श्रीमती कविता नरेन्द्र बजाज जी व अपनी शादी की सालगिरह के उपलक्ष्य में श्रीमती मनीषा अनुज वाजपेयी ने 11-11 हजार की राशि जरारूधाम गौ अभ्यारण्य के लिए प्रदान की।
नर्मदाखंड सेवा संस्थान की ओर से आभार।
साल में दो बार राशि देंने का निर्णय अभिनंदनीय है।
@NarendraBajaj8@anujbajpaidamoh
सेवक अपनी सेवा के धर्म को कभी नही भूलता और उसे हर परिस्थिति मे निभाता है
अपनी लोकसभा क्षेत्र में प्रवास के दौरान एक कार्यक्रम के लिए जा रहे माननीय मंत्री @prahladspatel जी रास्ते में एक दुर्घटना को देख तुरंत रुके और घायलों को अस्पताल पहुँचवाया।
@BJP4MP@PMOIndia@BJP4India
कल देर रात त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट पहुँचने पर @CWCOfficial_GoI , @CGWB_CHQ केरल, राष्ट्रीय अन्तर्विषयी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (NIIST) सहित @BJP4Keralam के पदाधिकारियों ने स्वागत किय��।
वन्य जीवों के बिना प्रकृति अधूरी है,प्रकृति को सुरक्षित रखने व वन्य जीवों को बचाने की जिम्मेदारी हम सबकी है।
मा. पीएम श्री @narendramodi जी के अथक प्रयासों से आज देश वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में अग्रसर है।
#विश्व_वन्यजीव_दिवस पर वन्यजीवों के संरक्षण एवं संवर्धन का प्रण लें।
आज @csir_niist में जाकर ���ूड लैब(खाद्य प्रयोगशाला)को देखा।हम गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं कि यह लैब Dioxins टेस्ट करती है ।मरीन प्रोडेक्ट एवं निर्यात के लिए इस टेस्ट का खर्च १लाख रू था जो अब २५ हज़ार हो गया ।सारे प्रोटोकॉल #niist के हैं निदेशक आनंद जी बधाई और शुभकामनाएँ ।@PMOIndia
मा.पीएम श्री @narendramodi जी का अभिनंदन करता हूं,उन्होंने 'लुक ईस्ट से एक्ट ईस्ट' का जो संकल���प लिया था उसने मूर्त रुप लिया है। उन्होंने चैतन्य समाज की स्थापना कर लोगों का जागरण किया, जिसके कारण वो विकास को देख पा रहे हैं। लोगों ने विकास को देखा और उसे स्वीकार किया।
@PMOIndia
दमोह के जमुनिया हजारी गांव में #विकास_यात्रा व मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना के कार्यक्रम में समिल्लित हुआ।
इस दौरान वरिष्ठ नागरिकों का अभिनंदन कर उन्नत नस्ल की दुधारू गायों हेतु पुरस्कार प्रदान किए।
सहयोग क्रीड़ा मंडल गोटेगांव के 39वें सोपान के समापन से पूर्व हजारों की संख्या में पधारे दर्शको का अभिवादन किया।
इस सफल एवं विशाल आयोजन में लगे सभी सहयोगियों साथियों का भी हृदय से आभार।
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परम पूज्य श्री श्री बाबा श्री जी द्वारा प्रदत्त विधियों पर चलने वाले निर्विकार पथ के पथिक की पहचान है-स्वंय विकारों से दूर रहना और समाज को विकारों से दूर रखने के लिए सतत कर्मशील रहना॥ॐश्रीमाँ॥