Exam तो होते रहेंगे, आप नेता जी का स्वागत देखिए
वाह.. क्या शानदार जुलूस है. यूपी की 'अमेरिका जैसी सड़कों' पर राजा की तरह दुर्विजय सिंह शाक्य का काफिला. ये होता है जलवा.
लोगा बेकार ही रो रहे हैं. क्या देशहित में एक Exam का त्याग नहीं कर सकते? शर्म आनी चाहिए.
आदरणीय @nitin_gadkari जी, ये किस ‘लॉबी’ का काम है?
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तो आपके अधीन है! कैसी सड़क बनवा कर आप देते हैं? बदनामी प्रधानमंत्री @narendramodi को उठानी पड़ रही है!
10 लाख की मशीन 33 लाख में खरीदने वाले...
फिर जनता को भ्रष्टाचार पर भाषण भी यही देंगे।
कमाल है, चोरी भी करेंगे और चौकीदार भी खुद बनेंगे।
फिर ��हते हैं कि देश के पास अस्पतालों के लिए पैसा नहीं है।
पैसा है... बस रास्ते में ही बीमार पड़ जाता है।टैक्स हम दें...
हिसाब कोई न दे...सवाल पूछो तो राजनीति बता दी जाए।
यही नया मॉडल है ?
अगर मैं मुख्यमंत्री होता तो पूर��� राज्य में जमीनें खरीदता. पहले अपने लोगों से जमीन खरीदवाता, फिर वहां से सड़क निकाल देता. खूब भ्रष्टाचार करता, जमकर पैसा बनाता.
अभी वाले मुख्यमंत्री तो देवता हैं, उनको बदनाम करने को ये सब किया जा रहा है.
शर्म आनी चाहिए आप लोगों को 😡
कभी नहीं सोचा था कि बेरोज़गारी का दृश्य इतना भयावह होता चला जाएगा।
4000 पदों के लिए 14 लाख लोग घर से निकल पड़ेंगे, स्टेशन संभालना मुश्किल हो जाएगा, और यह सब हमें सामान्य लगने लगेगा।
जिस देश का युवा नौकरी की एक उम्मीद में इस तरह संघर्ष कर रहा हो, वहाँ बेरोज़गारी सिर्फ आर्थिक मुद्दा नहीं , सामाजिक चिंता है।
सिस्टम को फॉर्म भरते समय पता था कितने अभ्यर्थी हैं।
परीक्षा की तारीख तय करते समय पता था कितने अभ्यर्थी हैं।
फिर भी स्टेशन पर यह हाल है।
राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती के लिए कुल 50 कर्मचारियों की मौजूदगी उस गुप्त कमरे में रहती थी जहां गिनती होती थी। ये कर्मचारी 3 तरह के हैं-
1. 24 कर्मचारी: नोट गिनकर उनके बंडल बनाते हैं। ये कर्मचारी प्राइवेट एजेंसी के जरिए ट्रस्ट ने रखे हैं।
2. 12 कर्मचारी: ये ट्रस्ट के हैं, जो इन 24 कर्मचारियों पर नजर रखते हैं। यानी 1 कर्मचारी के हिस्से में निगरानी के लिए 2 कर्मचारी थे।
3. 14 कर्मचारी : इनमें SBI के कर्मचारी और TCS की ऑडिट टीमों के सदस्य होते हैं।
अब ये सभी 50 कर्मचारी और इनको नियुक्त करने वाले जांच के दायरे में हैं। चोरी की रकम अब 200 करोड़ तक बताई जा रही।
पटना के पाटलिपुत्र स्टेशन पर उग्र स्टूडेंट्स को रोकने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। ट्रेन लेट होने से कई स्टूडेंट्स का पुलिस भर्ती परीक्षा छूट गया जिससे वे गुस्से में आ गए।
सरकार से राजनीतिक रैली के अलावा एक आयोजन ठीक से नहीं हो रहा है!
