सुप्रीम कोर्ट के 27 मई, 2026 के फैसले से CEC ज्ञानेश कुमार के 'दिमागी उत्पाद'-SIR को निर्णायक मंजूरी और वैधता मिली! उस वक्त मुझ जैसे असंख्य भारतीयों को उस फैसले से बहुत निराशा हुई थी. वह फैसला अनुचित और हमारे लोकतंत्र के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था. आज पूरे देश में SIR और उसके प्रवर्तक CEC ज्ञानेश कुमार के विरूद्ध आवाजें उठ रही हैं. क्या सुप्रीम कोर्ट को अब अपने उक्त फैसले पर गौर करने की जरूरत नहीं है? Chief Justice Surya Kant and Justice Joymalya Bagchi क्या अपने उक्त फैसले पर पुनर्विचार करेंगे? मौजूदा परिस्थिति और परिदृश्य के मद्देनजर क्या वे स्वत:संज्ञान लेकर जरूरी हस्तक्षेप करेंगे ताकि डेमोक्रेसी को रौंदते इस SIR से देश को मुक्ति मिले!
धर्म हमारा सांस्कृतिक मामला है , नितांत निजी भी है और राजनीति लोकतांत्रिक तरीके से ही होनी चाहिए। सियासत में धर्म का जब हस्तक्षेप बढ़ता है तो दुनिया का कोई मुल्क हो, वह साम्प्रदायिकता, नस्लवाद / जातिवाद और तानाशाही के र���स्ते पर चल पड़ता है।
IIT Bombay में साहिल की "आत्महत��या" का सच सामने आना चाहिए! जो दोषी साबित हों, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. रिपोर्ट आने से पहले किसी का बचाव नहीं होना चाहिए. इस बीच, IITs, IIMs और देश के अन्य शीर्ष व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों को लेकर कई चिंताजनक तथ्य भी सामने आ रहे हैं. एक आंकडे में कहा गया है कि बीते दो दशक में देश के इन शीर्ष शिक्षण संस्थानों में 128 से ज्यादा प्रतिभाशाली छात्रों ने आत्महत्या की. इसमें 90 फीसदी से कुछ ज्यादा ही दलित-आदिवासी या ओबीसी रहे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सिर्फ 2018 से सितम्बर 2025 के बीच कुल 98 छात्रों की मौत दर्ज हुई. इनमें 39 IITs के अंदर हुईं.
NCRB के 2025 के आंकड��े के मुताबिक भारत में छात्रों द्वारा आत्महत्या के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. 10 अक्टूबर, 2025 की TOI रिपोर्ट में NCRB को उद्धृत करके कहा गया है कि 2013 में छात्रों की आत्महत्या के कुल मामले 8423 थे जो 2023 तक 13892 हो गये! यह आंकड़ा भी बहुत चिंताजनक है.
मा 0 अखिलेश जी ने नेताजी की संघर्ष की परम्परा को जीवित रखते हुए ,तमाम विपरीत परिस्थितियों के बाद भी उसे शिखर पर ले आए हैं, ये उनकी कमाई ��र राजनीतिक प्रबंधन और रणनीति रही है, जो कबीले तारीफ है, सपा मजबूत है सत्ता में घबराहट है।
मा 0 अखिलेश जी ने नेताजी की संघर्ष की परम्परा को जीवित रखते हुए ,तमाम विपरीत परिस्थितियों के बाद भी उसे शिखर पर ले आए हैं, ये उनकी कमाई और राजनीतिक प्रबंधन और रणनीति रही है, जो कबीले तारीफ है, सपा मजबूत है सत्ता में घबराहट है।
"@airtelindia@Airtel_Presence हम गाजीपुर के मोहम्मदाबाद तहसील से 5KM दूर (अपने गांव का नाम लिखें) के निवासी हैं। पूरा रिचार्ज होने के बावजूद पिछले 10 दिनों से नेटवर्क पूरी तरह गायब है। कृपया इस नेटवर्क डाउन की समस्या को तुरंत ठीक करें।"
"@airtelindia@Airtel_Presence हम गाजीपुर के मोहम्मदाबाद तहसील से 5KM दूर (अपने गांव का नाम लिखें) के निवासी हैं। पूरा रिचार्ज होने के बावजूद पिछले 10 दिनों से नेटवर्क पूरी तरह गायब है। कृपया इस नेटवर्क डाउन की समस्या को तुरंत ठीक करें।"
भाजपा के शीर्ष नेतृत्व वाली जोड़ी और महराज जी के बीच भारी अंतर्कलह जारी है, 2027 का यूपी ��िधान सभा चुनाव अबतक की राजनीति की सभी मान्यताओं को बदल देगा। विपक्ष की राजनीति पर भी इस स्वाभाविक बदलाव दिखेगा, लेकिन इस बार विपक्ष सजग है।
आजादी के 80 साल बाद भी भारत सरकार दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए छात्रावास नहीं बना सकी, मोदी सरकार से मांग हो कि छात्रों की संख्या के हिसाब से छात्रावास बनाए जाएं।
सुश्री बहन मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को जिस तरह तीसरी बार अपमानित किया है और उनके पद से हटाया है इन परिस्थितियों ��ें आकाश आनंद को अपनी नई पार्टी बना लेना चाहिए क्योंकि आकाश आनंद राजनीतिक सूझ बूझ वाले एक काबिल नेता हैं।