#কে_দেখেছেন_পরমাত্মাকে
600 সাল পূর্বে কবীর পরমাত্মা বিক্রমী সংবৎ 1455 (1398) -তে জৈষ্ঠ্য মাসের পূর্ণিমা তিথিতে কাশী শহরে লহরতারা সরোবরে অবতরিত হয়েছিলেন। আর কাশী-র নীরু-নীমা নামক নিঃসন্তান দম্পতি কে প্রাপ্ত হয়।
Kabir Is God
#কে_দেখেছেন_পরমাত্মাকে
600 সাল পূর্বে কবীর পরমাত্মা বিক্রমী সংবৎ 1455 (1398) -তে জৈষ্ঠ্য মাসের পূর্ণিমা তিথিতে কাশী শহরে লহরতারা সরোবরে অবতরিত হয়েছিলেন। আর কাশী-র নীরু-নীমা নামক নিঃসন্তান দম্পতি কে প্রাপ্ত হয়।
Kabir Is God
#WhoSawGod
कबीर जी चारों युगों में आते हैं।
*चारों युग देखो संवादा। पंथ उजागर कीन्हो नादा।।*
*कहां निर्गुण कहां सर्गुण भाई। नाद बिना नहीं चलै पंथाई।।*
(अनुराग सागर पृष्ठ 142)
कबीर जी अपने प्रिय शिष्य धर्मदास को समझाते हुए कहते हैं
Kabir is God
#WhoSawGod
कबीर जी चारों युगों में आते हैं।
*चारों युग देखो संवादा। पंथ उजागर कीन्हो नादा।।*
*कहां निर्गुण कहां सर्गुण भाई। नाद बिना नहीं चलै पंथाई।।*
(अनुराग सागर पृष्ठ 142)
कबीर जी अपने प्रिय शिष्य धर्मदास को समझाते हुए कहते हैं
Kabir is God
@1stIndiaNews@SaintRampalJiM#625वां_कबीरसाहेब_प्रकटदिवस
Kabir Parmeshwar ji appeared in the form of a child on a lotus flower in the Lahartara pond of Kashi in the Brahma Muhurta on Monday, on the full moon day of Shukla Purnima in the month of Jyeshtha, Samvat 1455 (A.D. 1398).
संत रामपाल जी महाराज
@1stIndiaNews#625वां_कबीरसाहेब_प्रकटदिवस
कबीर परमात्मा माँ के गर्भ से जन्म नहीं लेते, ना ही उनकी कोई पत्नी थी। क्योंकि वे तो सबके उत्पत्तिकर्ता हैं। ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 96 मंत्र 17 में प्रमाण है कि कविर्देव शिशु रूप धारण कर लेता है। लीला करता हुआ बड़ा होता है।
संत रामपाल जी महाराज
#Pali#सोजत: कबीर साहेब के 625 वें प्रकट दिवस पर 3 दिवसीय आयोजन
संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में हो रहा आयोजन, संत गरीबदासजी महाराज की अमरवाणी से अखंड पाठ, नि:शुल्क नाम दीक्षा व रक्तदान शिविर का भी होगा आयोजन...
#RajasthanWithFirstIndia
@1stIndiaNews 👉Kabir Prakat Diwas 14 June
सन् 1398 में ज्येष्ठ मास की पूर्णमासी को कबीर जी काशी के लहरतारा तालाब में कमल के फूल पर सशरीर प्रकट हुए थे उसी उपलक्ष्य में 14 जून को कबीर परमेश्वर का प्रकट ���िवस मनाया जाएगा।