अपने पैर हमारे कंधे पर रख कर मूसल🍌बच्चेदानी तक लेती हैं। और चीखती इतनी जोर जोर से हैं कि की लुल्ली तक कांप जाती है।
इन रसीली चर्बीदार 🧡 घोड़ी को दरिंदों की तरह रगड़ के अपनी प्रॉपर्टी बना लेते है
मेरी जैसीचर्बीदार संस्कारी औरत केवल ब्लाउज का ���ुक खोलकर, पल्लू गिराकर रखने स��� कामुक नहीं होती खुश्बूदार चू त के ऊपर जालीदार पैन्टी और जालिमो का मूसल मुँह से झाड़ देने की कला से आकर्षन युक्त💚 होती है।🧡
��ू त में गरम मूसल डलवाकर हचक हचक के पिलवाने के बाद संस्कारी कहलाती है