#गन्ना_नियंत्रण_आदेश_2026 की वापसी देश के करोड़ों गन्ना किसानों की बड़ी जीत है।
चौधरी @jayantrld जी की प्रभावी पैरोकारी एवं भाकियू (अ) के संघर्ष से किसान हित में निर्णय लेने हेतु माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी, मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी का हार्दिक आभार।
पेट्रोल ने लगाई सेंचुरी
जब हर दिन करोडों करोड़ों कमाए तो फिर थोड़े संकट में रोज कीमतों में वृद्धि क्यों?
क्या अम्बानी के जियो बीपी को बचाने का खामियाजा भुगतना रहा है
#jiobp#ambani#Hormuj@PetroleumMin
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री भुवन चंद खण्डूरी का निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है
खण्डूरी जी त्��ाग, ईमानदारी,अनुशासन के प्रतीक थे
भावभीनी श्रद्धांजलि
#khandudi
@Uttrakhand_News @tv100
मुजफ्फरनगर के भोपा रोड पर स्थित पेपर मिली के प्रदूषण के कारण नागरिको का पलायन जारी है लेकिन पेपर मिलों की राख के कारण अब खेती भी प्रभावित ���ो रही है
पशुओं के चारे में भी राख मिली है
क्या को�� संस्था @CAQM_Official @uppcbofficial @ClimateCha2209 @DmMuzaffarnagar संज्ञान लेगा
उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के सामने गिरते उत्पादन का संकट है। यह संकट एक दिन का नहीं इसके संकेत पिछले 7-8 सालों से मिल रहे हैं
कीट प्रबंधन एवं उचित प्रजाति का अभाव इस संकट को गहरा रहा है
@UPCane विभाग इसके लिए कृत्रिम नहीं स्थायी समाधान खोजे
@ChiefSecyUP@myogioffice
₹10 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी सिर्फ एक औपचारिकता है, यह अन्यायपूर्ण है। डीज़ल, खाद, मजदूरी, सिंचाई और परिवहन की लागत लगातार बढ़ रही है, ऐसे में यह बढ़ोतरी वास्तविक लागत के मुकाबले ��गण्य है।”
किसानों की आय और लागत के बीच बढ़ती खाई पर अब गंभीर नीति हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
El Niño के 2027 तक बने रहने से कमजोर मानसून, कम बारिश और बढ़ती गर्मी से खरीफ–रबी फसलों पर ���सर पड़ सकता है।
घबराने की नहीं, रणनीति बदलने की जरूरत है—कम पानी वाली फसलें (बाजरा, ज्वार, दालें) अपनाएं, जल्दी पकने वाली किस्में चुनें, पानी बचाएं, बुवाई मौसम देखकर करें।
एल नीनो के कारण खरीफ और रबी दोनों फसलें प्रभावित होने और IMD के अनुसार वर्षा दीर्घकालिक औसत लगभग 92% रहने का अनुमान है, जिससे बुवाई में देरी, फसल वृद्धि में असमानता और कीट-रोग का खतरा बढ़ सकता है। बढ़ती लागत और जलवायु अनिश्चितता के बीच आने वाला कृषि सीजन चुनौतीपूर्ण रह सकता है।
पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश और ओलावृष्टि जैसी अप्रत्याशित मौसम स्थितियों ने किसानों को चिंतित कर दिया है।अप्रैल माह में बारिश पिछले कुछ सालों से आकस्मिक नहीं पैटर्न बन चुकी है
जलवायु परिवर्तन पर बात करनी ही होगी
#BhartiyaKisanUnionArajnaitik#climatechange