देवाधिदेव भगवान शिव की आराधना के पर्व महाशिवरात्रि की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
भगवान शिव की कृपा सभी पर बनी रहे।
#mahadev#Mahashivratri2026
भारत की पहली महिला शिक्षिका, सावित्रीबाई फुले जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
वंचितों और शोषितों के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष और सामाजिक न्याय की दिशा में उनका ��ोगदान सदैव हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।
राजस्थान सरकार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अविनाश गहलोत जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।
मैं ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना करता हूँ।
@AvinashGehlot_
भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें कोटि - कोटि नमन।
हर व्यक्ति को उसका अधिकार दिलाने तथा समानता, स्वतंत्रता, न्याय और भाईचारा बढ़ाने के लिए अम्बेडकर जी के विचार हमेशा प्रेरणा देते हैं।
#DrBhimRaoAmbedkar
उदयपुरवाटी विधानसभा से वर्तमान विधायक श्���ी @Bhagwanaram_INC जी सैनी को जन्मदिन पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं...
मैं ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना करता हूँ।
आज ज्योतिबा फुले को श्रद्धांजलि अर्पित करने के पश्चात विभिन्न मुद्दों पर मीडिया से वार्ता की :
ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले जी ने इस देश के इतिहास में अपना नाम दर्ज करवाया। उस ज़माने की आपने सुनी होंगी किस्से-कहानियाँ, किस प्रकार, जब शिक्षा को लेकर भी महिलाओं को पढ़ाना पाप समझते थे, उस जमाने में ज्योतिबा फुले–सावित्रीबाई फुले ने जो क्रांति की, कई तरह के दुर्व्यवहार को सहन किया, वह भी इतिहास में दर्ज है।
इस प्रकार के माहौल में उन्होंने काम किए थे। इसलिए आज के युग में भी उनको पूरा देश याद करता है। उनके जो सिद्धांत थे, जो सोच थी, उसको लोग अपनाते हैं। आजकल तो तमाम राजनीतिक पार्टियाँ उनका नाम लेने लग गई हैं।
तो आज वक्त आ गया है, वर्तमान के माहौल को देखते हुए ,मेरा मानना है कि ज्योतिबा फुले–सावित्रीबाई फुले के जो प्रिंसिपल्स और पॉलिसी थीं, उसी प्रकार से महात्मा गांधी के प्रिंसिपल और पॉलिसीज और डॉक्टर अंबेडकर के जो प्रिंसिपल, सिद्धांत और नीतियाँ थीं, इन सबको लेकर युवा पीढ़ी तक यह मैसेज जाए। उस जमाने से इस जमाने तक, आज़ादी मिलने तक क्या सोच थी, कैसे संविधान बना, कैसे महात्मा गांधी के सानि��्य में देश आज़ाद हुआ,तो ज्योतिबा फुले से लेकर अंबेडकर तक की जो सोच, प्रिंसिपल और पॉलिसी थीं, उनको नई पीढ़ी तक पहुँचाने का काम हम सबको करना चाहिए, मेरा मानना है ।तब जाकर नई पीढ़ी अपना खुद का इतिहास बना पाएगी।
वरना इस देश में चुनौतियाँ बहुत बड़ी हैं, धर्म के नाम पर, जाति के नाम पर और उसका मुकाबला करना आवश्यक है। इस देश में विभिन्न जातियों के लोग रहते हैं, विभिन्न धर्मों के लोग रहते हैं, विभिन्न बोलियाँ और भाषाएँ हैं।
ऐसे मुल्क को एक और अखंड रखना बहुत बड़ी चुनौती होती है, जिसके लिए इंदिरा गांधी ने जान दे दी, खालिस्तान नहीं बनने दिया। तो कहने का मतलब यह है कि वक्त आ गया है कि हम देश के फ्यूचर को देखते हुए, नई जनरेशन के माध्यम से यह बातें नई पीढ़ी तक पहुँचे कि किस प्रकार त्याग, बलिदान और समाज सुधार के काम हुए थे। तब जाकर नई पीढ़ी सक्षम होगी, इस भावना को आगे बढ़ाने के लिए।
