14 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे मेरे साथ आज पुलिस द्वारा धक्का-मुक्की और बलपूर्वक रोकने की कोशिश की गई। मेरे साथ मौजूद साथियों के साथ ���ी पुलिस द्वारा मारपीट की गई।
कई दिनों से भूखा होने के बावजूद मैं अपने अधिकार और जनता की आवाज़ के लिए खड़ा हूँ। हमें इस तरह रोककर हमारी आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।
#devendranathmahto
#JharkhandProtest
#JharkhandStudentProtest
हमार मन की बात
Gen Z ने को शिक्षा लेकर जो आंदोलन और सर्जिकल स्ट्राइक किया उसका फायदा हम सबने देख लिया और हर लोगो ने महसूस भी किया।
मेरा दिल से गुज़ारिश की अब सब को Gen Z के साथ मिलकर हेल्थ सिस्टम पर सुधार के लिए इक्कठा आवाज उठाना चाहिए।
आज के तारीख़ के अगर आपका हेल्थ इन्शुरन्स नहीं हैं तो आप प्राइवेट हॉस्पिटल में कदम नहीं रख सकते और छोटे शहर के सरकारी हॉस्पिटल का हाल हम सबको पता हैं। हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी और हॉस्पिटल का नेक्सस इतना मजबूत हैं की आप उनके चक्रव्यूह से वापिस नहीं निकल सकते हैं।
परिवार के एक सदस्य का बीमारी प��रे परिवार को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ देता हैं। और ऊपर से इन प्राइवेट हॉस्पिटल , इन्शुरन्स कंपनी और मेडिसिन कंपनी ��ा मार आपको जिंदगी भर के लिए पीछे धकेल देता हैं।
शायद मेरा ये मन की बात आपको तब तक अच्छा नहीं लगेगा जब तक आपके किसी नजदीक के साथ ऐसा नहीं हुआ हो लेकिन मेरी मानिए , ये कहानी हर घर की हैं।
सब मिलकर अगला आवाज इसपर उठाइए। मैंने पहले भी उठाया हैं और आगे भी साथ दूँगा इस मुद्दे पर 🙏🏻
खुशबू पाठक पर थप्पड़ मारने वाला नितिन नवीन का करीबी हैं ?
भाजपाई महिला का कितना सम्मान करते हैं वो आप वीडियो देख सकते हैं, कार्यकर्ता नहीं गुंडे है ये !
भाजपाई मर्द नहीं नामर्द हैं...
एक भारत ही ऐसा है जहां इंसान को इंसान नहीं समझा जाता। VIP क़ाफ़िले के समय तो पुलिस वाले आम लोगों के साथ ऐसा व्यवहार करते हैं मानों वे कीड़े मकोड़े हों! बारिश में बस स्टैंड के शेल्टर में खड़े लोगों को भगा दिया!
दृश्य जयपुर का है।
प्रदर्शन ख़त्म हो गया, मीडिया के कैमरे चले गए, उसके बाद सूने पड़े जंतर मंतर की सफाई की सेवा इस तरह की गई। इससे पार्टी को वोट नहीं मिलना क्योंकि सड़कें वोट देने नहीं आतीं, लेकिन शाबाशी तो मिलनी चाहिए @CongressSevadal के कार्यकर्ताओं और संगठक @srinivasiyc को
साहिल के बदन पर ज़ख्म ही ज़ख्म हैं, और एक आँख से उसे कुछ दिखाई नहीं दे रहा।
क्योंकि मोदी सरकार की दिल्ली पुलिस ने उसे pellet gun से निश��ना बनाया - सिर्फ़ अपना हक़ और इंसाफ मांगने के लिए। दिल्ली पुलिस से चोट खाने वाले हज़ारों ऐसे और बच्चे हैं।
मोदी जी, अपने अपराध की माफ़ी मांगिए, गुनहगारों को सजा दिलवाइए और भ्रष्ट धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त कीजिए।
पेपर लीक के फायदे सुनो -
“पेपर लीक होने से बच्चों को पढ़ने का और ज़्यादा वक़्त मिल गया”
इस तर्क से तो इनकी कुर्सी भी जानी चाहिए ताकि इनको कुतर्क से मुक्ति के लिए वक्त मिल सके।
India's youth-led protest movement is demanding the resignation of Education Minister Dharmendra Pradhan, but PM Narendra Modi's refusal to sack him reflects a broader pattern of standing by ministers embroiled in major controversies.
🔗: https://t.co/6sjuq7ZyDY