Missed my RBI Grade B exam today (13-06-2026) due to train delay. Gate closed at 8:15AM. Boarded 5:36AM Andul-Howrah local, reached Howrah at 8:17AM (took 2h 41m for a 30m journey). Year of hard work ruined. @RBI@AshwiniVaishnaw@RailMinIndia @serailwayty @drm_howrah #RBIGradeB
IMPORTANT: NO criminal case pending against Meenakshi Natarajan in Telangana matter clarifies a Hyderabad court, returns the private petition citing lack of jurisdiction. This happens exactly in the week where her election nomination was rejected by a returning officer because of this very case and SC refused to intervene and asked her to file an election petition in HC instead. So who will now ensure justice is done to her and institutional integrity maintained? @ECISVEEP@indSupremeCourt . ANYONE?? https://t.co/Hc7OwXOtel
>नाम सेजल पवार
>काम MBBS की पढ़ाई करना
>असली काम मरे हुए इंसानों के जननागों के बारे में घटिया जोक मारना
>जब हमने इनके कॉलेज की वेबसाइट पर जाकर इनका रिजल्ट खंगाला तो ��ाया कि मैडम ने ST कोटे से सीट कब्जा की है
>पवार नाम की कोई भी ST सेंट्रल लिस्ट में नहीं होते
>हाँ pawra या pawara नाम के ट्राइब भील सब केटेगरी में होते हैं,
>ऐसे में @CMOMaharashtra से अनुरोध है कि सेजल के ST सर्टिफिकेट की एक निष्पक्ष जाँच करवाकर सच सबके सामने लाया जाये,
>अगर उन्होंने फर्जी ST केटेगरी का फायदा उठाया है तो कठोरतम कार्यवाही हो
आज लखनऊ ईको गार्डन में छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन!!
मांग है-परीक्षाएं सही समय पर, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से हों, तथा पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों पर पूरी तरह रोक लगे।
ये कहा गया कि मैंने राज्यसभा नामांकन के फॉर्म 26 में जानकारी छिपाई।
फॉर्म 26 में इन बातों का ब्यौरा मांगा जाता है👇
⦁ राजनीतिक दल की जानकारी
⦁ मतदाता सूची में उम्मीदवार का क्रमांक
⦁ उम्मीदवार का फोन नंबर, ई-मेल आदि जानकारियां
⦁ PAN और इनकम टैक्स रिटर्न की जानकारी
⦁ संपत्ति और अन्य चीजों का विवरण
लेकिन वो बिंदु जिन पर ये सारी बातें शुरू हुईं, वो हैं 👇
⦿ उम्मीदवार के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों का विवरण
⦿ उन मामलों का विवरण जिसमें उसे किसी दंडनीय अपराध के लिए दोषी ठहराया गया हो
मैंने फॉर्म 26 में यही जानकारी दी कि मुझ पर ऐसा कुछ भी लागू नहीं है... क्योंकि मुझ पर एक लीगल नोटिस है, जिसका अदालत ने संज्ञान तक नहीं लिया है।
ऐसी जानकारी देने के लिए फॉर्म 26 में कोई कॉलम नहीं था, जिसमें कहा गया हो कि आपको प्राइवेट कंप्लेंट की भी जानकारी देनी होगी।
अगर ऐसा कोई कॉलम होता, तो हम ये सूचना जरूर देते।
ये बिल्कुल साफ है- न फॉर्म में कोई कमी थी और न ही मांगी गई कोई जानकारी छिपाई गई। जो भी जानकारी मांगी गई, वो फॉर्म 26 के तहत दी गई।
: मीनाक्षी नटराजन जी
📍 दिल्ली
राजस्थान के कोटा में सिजेरियन डिलीवरी के बाद पांच मांओं की मौत हो गई थी. अब जांच मे��� पता चला कि खून बहने से रोकने के लिए उन्हें जो इंजेक्शन दिए गए थे, उनमें ब्लड क्लॉटिंग कंपोनेंट नहीं था. इंजेक्शन में सिर्फ पानी था, जिस वजह से खून का बहना नहीं रुका.
यह सब कोटा के सरकारी अस्पताल 'न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल' में हुआ. पहले राजस्थान सरकार ने नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के इस्तेमाल से इनकार किया था. लेकिन अब राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर का कबूलनामा आ गया है.
प��री खबर: https://t.co/NiH75i7QC6
Kota | Pregnant Women death | Fake Injection
Kind attention: MP CM @DrMohanYadav51
Cc PM @narendramodi
“10 साल में एक लाख हेक्टेयर जंगल साफ: 1000 के स्टांप पर बिक रही आदिवासियों की ज़मीन, विरोध करने पर मर्डर; देखें पूरी रिप���र्ट...”
