भारतीय ज्ञान-परम्परा से आधुनिक अनुसंधान की ओर एक ऐतिहासिक पहल
आपके आशीर्वाद से शिक्षा मंत्रालय के भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) विभाग द्वारा सेतुबंध योजना के लिए 3 क���ोड़ का अनुदान प्रदान किया गया है।
इस योजना के अंतर्गत 50 से अधिक गुरुकुल छात्रों को 18 विषयों में शोध एवं अध्ययन का अवसर मिलेगा। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के सहयोग से विद्यार्थी IIT, IIM, NIM सहित देश की प्रतिष्ठित शैक्षणिक एवं शोध संस्थाओं में जाकर आगामी तीन वर्षों तक अनुसंधान कार्य करेंगे।
यह पहल भारतीय पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान एवं अनुसंधान के बीच एक सशक्त सेतु का निर्माण करेग���।
आदरणीय प्रधानमंत्री महोदय के विकसित भारत और भारतीय ज्ञान-परम्परा को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करने के स्वप्न को उनके नेतृत्व में साकार करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
@EduMinOfIndia @shrivarakhedi @IKS_Media
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हमारा स्वप्न परम्परा से नवाचार की ओर, ज्ञान से ��िज्ञान की ओर।
संस्था के बीज-स्थापक के रूप में हमारे स्वप्न में ऐसा विश्वविद्यालय है, जहाँ प्राचीन भारतीय ग्रंथों में निहित वैज्ञानिक तत्वों का आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टि से अनुसंधान एवं रूपान्तरण हो।
जहाँ सूर्योपासना केवल आध्यात्मिक आस्था न होकर उसके बहुविध वैज्ञानिक आयामों के अध्ययन का विषय बने; जहाँ हमारी प्राचीन ज्ञान-परम्परा आधुनिक विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार से संवाद करे।
परम्परा हमारी जड़ें हैं, विज्ञान हमारा विस्तार और नवाचार हमारा भविष्य।
@shrivarakhedi
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कुलपति प्रो श्रीनिवास वरखेड़ी ने गुरुकुलीय शिक्षा पद्धति को समुन्नत करने के लिए उत्कृष्ट शास्त्र अध्ययन केन्द्र खोलने का प्रस्ताव रखा
-प्रो अजय कुमार मिश्रा @ProfAjayMishra
संयोजक मीडिया प्रकोष्ठ, आईकेएस प्रकल्प अधिकारी तथा पीआरओ,��ीएसयू, दिल्ली
आज केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय( सीएसयू ) @CentralSanskrit,दिल्ली के #कुलपति प्रो श्रीनिवास वरखेड़ी ने #सारस्वतसभागार में एक गठित समिति के समक्ष #गुरुकुलीय शिक्षा पद्धति को समुन्नत करने के लिए उत्कृष्ट शास्त्र अध्ययन केन्द्र खोलने का प्रस्ताव रखा ।
कुलपति प्रो वरखेड़ी ने इस अवसर पर कहा कि आधुनिक शिक्षा को गुरुकुल पद्धति के आधार पर भारतीय शिक्षा क�� मूल भावना को संरक्षित तथा संबर्धित किया जाना चाहिए । इसी लक्ष्य की संपूर्ति के लिए केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय अपने देव प्रयाग @CsuDevprayag तथा श्रृंगेरी @csusringeri स्थित परिसरों को चयनित करने के लिए प्रस्ताव रखा है । उन्होंने यह भी कहा कि गुरुकुल शिक्षा हमारी परंपरा का वह #वटवृक्ष की तरह है जिसके भारत की मूल #आकादमिकछाव में वास्तविक शिक्षा के स्वरूप को सुरक्षित तथा ऊर्जस्वित रखा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अपने मूल मार्ग पर चल कर ही अपनी पहचान को सुरक्षित रखते हुए निरन्तर सुदृढता से आगे बढ़ा सकता है ।
इस अवसर पर इस गुरुकुलीय शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के निर्माण तथा भावी योजनाओं पर भी अनेक चर्चाओं तथा महत्त्वपूर्ण प्रस्तावों को विद्वानों ने रखा ।
