Dear @EtihadHelp, Good Evening. Confirmed booking BOM-AUH-FRA on 18 Mar 2026. Is it operating under limited schedule? Kindly confirm status/options. Will it depart? If cancel, refund possible? (Booked 3 Mar). Thanks for help! 🙏
Thanks! 🙏
मंडल जी एक बात बताए ब्राह्मण ग्रंथों में ही क्यो बुद्ध विरोध, बुद्ध के लिए गाली, बुद्धिस्ट प्रजा को मारने काटने के लिए विष्णु का दसवा अवतार कल्कि (कल्कि पुराण)को लेना पड़ा। वाल्मीकि रा���ायण में अयोध्यकांड सर्ग 109 में बुद्ध को क्यो गाली देनी पड़ी?
और भविष्य पुराण में अकबर को शंकराचार्य गोत्र का ब्राह्मण घोषित करना पड़ा?
मुस्लिम डिस्ट्रॉय कर रहे थे तो उनका दरबारी नौरत्न बनने की जरूरत क्यो पड़ी?
इसको कब प्रकाश में लाएंगे?
कुंभ पर पहला हक किसका?
7 वी सदी में ह्यूएनसंग ने लिखा । सम्राट शिलादित्य (हर्षवर्धन) अपने पुरखों की भाँति संगम प्रयाग में जाते और पहल��� दिन तथागत बुद्ध की मूर्ति सुसज्जित कर बहुमूल्य रत्नों की भेंट करते तथा समस्त धन भिखुओ में तथा जरूरतमंदों में बांट देते थे।
यानी जवाब है #कुंभ_पर_पहला_हक_बुद्ध_का है।
यहाँ ख़ास बात यह है की सम्राट हर्षवर्धन यह नियम अपने पुरखों की ही तरह करते आ रहे थे और इसलिए पयाग(प्रयाग) का दूसरा नाम महादान भूमि था।
रिफरेन्स का कुछ हिस्सा संलग्न है ख़ुद पढ़ लेवे और गर्व करे की हम भारतीयो का इतिहास कितना खूबसूरत रहा है।
Mythakon se Vigyan tak: Brahmand ke vikas ki badalti kahani
A book by Gauher Reza a scientist a rationalist and a poet . If you have any desire to look at the old beliefs and superstitions objectively . If you’re interested in knowing why n how you are here , Read this book
भारतीयो को बुद्धिस्ट से हिंदू कब और क��सने बनाया?
जवाब अच्छे से समझे- भारत में 28 बुद्ध का जिक्र मिलता है। बुद्ध से पूर्व 27 बुद्ध का जिक्र मिलता है पुरातत्व सबूत हो या नालंदा विश्विद्यालय के छात्र सब इसकी ग्वाही डंके की ��ोट पर दे रहे है ।
#बुद्ध के समकालीन सभी राजाओ के #पूर्व_बुद्ध के बाद #तथागत_बुद्ध की शरण में आने के सबूत मिलते है । #सम्राट_असोक के समय पूरा जम्मुदीप ही बौद्धमय बन चुका था। फिर उसके बाद मुस्लिम के आने के पूर्व जितने भी राजा बने सभी #सम्राट_असोक के बनाये #धम्म_संविधान के आधार पर जम्मुदीप पर शासन करते रहे ।
आज भी भारत के समस्त राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह मौर्य राजाओ के बनवाये धम्म चिह्न ही है इससे पता च��ता है की बौद्ध राजाओ ने भारत को अपने खून पसीने से सींचा है सवारा है और इसलिए उनके ही धम्म प्रतीक, आजाद भारत के राष्ट्रीय प्रतीक है ।
तो सवाल अब यह है जब न हमने धर्म परिवर्तन किया न ही हमारे पुरखों ने तो फिर जब हमसभी बाय डिफॉल्ट बुद्धिस्ट ही है तो कौन और क्यो हमे हिंदू और भारत को हिंदुतान कहके हमारी सभ्यता संस्कृति को बदलने का प्रयास कर रहा है?
ब्राह्मण संप्रदाय में शास्त्र ह�� प्रमाण है जबकी बुद्ध धम्म में शास्त्र तब तक प्रमाण नहीं माना जाता जबतक की वो तर्क बुद्धि विवेक पर खरी न उतरे।
यानी कोई किताब खोल कर सबूत दिखाए तो ब्राह्मण संप्रदाय में सबूत मान लिया जाएगा लेकिन बुद्ध धम्म में तब तक उसे सबूत नहीं माना जाता जब तक कि वो मानवता की भलाई के लिए न हो।
रेफ़्रेंस संलग्न है ख़ुद पढ़ लेवे।
भगवत गीता में कृष्ण वर्णव्यवस्था के घनघोर समर्थक है। अर्जुन नियोग से क्षत्रिय कुल में जन्म लिया है(डिटेल्स के लिए आदिपर्व महाभारत पढ़े ) वो लड़ाई के मैदान में गृहयुद्ध से बचना चाहता है लेकिन कृष्ण उसे गीता का उपदेश देते है की वर्ण व्यवस्था मैंने बनायी है और तुम्हें अपनी जन्म वाले वर्ण का पालन करना पड़ेगा ।
चैप्टर 18 में तो कृष्ण ये कह जाते है की अपने धर्म (वर्ण) दोषपूर्ण हो तो भी अपने धर्म यानी वर्ण का पालन करना चाहिए ।
अब सोचने वाल��� बात यहाँ यह है की आज ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य अपने अपने वर्ण के कार्य छोड़ कर हरेक काम कर रहे है जहाँ पैसा पद प्रतिष्ठा मिले वहाँ काम कर रहे है पर ज्ञान ��हुजनों को दे रहे है की गीता मानो कृष्ण की बात मानो ।
और कुछ तो ऐसे है जो वर्ण जन्म से नहीं कर्म से बता भगवत गीता के कृष्ण के उद्देश्य को ही ग़लत साबित करने की चेष्ठा में लगे है।
हनुमान जी ��ब लंका पहुचे तो उन्हें रावण द्वारा लगवाये अशोकवाटिका (असोकवाटिका) में बैठी सीता जी मिली।(वाल्मीकि रामायण, बालकाण्ड प्रथम सर्ग)
कमाल की बात है रावण भी वाटिका सम्राट अशोक के नाम पर लगवाया था?
