रविशंकर भारती चाहते तो अपनी बेटी को दुर्गा वाहिनी या संस्कार भारती जैसी महान संस्था में भेज सकते थे।
VHP के मुस्लिम विरोधी अभियान,चर्च जलाने जैसे कार्यों में लगा सकते थे।
पर उन्होंने अपनी बेटी को पढ़ने के लिए बॉस्टन यूनिवर्सिटी भेज कर जो त्याग कि��ा है, उसके लिये रविशंकर को युगों -युगों तक याद रखा जायेगा ।
@LambaAlka ✅इसीलिए महिलाओं को कम पढ़ाया लिखाया जाता है और उनके बुद्धिमत्ता से जादा उनके सौंदर्य को जादा महत्व दिया जाता है
लेकिन दुर्भाग्यवश यह बात हर जगह देखी जाती है
पुरषों से अधिक महिलाओं में अंधविश्वास भरा पड़ा है इन फ़र्जी डोंगी बाबाओं के प्रति-
कईं बार देखा गया है की पढ़ी-लिखी महिलाएँ भी पीछे नहीं हैं इन बाबाओं को भगवान मानने और इनके पाँव 🦶 धो कर पीने में - पूरा परिवार के महिलाओं को ऐसा करने से रोकने की बजाय उन्हें प्रोत्साहित करते दिखते हैं - इन सब का मानसिक इलाज ज़रूरी है.
एक बात महसूस कर रही हूँ , सबने (GenZ सहित) धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े से बात शुरू की , फिर बात नितिन गडकरी को छू कर निकल गई , फिर अमित शाह घिरते दिखे (विपक्ष के हाथों सबसे अधिक), लेकिन 2,3 के पीछे GenZ उतना नहीं पड़ा, जितना पीछे वह सीधे प्रधानमंत्री मोदी जी के पड़े हैं, अब तो GenZ के साथ Gen Alpha भी मैदान में है - दोनों ने मिलकर मोदी जी की नींदे उड़ा रखी है.
ये लगता है मोदी जी ये दोनों आपको छोड़ने वाले नहीं,आपको ये कभी माफ़ नहीं करने वाले,
20 जुलाई को आपके द्वारा इन्हें दिए गए ज़ख़्म बेहद गहरे जो हैं.
1st Video: GenZ
2nd Video: Gen Alpha