प्रो. एम.एम. झा, अधिष्ठाता, छात्र कल्याण तथा प्रभारी अधिष्ठाता, शैक्षणिक ने बैठक का संचालन तथा समन्वयन करते हुए समिति के प्रस्तावों को प्रस्तुत किया, जिनमें प्रमुख रूप से पाठ्य विषय निर्धारण, एकीकृत पाठ्यक्रम निर्माण, मेजर/माइनर पाठ्यक्रम व्यवस्था तथा जीई विषयों में पारंपरिक विषयों को प्राथमिकता देने संबंधी विषय आदि सम्मिलित थे। इन प्रस्तावों पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ और सर्वसम्मति से इन्हें अधिष्ठाता परिषद् ( बोर्ड औफ डीन)के समक्ष रखने का निर्णय लिया गया।
बैठक में प्रो. हंसधर झा (निदेशक, श्रृंगेरी परिसर) तथा प्रो. पी.वी.बी. सुब्रह्मण्यम (निदेशक, देवप्रयाग परिसर) सहित अन्य सदस्यों ने अपने सुझाव रखते हुए परम्परागत शास्त्रों की शिक्षा प्रणाली को वर्तमान में पुनर्स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। यह प्रस्ताव शास्त्र अध्ययन के केंद्रों को अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम कहा जा सकता है।
ध्यातव्य है कि राष्ट्रीय युवा दिवस ( विवेकानन्द जयन्ती) पर आयोजित प्रतिय��गिता में सफल छात्र छात्राओं श्रेष्ठा ( भोपाल परिसर ),शिशांक मिश्रा ( गुरु वायुर परिसर ), ब्रजकिशोर आचार्य (पुरी परिसर ),टेकचन्द, ( वेद व्यास परिसर) के अतिरिक्त कुलपति जी के विशेष अनुशंसा पर माधुरी देबार्म, (एकलव्य परिसर ), सप्तमी के एन ( श्रृंगेरी परिसर ) तथा पलक गुप्ता ( जयपुर परिसर ) को सीएसयू मुख्यालय में दो दिनों के लिए आमन्त्रित किया गया जिन्होंने शास्त्र अध्ययन केन्द्र से संबंधित बैठक में उपस्थित हो कर गुरुकुल खोले जाने के महत्त्व को लेकर अपने विचार रखें ।
ध्यातव्य है कि कुलपति जी की अध्यक्षता में सीएसयू के छात्र-छात्राओं के लिए एक नवीन प्रकल्प "प्रवास तथा संवाद "कार्यक्रम के अन्तर्गत इन छात्र छात्राओं को सम्मानित भी किया जाएगा ।आज कुलपति प्रो श्रीनिवास वरखेड़ी ने इन आमन्त्रित छात्र छात्राओं के साथ मिल कर अपने निवास पर प्रातः कालीन अल्पाहार भी किया और आज वे सभी कुलपति जी के निवास पर रात्रि भोजन पर भी आमन्त्रित हैं ।
प्रो मदन मोहन झा ने कहा है कि "प्रवास तथा संवाद" कार्यक्रम अपने आप में सीएसयू का एक बहुत ही महत्त्वाकांक्षी योजना मानी जानी चाहिए क्योंकि इसके माध्यम से छात्रों तथा छात्राओं और विश्वविद्यालय के उच्चस्थ अधिकारी( अधिकारियों )के बीच निकटता के साथ परस्पर वार्तालाप करना समय की मांग है ।
यह भी सूचनीय है कि सीएसयू के अधिकारियों के साथ कल अपराह्न में ये सभी छात्र छात्राएं , प्रधान मन्त्री @PMOIndia संग्रहालय ,संसद भवन , दि���्ली तथा इण्डिया गेट का भी आकादमिक @EduMinOfIndia तथा सांस्कृतिक @MinOfCultureGoI भ्रमण करेंगे @rashtrapatibhvn @PTI_News@ANI @IKS_Media @_DigitalIndia @oneindia @airnewsalerts @slbsnsu @NSUTirupati @vishwavidalaya @JNU_official_50 @jmiu_official @ugc_india @UniofDelhi @uniOFcalcutta @PypAyurved @PYPTUK @AmritMahotsav
श्री दयानिधि मारन
1. क्या संस्कृतभाषानुरागी करदाता नहीं है?
2. क्या संस्कृत के शिक्षक एवं अध्येता करदाता की श्रेणी में नहीं आते हैं?
3. क्या करदाता यह चाहते हैं कि उनके द्वारा दिया हुआ धन संस्कृत के विकास लिए खर्चा ना हो?
#DayanidhiMaranसंस्कृतद्रोही#Sanskrit_soul_of_India
#BharatiyaBhashaUtsav is celebrated on 11 December to promote linguistic & cultural diversity and multilingualism which is in alignment with the ambitious goals of #NEP2020.
#NCTE promotes multilingualism in strengthening teacher education. #BhashaUtsav2024#BhashaGyan#Sanskrit
त्रिंशद्- दिवसीय संस्कृत भाषा शिक्षण कार्यशाला निम्नलिखित लिंक् के माध्यम से पञ्जीकरण करें । पञ्जीकरण की अन्तिम तिथि 5.10.2023 ।
(यह कार्यशाला पूर्णतः ऑफलाइन रूप से होगी ।) https://t.co/jRM3nudpBF
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