@DainikBhaskar
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर इस्तीफा देने का पर्याप्त दबाव था।
और इसमें शाबाशी उन युवा बच्चों -सिद्धांत, एथिकल हैकर निसर्ग और कई दूसरे बच्चों -को जाती है, जिन्होंने CBSE के ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम वाले मामले में शिक्षा मंत्रालय की गड़बड़ियों को पकड़ा और बड़े ही तार्किक तरीके से उन्हें एक्सपोज किया।
आप सोचिए, इन बच्चों ने जितने भी आरोप लगाए, उनमें से अधिकांश का जवाब शिक्षा मंत्रालय की तरफ से नहीं आया।
कुछ पत्रकार भी इस मामले में लगातार बहुत शानदार काम कर रहे हैं। उनमें से एक नाम HT के पत्रकार @MeSanjayy का है। इन्होंने कई गजब की सूचनाएं और फैक्ट बाहर न��काले।
विपक्षी पार्टियों के नेताओं और छात्र संगठनों ने भी अपने स्तर पर इस मुद्दे को उठाया। देश में कई जगह प्रदर्शन हुए। हमारे जयपुर में ही एक बड़ा प्रदर्शन हुआ था।
और फिर सोशल मीडिया पर तमाम लोग -अलग-अलग विचारधाराओं ��े, यहां तक कि भाजपा समर्थित हैंडल्स भी - इस मामले में लगातार शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने, दोषियों पर कार्रवाई और शिक्षा मंत्रालय में बड़े reforms की मांग करते रहे हैं।
फिर है एक Cockroach Janata Party नाम का एक घटना
शुरू हुआ अकाउंट हैक हो गया, सरकार ने अकाउंट withheld करा दिया, मुझे खतरा है जैसी पूरी विक्टिमबाजी हुई।
पूरा फोकस खुद पर करवाया। फिर तमाम तरह की theories मीडिया और सोशल मीडिया स्पेस में चलने लगीं - कि यह सब आम आदमी पार्टी का brainchild है, कुछ लोगों ने कहा कि सरकार खुद चाहती है ऐसा कुछ हो। फाउंडर और इसके कोर में जो लोग हैं उसका आम आदमी पार्टी से कनेक्शन पर बात होने लगी।
IAC 2.0 कहा जाने लगा।
फिर CJP ने प्रवक्ता नियुक्त कर दिए। उसके बाद प्रवक्ताओं की निजी प्रोफाइल पर चर्चा शुरू हो गई।
जंतर-मंतर पर होने वाले कार्यक्रम को लेकर अलग ही बात���ीत शुरू हो गई - पुलिस से अनुमति क्यों लेना है, आदि आदि।
कुल मिलाकर आज जंतर-मंतर पर जो हो रहा है, वो एक तरह से creator meet जैसा बन गया है, जहां से सबको कुछ-न-कुछ content मिल जाएगा।
और जो मुख्य मुद्दा था, वो कहीं पीछे धकेला जा चुका है।
Presenting #TeamIndia's newest T20I captain 🇮🇳
Congratulations to Shreyas Iyer as he takes the helm in the shortest format of the game 👏
@ShreyasIyer15
अगर ये बात सच निकलती है, तो यह कंपनी इतिहास का मदर ऑफ ऑल घोटाला साबित हो सकता है।
राजेश एक्सपोर्ट्स नाम की एक बहुत बड़ी कंपनी है, जिसका मुख्य का��� गोल्ड रिफाइनिंग और ज्वेलरी कारोबार से जुड़ा है। इस कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश मेहता हैं।
मामला यह है कि SEBI ने इस कंपनी और राजेश मेहता पर अपनी एक अंतरिम जांच में बड़ा आरोप लगाया है।
आरोप है कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच, यानी पांच वर्षों की अवधि में, लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के consolidated revenue को लेकर गलत जानकारी दी। यह कंपनी के कुल revenue का लगभग 97- 99% हिस्सा बताया जा रहा है। साथ ही फंड का गलत इस्तेमाल का भी आरोप है।
अब सोचिए, यह किस स्तर की संभावित धोखाधड़ी हो सकती है।
अब इस कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट यह है कि इसी राजेश एक्सपोर्ट्स में LIC की 10.8% हिस्सेदारी है।
आज जैसे ही यह खबर सामने आई, राजेश एक्सपोर्ट्स का शेयर 5% लोअर सर्किट पर पहुंच गया।
इसका असर LIC के शेयर पर भी पड़ा और वह 1% भी नीचे चला गया।
अगर जांच में ये आरोप सही साबित होते हैं, तो फिर एक बहुत बड़ा कॉरपोरेट फ्रॉड होगा ही साथ ही देश की वित्तीय निगरानी व्यवस्था और संस्थागत जवाबदेही पर भी गंभ���र सवाल खड़े करेगा। इतने बड़े स्तर पर इतनी बड़ी गड़बड़ी आखिर वर्षों तक नजरों से कैसे बची रही, यह अपने आप में बड़ा सवाल है।
LIC एक सरकारी कंपनी है, जिसमें देश के करोड़ों लोग भरोसे के साथ निवेश करते हैं। ऐसे में अगर इतनी बड़ी हिस्सेदारी रखने के बावजूद संभावित अनियमितताओं का पता नहीं चल पाया, तो यह आम निवेशकों के विश्वास को गहरी चोट पहुंचाने वाली बात होगी।
प्रयागराज में विवेक सर की कोचिंग एग्जामपुर को सील कर दिया गया। अब उनका ये वीडियो सामने आया है। वीडियो बेहद भावुक है।
आखिर में विवेक सर का रोना अखर रहा।