लाख रुपए की बात कही है हनुमान जी ने...
जाट और बिश्नोई समाज के 40 विधायक और सात सांसद होने के बावजूद डॉक्टर राकेश बिश्नोई के मामले में न्याय पाने को 7 दिन लग गए। खास बात यह है कि इस आंदोलन में जाट और बिश्नोई समाज के सांसद विधायक और विभिन्न दलों से जुड़े युवा नेताओं ने सक्रिय रू�� से भागीदारी की। हनुमान जी ने इस आंदोलन को लीड किया और सफलता मिली। अब जिस समाज के सांसद विधायक नहीं हों तो सोचा जा सकता है कि उनकी आवाज उठाने वाला कौन होगा? और दुर्भाग्य से राजस्थान में ऐसा है भी। अनेक समाज ऐसे हैं जिनका लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा में बिल्कुल भी प्रतिनिधित्व नहीं है। ऐसे पीड़ित आमतौर पर बेबस होकर रह भी जाते हैं।
अब चलते हैं उदयपुर। डॉ राकेश बिश्नोई जैसी ही घटना उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में भी हुई है। वहां वाटर कूलर में करंट आने से नागौर संसदीय क्षेत्र के ही डॉक्टर रवि शर्मा की मौत हो गई। यहां न्याय और मदद की बात तो दूर है, मेडिकल कॉलेज प्रशासन यह मानने को ही तैयार नहीं है कि डॉक्टर रवि की मौत ��रंट से हुई है। डॉ रवि शर्मा ब्राह्मण समाज से हैं और ऐसा भी नहीं है कि ब्राह्मण समाज का लोकसभा विधानसभा और राज्यसभा में प्रतिनिधित्व नहीं हो। 10-12 विधायक भी होंगे ही और तीन सांसद भी हैं लेकिन मैं समझता हूं कि ये सभी कांग्रेस और भाजपा जैसी बड़ी पार्टियों के टिकट पर जीतकर आए हैं। उनका खुद का कोई जनाधार नहीं है। खुद की कोई स्वतंत्र सोच भी नहीं है और उनके पास संवेदनशीलता भी नहीं है। इस संबंध में तीन ��िन से घटनाक्रम धरना मार्च प्रदर्शन आदि चल रहे हैं लेकिन किसी का पहुंचना तो दूर किसी भी ब्राह्मण विधायक या सांसद का कोई ट्वीट तक देखने को नहीं मिला है। भले ही वे किसी भी पार्टी से हों। किसी भी समाज के पास ऐसे सांसद और विधायक होने से अच्छा है नहीं हों जो किसी को न्याय दिलाने के लिए लड़ नहीं पाएं, आवाज नहीं उठा पाएं।
हनुमान जी ने डॉक्टर राकेश बिश्नोई वाले प्रकरण से निपटने के बाद डॉक्टर रवि शर्मा ���े लिए भी ट्वीट किया है। सा�� ही उन्होंने उदयपुर जाने की बात भी कही है। इसके लिए हनुमान जी का आभार। उम्मीद है रवि शर्मा के परिवार को भी न्याय मिलेगा। रवि शर्मा महज 35 वर्ष के थे और उनके तीन व डेढ़ साल की दो बेटियां हैं।
@hanumanbeniwal
जिस जिस विधायक और सांसद को आप टैग करना चाहते हैं उन्हें जरूर कीजिए।
गत 18 जून को उदयपुर स्थित RNT मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक लापरवाही से चिकित्सक डॉ रवि शर्मा के साथ घटित हृदयविदारक घटना और उनकी असामयिक मृत्यु ने राज्य के सम्पूर्ण चिकित्स�� जगत को झकझोर कर रख दिया है।
साथ ही उसके पश्चात भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन की असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा कि चिकित्सक की दुःखद मृत्यु को वाटर कूलर में करंट आने से होना स्वीकार करने के बजाय कोई अन्य ही कारण दे कर मामले को रफा दफा करने का प्रयास उदयपुर मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा किया जा रहा है।
जिससे संपूर्ण राज्य का चिकित्सक वर्ग आहत और आंदोलित है।
माननीय मुख्यमंत्री महोदय @BhajanlalBjp जी और माननीय ��िकित्सा मंत्री महोदय @GajendraKhimsar जी से न्याय की उम्मीद 🙏