#BREAKINGNEWS: CJP ने 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है। CJP का आरोप है कि 25 जुलाई को युवाओं से किए गए वादों को सरकार ने पूरा नहीं किया, जिसके बाद युवाओं ने भरोसे के साथ अपना राष्ट्रव्यापी विरोध वापस लिया था। यह मार्च इंडिया गेट से शुरू होकर नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक जाएगा। मार्च का नेतृत्व कथित तौर पर मृत NEET पीड़ितों और पुलिस बर्बरता के पीड़ितों के परिवार करेंगे। इसमें देशभर से छात्रों, युवा संगठनों और युवाओं के शामिल होने की उम्मीद है।
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टेम्पो चलाता था, नौटंकी में नाचता था पिछड़े दलित के वोट से विधायक मंत्री बन गया
इसके बेटे भी करोड़ो की गाड़ी से चल रहे है अब इसको आर्थिक आधार पर आरक्षण चाहिए
पिछड़े दलित अबकी बार इसको सबक सिखायेंगे
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद शिवपाल सिंह यादव ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, “2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार पूर्ण बहुमत के साथ बनने जा रही है।”
महाराष्ट्र: 70 हजार रुपये का कर्ज चुकाने के लिए महाराष्ट्र के एक गुड़ प्लांट में मजदूरी करने गए लखीमपुर खीरी (ईसानगर) के 25 वर्षीय युवक दानिश की खौलते गुड़ की कढ़ाई में गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। 21 अगस्त की दोपहर चक्कर आने के कारण संतुलन बिगड़ने से दानिश खौलते गुड़ की कढ़ाई में जा गिरा और करीब एक मिनट तक तड़पता रहा।
साथी मजदूरों ने कड़ी मशक्कत और अपनी जान जोखिम में डालकर उसे कलछी व हाथों के सहारे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसके शरीर की पूरी खाल उतर चुकी थी। अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
शनिवार को शव मूड़ी गांव पहुंचने पर परिजनों ने साथी मजदूरों पर आशंका जताते हुए हंगामा किया। हालांकि, ईसानगर पुलिस द्वारा प्लांट की सीसीटीवी (CCTV) फुटेज दिखाने के बाद स्थिति स्पष्ट हुई कि घटना एक हादसा थी। पुलिस के अनुसार, इस संबंध में परिजनों की ओर से फिलहाल कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
मैं तो समझता था कि योगी आदित्यनाथ ने केवल "आरक्षण की आग में सुलगता देश" लेख ही लिखा है... आज पता चला कि वो मनुस्मृति के भी समर्थक हैं!
शायद इसीलिए योगी आदित्यनाथ सामंतवादियों, वर्चस्ववादियों और जातिवादियों के प्रिय हैं!
अखिलेश यादव देश के इकलौते नेता है जिन्होंने योगी सरकार के आरक्षण सुधार का खुलकर विरोध किया
जब बीजेपी वाले 400 पार सीट करके संविधान बदलने की बात कर रहे थे तब अखिलेश यादव ने यूपी में उन्हें 33 सीट पर समेट कर बैसाखी पकड़ा दी
इसी काम के लिए PDA जनता ने इन्हें अपना नेता चुना है जिसपर अखिलेश यादव पूरी तरह खरे उतरें है।
अखिलेश यादव ने PDA समाज में एक विश्वास पैदा किया है की उनके रहते आरक्षण और संविधान से कोई छेड़छाड़ नहीं कर सकता