आज कुरुक्षेत्र के सिग्नस हॉस्पिटल पहुँचकर युवा जेजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष विशाल मुकीमपुरा जी को पुत्र रत्न की प्राप्ति पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
ईश्वर नन्हे राजकुमार को स्वस्थ, दीर्घायु एवं सुखमय जीवन प्रदान करें और उन्हें उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दें।
आज डबवाली हलके के मिठड़ी फार्म पर अपने परिवारजनों के बीच पहुंचकर उनसे मुलाकात की। अपनों का हालचाल जाना, उनकी बातें सुनीं और क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से संवाद किया, संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए मौके पर आवश्यक कदम उठाए।
डबल इंजन नहीं, डबल जिम्मेदारी चाहिए!
Mayor — BJP
MLA — BJP
MP — BJP
CM — BJP
PM — BJP
गुरुग्राम में सत्ता का ऐसा “पूर्ण बहुमत वाला मॉडल” है कि ऊपर से नीचे तक हर कुर्सी पर BJP ही BJP है…
एक बारिश और विश्वस्तरीय गुरुग्राम, तालाब-स्तरीय गुरुग्राम में बदल जाता है, सड़कें गायब, ट्रैफिक बेहाल, पानी घरों-दुकानों तक… लेकिन जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं!
जब MLA से लेकर PM तक आपकी सरकार, फिर जलभराव के लिए भी क्या विपक्ष जिम्मेदार है?
31 अगस्त को पंजाब यूनिवर्सिटी इलेक्शन 🗳️ है जहाँ अधिकतम मतदाता हरियाणा से संबंधित है, यह वोटर GenZ है। जो देश का भविष्य तय करेगा। बीजेपी को आईना दिखाने का सबसे सुनहरा मौका आया है💥 अगर बीजेपी यानी एबीवीपी को यहाँ हरा कर बाहर कर दिया जाए तो यह आवाज़ कल दिल्ली यूनिवर्सिटी तक जाएगी और वहाँ भी बदलाव का आग़ाज़ होगा। कुछ स्वयंभू नेता जो अपने आप को सबसे बड़ा मानते हैं उनको भी उनकी असलियत इस चुनाव में दिख जानी चाहिए क्योंकि बड़ी तो जनता है नेता नहीं 🙏🏽 वोट सोच समझ कर दें यूनिवर्सिटी के साथ-साथ देश को नई दिशा देने के लिए दें 🙏🏽
👓 वाले पर एक बात सटीक है -
“मुँह में राम, बगल में छुरी”
आज पंजाब विश्वविद्यालय चुनाव में बीजेपी की एबीवीपी से खुले आम समझौता कर लिया 🤣
और फिर कहेंगे - बी टीम तो दुष्यंत है 😜
शर्म करो - शर्म नहीं तो डूब मरो 🤐
भाजपा सरकार ने किसान के लिए फसल बीमा योजना को भी एक ऐसी व्यवस्था बना दिया है, जिसमें प्रीमियम किसान भरे और फायदा बीमा कंपनियां उठाएं। किसान ₹4,000 से ₹15,000 तक प्रीमियम दे रहा है, लेकिन पीछे फसल बर्बाद होने पर ₹127, ₹213, ₹235 और ₹426 जैसे क्लेम मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं, यह किसान की मेहनत के साथ मजाक नहीं तो और क्या है?
जिस योजना के प्रचार-प्रसार में ₹664 करोड़ रुपये खर्च किए गए, आज उसी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का हाल देखिए, पिछले सात साल में किसानों से ₹7,651 करोड़ का प्रीमियम लिया गया और फसल खराबे के नाम पर ₹7,000 करोड़ का भुगतान हुआ, यानी ₹650 करोड़ रुपये कंपनियों ने कमा लिए। ऊपर से वर्ष 2023 के करीब ₹161 करोड़ के क्लेम आज भी लंबित हैं। जब नियम के अनुसार 15 से 30 दिनों में भुगतान होना चाहिए, तो किसान को महीनों और सालों तक अपने हक के लिए इंतजार क्यों करना पड़ रहा है?
हरियाणा प्रदेश में लगभग पौने दो लाख किसान बंधुओं ने यह योजना छोड़ दी और सबसे बड़ा सवाल पिछले दो साल में PMFBY से बाहर होने वाले टॉप-6 राज्यों में ज्यादातर भाजपा शासित राज्य हैं। अगर योजना इतनी ही शानदार है, तो किसान इसे छोड़ क्यों रहे हैं?
जन-जन अभियान के तहत कल तोशाम और लोहारू हलके में अपने परिवारजनों के बीच पहुंचने का अवसर मिला।
अपनों से मिलकर उनका हालचाल जाना, उनकी बातें सुनीं और क्षेत्र के मुद्दों पर खुलकर संवाद किया। अपने लोगों के बीच मिल रहा अपनापन, आशीर्वाद और विश्वास ही इस अभियान की असली ताकत है।
इस दौरान दर्जनों परिवारों ने दूसरे राजनीतिक दलों को छोड़कर जननायक जनता पार्टी में आस्था जताते हुए जेजेपी का दामन थामा। सभी नए साथियों का दिल की गहराइयों से स्वागत करता हूं। आपका जुड़ना हमारे परिवार और संघर्ष को और मजबूत करता है।
आपका विश्वास और आपका साथ ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। आइए, हम सब मिलकर जन-जन की आवाज़ को और मजबूती से बुलंद करें। 🙏🏽
भीम स्टेडियम, भिवानी की बदहाल स्थिति देखकर चिंता हुई। हमारे खिलाड़ी मेहनत और प्रतिभा में किसी से कम नहीं हैं, लेकिन उन्हें बेहतर सुविधाएं और संसाधन मिलेंगे, तभी वे अपनी प्रतिभा को और निखारकर आगे बढ़ पाएंगे।
मौके पर प्रशासन से बात कर स्टेडियम की व्यवस्थाओं में सुधार करने और खिलाड़ियों की समस्याओं का जल्द समाधान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।
जन-जन अभियान के तहत आज भिवानी और बवानी खेड़ा हलके का दौरा किया। इस दौरान क्षेत्र के अपने परिवारजनों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं, सुझावों और भावनाओं को करीब से जाना।
अपनों से सीधा संवाद और उनके बीच रहकर उनकी आवाज़ को मजबूती से उठाना ही जन-जन अभियान का उद्देश्य है। 🙏🏽
आज कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में दिन की शुरुआत पौधारोपण से की। इसके बाद कक्षा में शामिल हुआ और फिर कैंटीन एवं हॉस्टल मेस में साथियों से मुलाकात हुई।
वैसे तो कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अनेकों बार आना हुआ है, लेकिन आज पहली बार यहां एक छात्र के रूप में आने का अनुभव बेहद खास रहा। विश्वविद्यालय को इस बार एक नए नजरिए से देखने और छात्रों के बीच बैठकर उनकी बातें सुनने का अवसर मिला।