इतिहास गवाह है, जब आक्रांता हिंदुस्तान पर हमला करते थे तो वो जानते थे कि हिंदुओं की सबसे बड़ी ताकत उनकी धर्म निष्ठा है। इसलिए वो अपनी सेना के आगे गौ माता को खड़ा कर देते थे। उन्हें पता था कि हिंदू गौ माता पर वार नहीं करेगा, उसकी आस्था ही उसकी ढाल बन जाएगी और इसी का फायदा उठाकर वो हमें कमजोर करते थे।
आज वही चाल, वही तरीका नए ��ूप में दोहराया जा रहा है।
अखिलेश यादव उसी समाजवादी पार्टी के अध्यक्�� हैं, जिसकी पहचान ही बन गई है कि तुष्टीकरण के लिए हिंदुओं के खिलाफ फैसले लेना, हिंदू आस्था का अपमान करना और UP में कट्टरपंथी सोच को खाद-पानी देकर मजबूत करना।
चाहे रामचरितमानस पर सवाल उठाने वालों को शह देना हो, चाहे हिंदू त्योहारों पर रोक लगाने की वकालत हो, इनका इतिहास सबके सामने है।
लेकिन जैसे ही चुनाव आता है, ये वही लोग नकली जनेऊ, नकली टीका और नकली हिंदू प्रेम का चोला ओढ़कर निकल पड़ते हैं। मंदिर-मंदिर घूमना, खुद को हिंदू हितैषी बताना, ये सब सिर्फ वोट के लिए किया गया ढोंग है।
UP की जनता अब इन आक्रांताओं वाली चाल को समझ चुकी है हिंदुओं को ठगने का समय अब खत्म हो गया है। ये नकली रूप ज्यादा दिन नहीं चलेगा।
"हम जेल में थे, हमारे माँ बाप खत्म हो गए, दो भाई खत्म हो गए, उनके दाहसंस्कार के लिए भी नहीं निकलने दिया! जेल में हमको मारते पीटते थे! आज भी हम ठीक से चल नहीं पाते!"
-विष्णु तिवारी
बता दें कि विष्णु तिवारी को 20 साल तक जेल में फ़र्ज़ी SC/ST एक्ट लगाकर रखा गया!
और इनको 20 साल बाद, बाइज़्ज़त बरी होने के बाद भी आजतक कोई मुआवजा ��हीं मिला!
किसी इंसान की जिंदगी खत्म हो गयी, लेकिन सरकार ने एक पैसा नहीं दिया! जबकि करोड़ों rupye SC/ST एक्ट में दिये जाते हैं औऱ फ़र्ज़ी केस साबित होने के बाद भी वसूले नहीं जाते!
धन्यवाद इस मीडिया को विष्णु तिवारी की आवाज़ जनता तक पहुंचाने के लिए!