिस्ट्रेट हूं, बिना मेरी अनुमति के कोई मेरी वीडियो नहीं बना सकता हैं: मजिस्ट्रेट मैडम
मतलब गजब का लॉजिक दे रही हैं मैडम जी,
जब कैमरे से इतना एलर्जी है तो रिजाइन करके घर में रहिए, कोई आपकी वीडियो बनाने नहीं जाएगा।
ऐसी सोच वाले लोग कैसे अधिकारी बन जाते हैं?
@PMOIndia Garib aur lower middle class aur ART STREAM WALE PUBLIC ADMINISTRATION SARIKHE SABJECT LENA CHOD CHUKE HAIN,ENGINEER MBA AUR DOCTOR NE PUBLIC SERVICE KA BEDA GARK KAR RAKKHA HAI, ENGINEER ENGINEER RAHE DOCTOR DOCTOR RAHE,ARTS WALE PUBLIC ADMIN KARE DESH ACHACH CHALEGA
पहले राष्ट्रपति भवन में बड़ी-बड़ी इफ्तार पार्टियां हुआ करती थीं। राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने 2002 में इन्हें बंद करवा दिया था। इफ्तार पार्टियों, बिरयानी, कबाब आदि पर होने वाला खर्च अनाथालयों में भोजन, कपड़े और कंबल बांटने पर खर्च किया गया।
2007 में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के कार्यकाल में ये पार्टियां फिर शुरू हुई. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इसे जारी रखा।
2017 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आते ही इसे फिर बंद कर दिया। महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यकाल में भी यह बंद है।
राष्ट्रपति भवन को धार्मिक आयोजनों से दूरी रखनी चाहिए। नि��ी तौर पर जिसे जो करना हो, करे।
- 2012 की इफ्तार पार्टी का एक नजारा.
यही है हमारे भारत की ख़ूबसूरती..♥️
जिसे कुछ नफ़रती लोगों ने बर्बाद करने की कोशिश की😡
दिल्ली में एक मां अपनी 2 साल की हिंदू बेटी की जान बचाने के लिए भटक रही थी। बच्ची SMA Type-1 नाम की दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है, जिसके इंजेक्शन की कीमत ₹9 करोड़ है। एक गरीब मां के लिए यह रकम नामुमकिन जैसी थी।
जब सारे रास्ते बंद हो गए, तो वो मदद की गुहार लेकर दिल्ली की जामा मस्जिद पहुँची।फिर जो हुआ, उसने नफरत की हर दीवार को ढहा दिया! जुमे की नमाज के बाद बाहर आए मुस्लिम भाइयों ने न बच्ची का धर्म पूछा, न मां की जाति। उन्होंने सिर्फ एक लाचार मां के आंसू देखे। सबने दिल खोलकर मदद की और देखते ही देखते 6.33 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम इकट्ठा कर ली!
यह कहानी गवाह है कि जब बात क���सी की जिंदगी बचाने की हो, तो इंसानियत से बड़ा कोई मजहब नहीं होता। सलाम है इन नेक दिल इंसानों को! नन्ही गुड़िया के लिए दुआएं रुकनी नहीं चाहिए। 🙏✨