यदि देश का LOP नियम का पालन करते नजर आता तो सब सलाम करते पर अवैध तरीके से घुसपैठियों की तेरह sarkari sansthan me ghus जाए अपनी ड्यूटी करते guards के रोकने पर उल्टा fatkare, उसको घसीट कर ले जाने का दृश्य तो रोचक होगा, विदेशी Lop की हैसियत देखेंगे, जय हो.
Election commissioner को कोई मजबूरी नहीं है कि वे राहुल को मिलने की सहमति दे, यह call देश के LOP की नहीं है जब लांछनों के साथ matter SC सुन रहा है. यह इस समय अराजक तत्त्वों का जमावड़ा है illegal तरीके से सरकारी संस्थान पर कब्जा है इसे प्रोत्साहित करना होगा मांग मानना
एक व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री बनने का दावा कर्ता है और देश ���े सारे कानून नियम रोज तोड़ेंगे,आकाशवाणी भवन में घुस जाएंगे ,छल से निर्वाचन आयोग को gherenge. कभी यह व्यक्ती सत्ता में आ गया तो किसके घर पर कब्जा कर लेंगे अराजकता किस सीमा तक जा सकती है सोचो
Election commissioner ज्ञानेश्वर को तुरंत अरेस्ट किया जाए, पद से हटाया जाए की गुहार लगाने के बाद राहुल बाबा को क्यों मिलना है election commissioner से?राहुल के अनुसार तो वे currupt हैं उनसे मिलने के लिए आत्मा क्यों छटपटा रही है?