मूँगफली बेचने से हुई कमाई तक को आधार से जुडवाओगे पर अपनी-अपनी पार्टियों के देसी-विदेशी चंदे को जाँच से बचाओगे 😳? और कमाल ये कि ये सब छद्म करके भी क्रमश: राष्ट्रवादी, ईमानदार और धर्मनिरपेक्ष कहलाओगे ! वाह रे शर्मनिरपेक्ष रहनुमाओं और इनके कर्मनिरपेक्ष भक्तो ! 😳🤣🤣🙏🇮🇳
गरीबों के बैंक-खातों में कम पैसा होने पर बिना बताये जुर्माना काटा जा रहा है और अमीरों के अरबों-खरबों के उधार पर कोई सरकारी रोकटोक नहीं. क्या अमीरों का खाता ‘आधार’ से नहीं जुड़ा है, जो वो लगातार धोखाधड़ी कर रहे हैं और जो बैंक के पिछले दरवाज़े पर CCTV का दावा था, उसका क्या हुआ.