ऐसे मौके पर आज हम उनको श���रद्धांजलि अर्पित करते हैं, और जो उनके फॉलोवर्स देशभर में हैं ��े भी मजबूती के साथ, जब कहीं मौका मिलता है, कमी नहीं छोड़ते उनके प्रति श्रद्धा के भाव प्रकट करने में।
यही आज के मौके पर हम कहते हैं कि संकल्प सबको करना चाहिए। हम लोग भी संकल्प करते हैं कि आने वाले वक्त में ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले, महात्मा गांधी और डॉक्टर अंबेडकर—इनके बताए रास्ते पर नई पीढ़ी कैसे चले, उसके लिए हम क्या-क्या प्रोग्राम बना सकते हैं वह भी हम प्रयास करेंगे बनाने का।
कर्नाटक को लेकर पूछे गए प्रश्न का जवाब :
इन बातों को हम लोग कमेंट नहीं करते हैं। हाईकमान अपने स्तर पर बातचीत कर रहा है। मीडिया में जो बातें आती हैं, वो सुनी-सुनाई आती हैं। वास्तविकता बिल्कुल डिफरेंट होती है। पार्टियों के अंदर क्या बातचीत होती है, क्या फैसले होते हैं,बाहर मीडिया जिस प्रकार से बताता है, अधिकांश वक्त में, मैं समझता हूँ, वह बातें सच्ची बात नहीं होती हैं।
इंटरनल अलग ढंग से फैसले होते हैं। ��ौन सा वादा किससे किया है, किस रूप में किया है यह किसी को मालूम नहीं होता है, और वो बातें चलती रहती हैं, न्यूज बनती रहती है। बाकी हाईकमान के ऊपर विश्वास सभी का है। सभी राज्यों के पीसीसी प्रेसिडेंट हों, मुख्यमंत्री हों उनका पूरा विश्वास रहता है हाईकमान पर। यह कांग्रेस की बहुत बड़ी खासियत है। पर फिर भी मीडिया में बातें चलती रहती हैं। होता कुछ और है और बताया कुछ और जाता है।
राज्य सरकार द्वारा पहले घोषणा करने और बाद में काम न होने से जुड़े प्���श्न का उत्तर :
यह आपकी सरकार है क्या यहाँ पर? सरकार तो है नहीं, सरकार नाम की चीज़ नहीं है। क्या घोषणाएँ करते हैं—भूल जाते हैं। दो बजट पेश कर चुके हैं मेरे ख्याल से, जूली साहब बताएँगे , जो दो बजट पेश कर चुके हैंउस पर तो कार्यवाही शुरू नहीं हो रही अभी।
हमारे वक़्त में जो फैसले थे ,सड़कों के हों, चाहे किसी संस्थाओं के हों, बिल्डिंगों के हों, वह काम भी आगे पूरी तरह नहीं बढ़ पा रहे हैं। यह खाली घोषणाएँ क���ने वाली सरकार है ये। काम क���छ नहीं कर रही है।
हम सबके आदरणीय, राजस्थान की विकास गाथा लिखने वाले, पूर्व मुख्यमंत्री श्री @ashokgehlot51 जी एवं सौम्य, सरल एवं सादगी की प्रतीक श्रीमती सुनीता गहलोत जी को वैवाहिक वर्षगांठ की हार्दिक शुभकामनाएं।
ईश्वर से प्रार्थना है कि आपका साथ अनंतकाल तक बना रहे।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम को वन-डे विश्वकप जीतने पर पूरे देश को हार्दिक बधाई। यह एक ऐतिहासिक क्षण है क्योंकि भारतीय टीम ने पहली बार विश्व कप जीता है। इस प्रतियोगिता में शुरुआती कठिनाइयों के बाद जैसी सफलता हासिल की है वह बेहद प्रशंसनीय है। मैं पूरी टीम को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं। @BCCIWomen
जोधपुर फलोदी के मतोडा में कोलायत बीकानेर से दर्शन कर लोट रहे माली सैनी समाज के 18 लोगों की सड़क हादसे में मौत की खबर बेहद हृदयविदारक एंव अत्यंत दुखद है, ईश्वर दिवंगत आत्मा को शान्ति प्रदान कर श्री चरणों में स्थान दे....
शोकाकुल परिवारों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।
#Dausa#बांदीकुई: RAS में चयनित कॉलेज शिक्षिका का हुआ अभिनंदन
अर्थशास्त्र की सहायक प्रोफेसर ईशा डांगी ने 142वीं रैंक की हासिल, बांदीकुई राजकीय कॉलेज में कार्यरत हैं स��ायक प्रोफेसर....
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