चौक गए ?
अरे भाई रावण बुद्धिस्ट था, पांचवी सदी का लंकावतार सूत्र ��ें भी लिखा है लंकावतार सूत्र के 4 अलग अलग मेनुस्क्रिप्ट 7 , 8 वी सेंचुरी के मिल चुके है । रावण पूर्व बुद्ध को मानता था तो सम्राट असोक के नाम पर अशोकवाटिका भी बनवा रखा था ।
अब कुछ लोग कहेंगे की ये तो काल्पनिक कहानिया है तो हा भाई काल्पनिक ही है लेकिन शब्दावलियों को पकड़े ।
लेखक ने वाल्मीकि रामायण जब भी लिखा उसके सम्राट असोक के बनवाये लोक कार्य के विकल्प शब्द नहीं मिल
सका इसलिए लंका में अशोकवाटिक��� लिखना मजबूरी बन गया । आख़िर सम्राट असोक ही तो अपने बेटे बेटी को सिलोन भेजे थे साथ में बोधि पेड़ भी गया था।
उससे भी कमाल की बात है रावण अगर वेद ज्ञानी होता तो रावणवाटिका या वैदिक वाटिका या हिंदू वाटिका या सनातन वाटिका या बगीचा, बाग इत्यादि लिख लेता?पर लिखता कैसे क्योकि उस समय आम जनमानस में सम्राट असोक की बनवायी अशोकवाटिका की फेमस थी। और फिर वो ठहरा बुद्धिस्ट ।
अब लगे हाथ कोई ये मत कह देना की अशोकवाटिका वैदिक ब्राह्मण लगवाते थे क्योकि ��ेद उपनिषद स्मृतियों में अशोकवाटिका का नामो निशान तक नहीं है और कुबेर जिसने लंका बनायी थी वो महायान में ऑल रेडी पाया ही जाता है ।
लेकिन सवाल अभी वही है कि हनुमान जी के लंका पहुचने से पहले ही सम्राट असोक की अशोकवाटिका लंका में अवेलेबल थी तो फिर वाल्मीकि रामायण कब लिखी गई ? क्यो वाल्मीकि रामायण में बुद्ध की, शको की कंबोजो की म्लेच्छों की और तो और तोप की चर्चा है ?
रिफरेन्स का कुछ हिस्सा संलग्न है आप ख़ुद पढ़ लेवे ।
प्रश्न: क्या वाल्मीकि ने ही नारद से सुनी थोड़ी बहुत कहानी में मिलावट कर वाल्मीकि रामायण ख़ुद की कल्पना के आधार पर लिखी?
जवाब: वाल्मीकि रामायण की सुरुवात ही इस बात होती है की वाल्मीकि धरती के किसी श्रेष्ठ पुरुष के बारे में नारद से पूछते है और नारद कही से राम की सुने होते है वही उन्हें बहुत ही संक्षिप्त में सुनाते है । इसमें खास बात यह होती है की राम के चौथे भाई सत्रुध्न की चर्चा नहीं आती जैसे की दशरथ जातक या तमाम बुद्धिस्ट देशों की रामायण में है वहाँ भी राम का कोई चौथे भाई है ही नहीं ।
अब सवाल यह पैदा होता है की नारद ने यह कथा कहाँ से सुनी थी ?
रिफरेन्स का कुछ हिस्सा संलग्न है पढ़ लेवे ।
Chandrayaan-3 Mission:
'India🇮🇳,
I reached my destination
and you too!'
: Chandrayaan-3
Chandrayaan-3 has successfully
soft-landed on the moon 🌖!.
Congratulations, India🇮🇳!
#Chandrayaan_3#Ch3
Chandrayaan-3 Mission:
All set to initiate the Automatic Landing Sequence (ALS).
Awaiting the arrival of Lander Module (LM) at the designated point, around 17:44 Hrs. IST.
Upon receiving the ALS command, the LM activates the throttleable engines for powered descent.
The mission operations team will keep confirming the sequential execution of commands.
The live telecast of operations at MOX begins at 17:20 Hrs. IST
आज अपने मंत्रिमंडल के माननीय सदस्यों के साथ स्पेशल स्क्रीनिंग में 'The Kerala Story' फिल्म देखी।
इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों का हार्दिक अभिनंदन एवं उन्हें शुभकामनाएं!
My Friend @GandhiSohamj7 , Great to see you on Timeline ..#keralastory Trailer has come as Surprise to Audience..It has open Eyes, Open Debates & open Discussion all over on Social media..Waiting for 5th May,How much Execution they has delivered??..#Adahsharma act looks powerful!