@bstvlive अनुरोध है कि
जब तक भर्ती प्रक्रिया पूर्ण न हो जाए तब तक भर्ती बोर्ड में कार्यरत सभी कर्मचारियों के मोबाइल सर्विलांस पर डाले जाएं और बोर्ड में कैमरा हर कोने में लगाएं जाए
जिसकी मॉनिटरिंग चेयरमैन साहब करें 🙏
@upprpb@CMOfficeUP@dgpup
माननीय सांसद महोदय, @LaljiVermaSP
जनहित में निवेदन है कि ट्रेन संख्या 04217/04218 का ठहराव मालीपुर रेलवे स्टेशन पर कराया जाए। इससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को शिक्षा, रोजगार, चिकित्सा के लिए यात्रा में बड़ी सुविधा मिलेगी।
कृपया इस विषय में आवश्यक कार्रवाई कराने की कृपा करें
माननीय सांसद महोदय, @LaljiVermaSP
जनहित में निवेदन है कि ट्रेन संख्या 04217/04218 का ठहराव मालीपुर रेलवे स्टेशन पर कराया जाए। इससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को शिक्षा, रोजगार, चिकित्सा के लिए यात्रा में बड़ी सुविधा मिलेगी।
कृपया इस विषय में आवश्यक कार्रवाई कराने की कृपा करें
यूपी के युवाओं की #MannKiBaat
कि UPSI 4543 की भर्ती परीक्षा RO/ARO की तरह ऑफलाइन or एक दिन एक शिफ्ट में हो,
पिछली दरोगा भर्ती परीक्षा की तरह 18 दिन 54 में परीक्षा कराने के समर्थन में युवा नहीं है,
क्योंकि 54 shift में exam कराने के बाद भी कैदी दरोगा बना था
@UPGovt@upprpb
भारत के ऐसे भर्ती बोर्ड का नाम बताएं जो पहले तो कहता है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद नंबर दिखाएंगे ,फिर मुकर जाता है..... कमेंट्स में जवाब देते हुए टैग भी कर देना 🙏
#up_police_vacancy
महिला पुलिस कर्मी के लिए dress कोड है
महिला जज के लिए dress कोड है
तो महिला IAS, अध्यापिका, महिला क्लर्क के लिए dress कोड क्यों नहीं?
एक महिला IAS का सलवार कुर्ती और बिना दुपट्टा के क्षेत्र भ्रमण करना क्या प्रोफेशन के अनुरूप है
सरकार क�� dress कोड लागू करना चाहिए
@UPGovt
अरे नरेंदर, झुकना नहीं था!
पक्ष-विपक्ष को साथ में लेकर
पूरी बाजी हाथ में लेकर
सेना पूरे बल से लड़ी हो
बस दो कदम पे जीत खड़ी हो
लेकिन जब मौका आ जाए
तभी अचानक रुकना नहीं था
अरे नरेंदर, झुकना नहीं था!
पाकिस्तान को काट दिया था
दो टुकड़ों में बाँट दिया था
तब भी अमरीका आया था
मुझको भी डर दिखलाया था
मैंने उनकी एक ना मानी
मेरे खून में रुकना नहीं था
अरे नरेंदर, झुकना नहीं था!
य��द्ध विराम कराने वाला
या हमको धमकाने वाला
अमरीका होता ही कौन है
कायर वही जो रहे मौन है
तुमको भी डोनाल्ड मित्र से
डरना नहीं था, रुकना नहीं था
अरे नरेंदर, झुकना नहीं था!